फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   so many minor accused are here

यहां भी कई ‘निर्भया’, नाबालिग हैं इनके गुनहगार

Wed, 23 Dec 2015 02:26 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला ब्यूरो
ब्यूरो,अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 23 Dec 2015 02:26 AM IST
विज्ञापन
so many minor accused are here
निर्भया का नाबालिग गुनहगार सिर्फ तीन साल जेल में रहकर रिहा हो गया तो हर कोई सन्न रह गया। इतने जघन्य अपराध पर इतनी कम सजा क्यों? यह सवाल हर ओर से उठा। चिंता इसलिए भी,  क्योंकि निर्भया एक  नहीं, अनेकों हैं। आगरा बाल संप्रेक्षण गृह में 82 बंदी हैं, जिनमें से 50 पर हत्या, रेप, डकैती, अपहरण जैसे बेहद संगीन आरोप हैं, और उम्र 18 साल से कम। ये भी निर्भया के नाबालिग गुनहगार की तरह ज्यादा से ज्यादा तीन साल कैद में रहकर खुले घूमेंगे।
विज्ञापन

इनमें से 22 नाबालिगों पर रेप का आरोप है। ऐसे भी हैं, जिन्होंने नाबालिग लड़की का अपहरण करने के बाद रेप किया, मतलब सोची समझी साजिश के तहत। इनके अतिरिक्त पांच ने रेप के बाद खून से भी हाथ रंगे। जुर्म के दलदल में दफन होती इस मासूमियत का अफसोसजनक पहलू यह भी है कि इनके गुनाह का शिकार होने वाले भी ज्यादातर नाबालिग ही हैं।
विज्ञापन

रेप और हत्या के पांच मामले हैं। निर्भया की तरह इन लड़कियों की दरिंदगी के बाद हत्या कर दी गई। पांचों घटनाओं में नाबालिग लड़कियों को शिकार बनाया गया। बाल अपराधियों के गुनाह देखिए, कासगंज के नगला हीरामन में लड़की के साथ 17 साल के किशोर ने रेप किया। आगरा के इरादतनगर में लड़की की रेप के बाद हत्या कर दी गई। आरोपी की उम्र भी 17 साल है। फीरोजाबाद के जसराना में नाबालिग की रेप के बाद हत्या की गई। आरोपी 16 साल का है। सिरसागंज में 17 साल का किशोर डाका डालने के जुर्म में पकड़ा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाल संप्रेक्षण में 82 कैद
आगरा       - 18
फीरोजाबाद  -  30
मैनपुरी       - 29
एटा          - 04
कासगंज     - 04
सबसे ज्यादा रेप के आरोपी
दुष्कर्म        :  22
हत्या           : 10
दुष्कर्म-हत्या   :  05
लूट            : 14
चोरी           : 11
अपहरण       : 15
12 साल से कम उम्र के भी
07 -12 : 12
12 - 16 : 40
16 -18  : 30
आते ही मांगने लगा चरस
बाल संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक ने बताया कि चार महीने पहले एक आरोपी जिला जेल से यहां ट्रांसफर किया गया था। उसने आते ही चरस की मांग की। नहीं मिली तो उसकी हालत बिगड़ गई। उसे भर्ती कराना पड़ा। इसके बाद वापस जिला जेल भिजवाया गया।
जुवेनाइल एक्ट में संशोधन जरूरी है, ऐसे अपराधियों को 20 साल तक की कैद का प्रावधान होना चाहिए।
- अभय पाठक ( अध्यक्ष, आगरा बार एसोसिएशन)
हत्या और रेप में सिर्फ तीन साल की कैद... यह इंसाफ कैसे हो सकता है, संसद को अपनी जिम्मेदारी का अहसास देर से हुआ है।
- अचल शर्मा (वरिष्ठ अधिवक्ता)
निर्भया का नाबालिग गुनहगार छूट गया, तो इसके लिए संसद जिम्मेदार है, जिसने अभी तक कानून में संशोधन नहीं किया। - करतार सिंह भारतीय ( वरिष्ठ अधिवक्ता)
कानून को कठोर करने के लिए पूरे देश से आवाज उठ रही थी, लेकिन केंद्र सरकार सुनकर भी अनसुना करती रही, अब जाकर आंख खुली है।
- अमीर अहमद ( पूर्व महासचिव, कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन)
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed