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होनहार छात्र की लात-घूंसों से पिटाई, हालत बिगड़ी
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Mon, 03 Aug 2015 01:23 AM IST
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आर्य समाज आगरा द्वारा संचालित मोहल्ला जमना ब्रिज में स्थित श्री मद्दयानंद अनाथालय के अनाथ बच्चों के उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि संस्था के पदाधिकारी ने होनहार छात्र आकाश के साथ मारपीट कर दी। वह ताइक्वांडो का नेशनल खिलाड़ी भी है। पिटाई से उसकी हालत बिगड़ गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, पुलिस ने अनाथालय प्रबंधन के बजाय एक पदाधिकारी की तहरीर पर थाना एत्माद्दौला में संवासी छह युवकों के खिलाफ ही एनसीआर दर्ज कर ली। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों में बाद में समझौता हो गया।
संवासी एक युवती ने बताया कि 15 दिन पहले दस साल का सुमित आश्रम में आया है। वह शरारत करता है। पढ़ाई पर ध्यान दिलाने के लिए उसे साथी डांटते रहते हैं। शनिवार रात तकरीबन आठ बजे साथी शिवकुमार ने सुमित से पढ़ने के लिए बोला। वह रोता हुआ आश्रम के गेट पर चला गया। इसकी जानकारी पर मंत्री ज्ञान प्रकाश और सह मंत्री रमेश यादव आ गए। सुमित ने अपने साथ मारपीट की बात कही। इस पर ज्ञान प्रकाश ने सभी संवासी युवकों के साथ अभद्रता शुरू कर दी। बाद में मंत्री का बेटा और भाई बाहरी युवकों को बुला लाया। गेट को बंद करने के बाद आकाश की लात घूंसों से जमकर पिटाई कर दी। उसने माफी मांगी, फिर भी उसे नहीं छोड़ा। वह बेहोश होकर गिर पड़ा। इस पर पदाधिकारी भाग खड़े हुए। बाद में पुलिस को बुला लिया, लेकिन पुलिस ने पदाधिकारियों की ही सुनी। साथियों ने आकाश को अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि आर्य समाज के सेवक हरिओम शंकर भी पहुंच गए। उसका उपचार कराया जा रहा है।
उसके साथियों ने बताया कि इस साल उसने एमएससी फिजिक्स में प्रवेश के लिए दयालबाग और बीएचयू में प्रवेश परीक्षा दी। दयालबाग यूनिवर्सिटी में एंट्रेंस पास कर लिया। बीएचयू में आल इंडिया में उसकी 15वीं रैंक आई है। हाल ही में उसे प्रवेश के लिए जाना भी है। मगर, अस्पताल में भर्ती होने के कारण उसकी पढ़ाई पर भी संकट आ गया है। अस्पताल में भर्ती आकाश ने बताया कि आश्रम दान में मिलने धन पर सवाल उठाया था। इसलिए उसे पीटा गया। उधर, संस्था क्यूआईसीएसी के रीजनल कोआर्डिनेटर नरेश पारस का कहना है कि मामले की रिपोर्ट बनाकर बाल कल्याण समिति, जिला प्रोवेशन अधिकारी, और बाल आयोग को भेजी जाएगी। उधर, एसओ ने बताया कि संजय, सुभाष, रिंकू, जयदेव, राजू और रामनाथ के खिलाफ एनसीआर दर्ज की थी। मगर, शाम को दोनों पक्षों ने समझौता पत्र लिखकर दिया है।
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ॅ पढ़ाई बंद कराकर जबरन शादी कराने की है कोशिश ॅ
आगरा। संवासी लड़कियों का आरोप है कि आश्रम में बालिग हो चुकी छह लड़कियों की जबरन शादी कराई जा रही है। उनसे कागज पर भी लिखवा लिया गया है। इसके लिए दो दिन से अखबार में विज्ञापन भी निकाला गया है। इनमें जागृति और प्रतिमा भी शामिल हैं। वह बीए फाइनल की पढ़ाई कर रही हैं। दोनों ने शादी का विरोध किया तो उन्हें आश्रम से निकालने की धमकी दी गई। इस कारण वह दहशत में हैं। आरोप है कि उनसे कहा गया है कि अगर, चार महीने में खुद राजी नहीं हुईं तो जबरन शादी करा दी जाएगी। 2006 में ममता की इसी तरह जबरन शादी करा दी गई थी। दूल्हा मंडप में शराब पीकर आया था। विरोध करने पर भी नहीं माने। बाद में उसकी ससुराल में जलने से मौत हो गई थी। इस कारण ही अन्य लड़कियां डरी हुई हैं कि उनके साथ भी कहीं ऐसा ही कुछ न हो जाए। दान में मिलने वाले दहेज के सामान को संस्था रख लेती है।
मारपीट का आरोप गलत बताया
