{"_id":"5748a5794f1c1b2f076917b6","slug":"to-meet-girlfriends-staged-kidnapping-drama","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्ल फ्रेंड से मिलने के लिए रचा अपहरण का नाटक ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गर्ल फ्रेंड से मिलने के लिए रचा अपहरण का नाटक
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Sat, 28 May 2016 01:22 AM IST
विज्ञापन
Kidnapping
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एमएम गेट के रहने वाले 13 और 14 साल के दो दोस्तों ने शुक्रवार सुबह अपने अपहरण का नाटक रच पुलिस के होश उड़ा दिए। दोनों सुबह आगरा कालेज ग्राउंड पर क्रिकेट खेलने गए थे। आठ बजे एक ने घर फोन किया, हमारा अपहरण हो गया, बदमाश हमें ट्रक से ले जा रहे हैं। इसके बाद 100 नंबर पर कंट्रोल रूम को सूचना दी। पुलिस में हड़कंप मच गया, लेकिन चार घंटे बाद ही दोनों लौट आए। थोड़ी देर की पूछताछ में नाटक से पर्दा उठ गया।
दोनों के पिता की हलवाई की दुकान है। घर भी आमने-सामने हैं। दोनों कक्षा नौ में है। एक सेंट पॉल स्कूल में तो दूसरा एमडी जैन इंटर कालेज में। 14 साल वाले को मथुरा में अपनी गर्ल फ्रेंड से मिलने के लिए जाना था। वह दोस्त को लेकर स्कूटी से सुबह सात बजे चल दिया। पुलिस ने उनसे हुई पूछताछ के हवाले से बताया कि दोनों जब फरह पहुंचे, तो स्कूटी खराब हो गई। पेट्रोल भी खत्म हो गया था। आसपास न पेट्रोल पंप था और न ही मैकेनिक। इसके चलते देर हो गई। उसे डर सताने लगा कि देर से घर जाएंगे तो पोल खुल जाएगी। इसके चलते उसने फोन करके अपने अपहरण की बात बताई। उसने कहा कि बदमाश उन्हें दिव्य नर्सिंग होम के सामने से ले जा रहे हैं। चार थानों की पुलिस उनकी तलाश में लगी। सीओ हरीपर्वत अनुराग वत्स भी पहुंच गए।
पुलिस ने आगरा कालेज के चौकीदार को उनके फोटो दिखाकर पूछा तो उसने कहा कि आज ये दोनों खेलने नहीं आए। दोपहर एक बजे दोनों घर लौट आए। पहले तो अपहरण की कहानी बनाते रहे लेकिन जब 13 साल वाले से सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने सच बयां कर दिया। एसपी सिटी सुशील घुले ने बताया कि दोनों ने अपहरण का नाटक रचा था।
विज्ञापन
सीरियल से आया मोबाइल फेंकने का आइडिया
आगरा। 14 साल उम्र के किशोर ने बताया कि उसने सीआईडी सीरियल में देखा था कि मोबाइल फोन से पुलिस लोकेशन मालूम कर लेती है। इसके बाद उस तक पहुंच जाती है। इसलिए मोबाइल फोन स्विच आफ करके फेंक दिया था।
विज्ञापन
दोनों के पिता की हलवाई की दुकान है। घर भी आमने-सामने हैं। दोनों कक्षा नौ में है। एक सेंट पॉल स्कूल में तो दूसरा एमडी जैन इंटर कालेज में। 14 साल वाले को मथुरा में अपनी गर्ल फ्रेंड से मिलने के लिए जाना था। वह दोस्त को लेकर स्कूटी से सुबह सात बजे चल दिया। पुलिस ने उनसे हुई पूछताछ के हवाले से बताया कि दोनों जब फरह पहुंचे, तो स्कूटी खराब हो गई। पेट्रोल भी खत्म हो गया था। आसपास न पेट्रोल पंप था और न ही मैकेनिक। इसके चलते देर हो गई। उसे डर सताने लगा कि देर से घर जाएंगे तो पोल खुल जाएगी। इसके चलते उसने फोन करके अपने अपहरण की बात बताई। उसने कहा कि बदमाश उन्हें दिव्य नर्सिंग होम के सामने से ले जा रहे हैं। चार थानों की पुलिस उनकी तलाश में लगी। सीओ हरीपर्वत अनुराग वत्स भी पहुंच गए।
विज्ञापन
पुलिस ने आगरा कालेज के चौकीदार को उनके फोटो दिखाकर पूछा तो उसने कहा कि आज ये दोनों खेलने नहीं आए। दोपहर एक बजे दोनों घर लौट आए। पहले तो अपहरण की कहानी बनाते रहे लेकिन जब 13 साल वाले से सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने सच बयां कर दिया। एसपी सिटी सुशील घुले ने बताया कि दोनों ने अपहरण का नाटक रचा था।
विज्ञापन
सीरियल से आया मोबाइल फेंकने का आइडिया
आगरा। 14 साल उम्र के किशोर ने बताया कि उसने सीआईडी सीरियल में देखा था कि मोबाइल फोन से पुलिस लोकेशन मालूम कर लेती है। इसके बाद उस तक पहुंच जाती है। इसलिए मोबाइल फोन स्विच आफ करके फेंक दिया था।