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उदय स्वरूप को कोर्ट से एक और झटका
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Sep 2016 12:17 AM IST
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अदालत ने अग्रेतर विवेचना की अर्जी खारिज की
- फोटो : file photo
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दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की छात्रा नेहा शर्मा हत्याकांड के मुख्य आरोपी उदय स्वरूप की अग्रेतर विवेचना की अर्जी खारिज कर दी है। चार्ज पर सुनवाई के लिए चार अक्तूबर की तारीख मुकर्रर की गई है।
इस मामले में शुक्रवार को कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों ने बाल की खाल निकाली। दरअसल, मौका ए वारदात से मिले नेहा और उदय के बालों की फोरेंसिक जांच कराई गई थी। इसके अलावा नेहा शर्मा के नाखूनों में मानव त्वचा पाई गई थी।
इनकी फोरेंसिक परीक्षण रिपोर्ट पर ही दोनों ओर से तर्क दिए गए। उदय स्वरूप की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता गजेंद्र सिंह और सुनील माथुर ने पुलिस और सीबीआई की जांच में कई कमी होने का दावा किया। इसी आधार पर अग्रेतर विवेचना के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया।
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इस पर सीबीआई के वकील दर्शन सिंह के अलावा पीड़ित पक्ष की ओर से सुखवीर सिंह चौहान, रमाशंकर सिंह राजपूत और एडीजीसी रघुवीर सिंह राठौर ने प्रार्थना पत्र का विरोध किया।
उन्होंने कहा कि घटनास्थल से दस बाल जांच के लिए उठाए गए थे।
इनमें से सात डीएनए विश्लेषण के योग्य नहीं पाए गए। शेष तीन में से एक नेहा और दो अभियुक्त उदय के पाए गए। नेहा के नाखूनों में मिली त्वचा भी उदय स्वरूप की पाई गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अग्रेतर विवेचना की अर्जी खारिज कर दी। बता दें, इस मामले में सीबीआई उदय स्वरूप के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वह जेल में है। सीबीआई से पहले जांच आगरा पुलिस ने की थी। इसमें उदय स्वरूप के अलावा यशवीर सिंह संधू को भी आरोपी बनाया गया था। फिलहाल दोनों के खिलाफ केस चल रहा है।
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इस मामले में शुक्रवार को कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों ने बाल की खाल निकाली। दरअसल, मौका ए वारदात से मिले नेहा और उदय के बालों की फोरेंसिक जांच कराई गई थी। इसके अलावा नेहा शर्मा के नाखूनों में मानव त्वचा पाई गई थी।
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इनकी फोरेंसिक परीक्षण रिपोर्ट पर ही दोनों ओर से तर्क दिए गए। उदय स्वरूप की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता गजेंद्र सिंह और सुनील माथुर ने पुलिस और सीबीआई की जांच में कई कमी होने का दावा किया। इसी आधार पर अग्रेतर विवेचना के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया।
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इस पर सीबीआई के वकील दर्शन सिंह के अलावा पीड़ित पक्ष की ओर से सुखवीर सिंह चौहान, रमाशंकर सिंह राजपूत और एडीजीसी रघुवीर सिंह राठौर ने प्रार्थना पत्र का विरोध किया।
उन्होंने कहा कि घटनास्थल से दस बाल जांच के लिए उठाए गए थे।
इनमें से सात डीएनए विश्लेषण के योग्य नहीं पाए गए। शेष तीन में से एक नेहा और दो अभियुक्त उदय के पाए गए। नेहा के नाखूनों में मिली त्वचा भी उदय स्वरूप की पाई गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अग्रेतर विवेचना की अर्जी खारिज कर दी। बता दें, इस मामले में सीबीआई उदय स्वरूप के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वह जेल में है। सीबीआई से पहले जांच आगरा पुलिस ने की थी। इसमें उदय स्वरूप के अलावा यशवीर सिंह संधू को भी आरोपी बनाया गया था। फिलहाल दोनों के खिलाफ केस चल रहा है।