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आगरा से जाली नोटों के दो अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरफ्तार, एनसीआर और पश्चिमी यूपी में की जा रही थी तस्करी
Tue, 03 Nov 2020 12:03 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, लखनऊ/आगरा
न्यूज डेस्क, लखनऊ/आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 03 Nov 2020 12:03 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जाली भारतीय मुद्रा की अंतरराष्ट्रीय तस्करी करने वाले गिरोह का यूपी आतंकवाद निरोधक दस्ते ने पर्दाफाश किया है। लखनऊ से आई एटीएस ने आगरा से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक बुलंदशहर का रहने वाला तहसीन खान और दूसरा द्वारका, नई दिल्ली का रहने वाला मोहम्मद वसीम है। वसीम बिहार का मूल निवासी है। इनके पास से 597000 रुपये के बराबर की जाली मुद्रा बरामद की गई है। यह सभी जाली नोट 500 रुपये के थे।
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एटीएस के एडीजी डीके ठाकुर ने बताया कि आगरा से गिरफ्तार लोग बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल के मालदा के रास्ते नकली नोट लाकर एनसीआर और पश्चिमी यूपी में तस्करी करते हैं। उन्होंने बताया कि बंगाल में जो जाली भारतीय मुद्रा तैयार की जा रही है, वह बहुत ही उच्च गुणवत्ता की है।
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ऐसे नोटों की एक बार में पहचान कर पाना मुश्किल होता है। इन लोगों के पास से एक कार, 6 मोबाइल, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, डीएल और डेबिट कार्ड बरामद किया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड ली जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क को खंगाला जा सके।
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जाली करेंसी के नेटवर्क में 20 लोग शामिल
यह पहला मौका नहीं है जब आगरा से जाली नोटों के तस्कर पकड़े गए हैं। एत्माद्दौला से फरवरी 2017 में जाली नोटों की तस्कर फातिमा उर्फ लीची को जाली मुद्रा की तस्करी के जुर्म में गिरफ्तार किया गया था। वह मूल रूप से बांग्लादेश की निवासी है।
उसे एनआईए ने पकड़ा था। उसके पास भी जाली मुद्रा मालदा से आती थी। उसी के गिरोह के इस्लाम को 18 जनवरी 2016 को पश्चिमी बंगाल के मालदा जिले के कालिया चौक से पकड़ा गया था। फातिमा ने पूछताछ में बताया था कि रैकेट में 20 लोग हैं।
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