तीन बच्चों समेत जूता कारीगर को जिंदा जलाने की कोशिश, कपड़े से बंधे मिले थे हाथ-पैर
- चीख-पुकार पर दौड़े आसपास के लोगों ने जान बचाई, हाथ-पैर कपड़े से बंधे मिले थे
- ग्रामीणों ने चारों को एसएन हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जांच में जुटी पुलिस
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आगरा जिले के थाना मलपुरा के धनौली नगला भगत में शनिवार की रात करीब 12:00 बजे घर में सो रहे जूता कारीगर और उसके तीन बच्चों को किसी ने जिंदा जलाने की कोशिश की। इससे चारों झुलस गए हैं। मकान में उठती लपटें और चीखें सुनकर आसपास के दौड़े लोगों ने चारों की जान बचाई।
ग्रामीणों को जूता कारीगर के हाथ-पैर और मुंह कपड़े से बंधा मिला। जूता कारीगर का आरोप है कि किसी ने मिट्टी का तेल छिड़ककर उसको और बच्चों को आग लगाई है। पड़ोसियों ने थाना मलपुरा पुलिस को सूचना देकर एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
नगला भगत धनौली में सोनू (35) जूता कारीगर है। उसने बताया कि वह शनिवार की रात वह अपनी बेटी खुशी (10), शिवानी (7) और बेटे निशांत (6) के साथ घर पर सो रहा था। पत्नी घर पर नहीं थी।
रात 12 बजे की है घटना
पड़ोस में रहने वाले रामनिवास के अनुसार रात करीब 12:00 बजे उसके चीखने की आवाज आ रही थी। तब वे उठकर बाहर निकले, तो सोनू के मकान से धुआं दिखाई दे रहा था। वह मौके पर पहुंचे तो सोनू का मुंह और हाथ-पैर कपड़े से बंधा हुआ था।
घर के अंदर आग लगी थी। सोनू और उसके बच्चे झुलसे हुए चीख रहे थे। इस दौरान आसपास के अन्य लोग भी आ गए। सभी ने किसी तरह इन चारों को बाहर निकला। एसएन हॉस्पिटल आगरा में भर्ती कराया। साथ ही थाना मलपुरा पुलिस को सूचना दी।
सोनू ने पुलिस को बताया है कि कुछ लोगों ने उसके ऊपर मिट्टी का तेल डाल कर जलाने का प्रयास किया है। बताया जाता है कि सोनू की पत्नी एक जनवरी से कहीं चली गई है। इसे लेकर सोनू की गांव के ही कुछ लोगों से झगड़ा चल रहा है। थाना मलपुरा प्रभारी अनुराग शर्मा ने बताया है कि मामला संज्ञान में है। प्रकरण की जांच की जा रही है।