अनाथालय के मंत्री ज्ञान प्रकाश ने बताया कि अनाथालय की लड़कियों की शादी का विज्ञापन दिया था। इस कारण तैयारियों में लगे हुए थे। तभी सुमित के साथ मारपीट की गई। जब इस बारे में पूछताछ की तो युवक धक्कामुक्की करने लगे। मारपीट की कोशिश की। 25 साल से ऊपर की उम्र के लड़के आश्रम में जबरन रहते हैं, जबकि नियमानुसार 18 साल तक के बच्चे ही आश्रम में रह सकते हैं। कई युवक काम काज करके अच्छी कमाई भी करते हैं। इसके बावजूद आश्रम में रहना चाहते हैं। डराने के लिए पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने छात्र के साथ मारपीट नहीं की है। वह खुद ही बेहोश हो गया था। उन्होंने ही भर्ती कराया। इस मामले में पदाधिकारियों ने बैठक की है। जल्द हल निकाला जाएगा।
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संवासी एक युवती ने बताया कि 15 दिन पहले दस साल का सुमित आश्रम में आया है। वह शरारत करता है। पढ़ाई पर ध्यान दिलाने के लिए उसे साथी डांटते रहते हैं। शनिवार रात तकरीबन आठ बजे साथी शिवकुमार ने सुमित से पढ़ने के लिए बोला। वह रोता हुआ आश्रम के गेट पर चला गया। इसकी जानकारी पर मंत्री ज्ञान प्रकाश और सह मंत्री रमेश यादव आ गए। सुमित ने अपने साथ मारपीट की बात कही। इस पर ज्ञान प्रकाश ने सभी संवासी युवकों के साथ अभद्रता शुरू कर दी। बाद में मंत्री का बेटा और भाई बाहरी युवकों को बुला लाया। गेट को बंद करने के बाद आकाश की लात घूंसों से जमकर पिटाई कर दी। उसने माफी मांगी, फिर भी उसे नहीं छोड़ा। वह बेहोश होकर गिर पड़ा। इस पर पदाधिकारी भाग खड़े हुए। बाद में पुलिस को बुला लिया, लेकिन पुलिस ने पदाधिकारियों की ही सुनी। साथियों ने आकाश को अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि आर्य समाज के सेवक हरिओम शंकर भी पहुंच गए। उसका उपचार कराया जा रहा है।
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उसके साथियों ने बताया कि इस साल उसने एमएससी फिजिक्स में प्रवेश के लिए दयालबाग और बीएचयू में प्रवेश परीक्षा दी। दयालबाग यूनिवर्सिटी में एंट्रेंस पास कर लिया। बीएचयू में आल इंडिया में उसकी 15वीं रैंक आई है। हाल ही में उसे प्रवेश के लिए जाना भी है। मगर, अस्पताल में भर्ती होने के कारण उसकी पढ़ाई पर भी संकट आ गया है। अस्पताल में भर्ती आकाश ने बताया कि आश्रम दान में मिलने धन पर सवाल उठाया था। इसलिए उसे पीटा गया। उधर, संस्था क्यूआईसीएसी के रीजनल कोआर्डिनेटर नरेश पारस का कहना है कि मामले की रिपोर्ट बनाकर बाल कल्याण समिति, जिला प्रोवेशन अधिकारी, और बाल आयोग को भेजी जाएगी। उधर, एसओ ने बताया कि संजय, सुभाष, रिंकू, जयदेव, राजू और रामनाथ के खिलाफ एनसीआर दर्ज की थी। मगर, शाम को दोनों पक्षों ने समझौता पत्र लिखकर दिया है।
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आगरा। संवासी लड़कियों का आरोप है कि आश्रम में बालिग हो चुकी छह लड़कियों की जबरन शादी कराई जा रही है। उनसे कागज पर भी लिखवा लिया गया है। इसके लिए दो दिन से अखबार में विज्ञापन भी निकाला गया है। इनमें जागृति और प्रतिमा भी शामिल हैं। वह बीए फाइनल की पढ़ाई कर रही हैं। दोनों ने शादी का विरोध किया तो उन्हें आश्रम से निकालने की धमकी दी गई। इस कारण वह दहशत में हैं। आरोप है कि उनसे कहा गया है कि अगर, चार महीने में खुद राजी नहीं हुईं तो जबरन शादी करा दी जाएगी। 2006 में ममता की इसी तरह जबरन शादी करा दी गई थी। दूल्हा मंडप में शराब पीकर आया था। विरोध करने पर भी नहीं माने। बाद में उसकी ससुराल में जलने से मौत हो गई थी। इस कारण ही अन्य लड़कियां डरी हुई हैं कि उनके साथ भी कहीं ऐसा ही कुछ न हो जाए। दान में मिलने वाले दहेज के सामान को संस्था रख लेती है।
मारपीट का आरोप गलत बताया
अनाथालय के मंत्री ज्ञान प्रकाश ने बताया कि अनाथालय की लड़कियों की शादी का विज्ञापन दिया था। इस कारण तैयारियों में लगे हुए थे। तभी सुमित के साथ मारपीट की गई। जब इस बारे में पूछताछ की तो युवक धक्कामुक्की करने लगे। मारपीट की कोशिश की। 25 साल से ऊपर की उम्र के लड़के आश्रम में जबरन रहते हैं, जबकि नियमानुसार 18 साल तक के बच्चे ही आश्रम में रह सकते हैं। कई युवक काम काज करके अच्छी कमाई भी करते हैं। इसके बावजूद आश्रम में रहना चाहते हैं। डराने के लिए पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने छात्र के साथ मारपीट नहीं की है। वह खुद ही बेहोश हो गया था। उन्होंने ही भर्ती कराया। इस मामले में पदाधिकारियों ने बैठक की है। जल्द हल निकाला जाएगा।