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तीन दिन, चार टीम और नतीजा शून्य
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 21 Oct 2016 12:28 AM IST
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बाइकर्स गैंग की चुनौती के आगे छूटे पुलिस के पसीने
- फोटो : अमर उजाला
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शहर को हिलाकर रख देने वाली तीन बड़ी वारदात में से एक का भी खुलासा नहीं हो पा रहा है। तीन दिन हो गए हैं, पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं। लेकिन नतीजा शून्य से आगे नहीं बढ़ा है। जेल से छूटे लुटेरों से पूछताछ की जा रही है। पुराने बदमाशों के घर दबिश दी जा रही हैं लेकिन फायदा कुछ नहीं हो रहा। डर इस बात का है कि बाइकर्स गैंग एक और वारदात न कर दे।
बता दें, ओमेक्स माल के पीछे राइटर सेफ गार्ड कंपनी के दो गार्ड से 20 लाख की लूट, कमला नगर में सराफ दुमुल जिंदल को गोली मारकर लाखों रुपये और जेवरात से भरा बैग लूट लिए जाने की वारदात और फतेहाबाद रोड पर जनलक्ष्मी फाइनेंस कंपनी के दो कर्मचारियों से 2.70 लाख की लूट में पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई है।
दो वारदात न्यू आगरा में हुई थीं। 2.70 लाख की लूट ताजगंज में। दोनों थानों की एक -एक टीम लगी है खुलासे में। एक टीम सर्विलांस की है, एक क्राइम ब्रांच की। चारों में से कोई भी सही लाइन नहीं पकड़ पा रही है। यह हाल तब है जबकि सराफ आईजी और एसएसपी से मिलकर कह चुके हैं कि खुलासा जल्द से जल्द किया जाए। पुलिस अंधेरे में तीर चला रही है। खुलासे के लिए टीमों को कोई अल्टीमेटम नहीं दिया गया है।
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इतनी बड़ी वारदात हो जाने पर किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई एक्शन भी नहीं लिया गया है। उधर, इन तीन वारदात से पहले सिकंदरा के नगला पत्थर घोड़ा गांव में की गई महिला ममता की हत्या का भी खुलासा नहीं हो पाया है। इसमें उसके पति संजय पर शक है लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा है। उसके मिलने पर ही पता चलेगा कि हत्या क्यों की गई।
ईनामियों को पकड़ने में आगरा पुलिस फिसड्डी
आगरा। चुनाव आयोग से लगातार कहा जा रहा है कि फरार चल रहे ईनामी अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। लेकिन आगरा पुलिस इसमें लगातार फिसड्डी बनी हुई है। रेंज की अपराध समीक्षा मीटिंग में एक बार यह बात सामने आई है । रेंज में सबसे ज्यादा ईनामी अपराधी आगरा के हैं। इनकी संख्या 102 है। यहां ईनामी अपराधी पकड़े भी कम जा रहे हैं। बाकी तीन जिलों मथुरा, फीरोजाबाद और मैनपुरी में फरार अपराधियों की संख्या बढ़ रही है। डीआईजी अजय मोहन शर्मा ने ईनामियों को पकड़ने के निर्देश दिए हैं।
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बता दें, ओमेक्स माल के पीछे राइटर सेफ गार्ड कंपनी के दो गार्ड से 20 लाख की लूट, कमला नगर में सराफ दुमुल जिंदल को गोली मारकर लाखों रुपये और जेवरात से भरा बैग लूट लिए जाने की वारदात और फतेहाबाद रोड पर जनलक्ष्मी फाइनेंस कंपनी के दो कर्मचारियों से 2.70 लाख की लूट में पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई है।
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दो वारदात न्यू आगरा में हुई थीं। 2.70 लाख की लूट ताजगंज में। दोनों थानों की एक -एक टीम लगी है खुलासे में। एक टीम सर्विलांस की है, एक क्राइम ब्रांच की। चारों में से कोई भी सही लाइन नहीं पकड़ पा रही है। यह हाल तब है जबकि सराफ आईजी और एसएसपी से मिलकर कह चुके हैं कि खुलासा जल्द से जल्द किया जाए। पुलिस अंधेरे में तीर चला रही है। खुलासे के लिए टीमों को कोई अल्टीमेटम नहीं दिया गया है।
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इतनी बड़ी वारदात हो जाने पर किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई एक्शन भी नहीं लिया गया है। उधर, इन तीन वारदात से पहले सिकंदरा के नगला पत्थर घोड़ा गांव में की गई महिला ममता की हत्या का भी खुलासा नहीं हो पाया है। इसमें उसके पति संजय पर शक है लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा है। उसके मिलने पर ही पता चलेगा कि हत्या क्यों की गई।
ईनामियों को पकड़ने में आगरा पुलिस फिसड्डी
आगरा। चुनाव आयोग से लगातार कहा जा रहा है कि फरार चल रहे ईनामी अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। लेकिन आगरा पुलिस इसमें लगातार फिसड्डी बनी हुई है। रेंज की अपराध समीक्षा मीटिंग में एक बार यह बात सामने आई है । रेंज में सबसे ज्यादा ईनामी अपराधी आगरा के हैं। इनकी संख्या 102 है। यहां ईनामी अपराधी पकड़े भी कम जा रहे हैं। बाकी तीन जिलों मथुरा, फीरोजाबाद और मैनपुरी में फरार अपराधियों की संख्या बढ़ रही है। डीआईजी अजय मोहन शर्मा ने ईनामियों को पकड़ने के निर्देश दिए हैं।