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शैलेंद्र अग्रवाल को उलटी पड़ गई चाल
शैलेंद्र अग्रवाल को उलटी पड़ गई चाल
Updated Mon, 10 Oct 2016 01:19 AM IST
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शैलेंद्र अग्रवाल को उलटी पड़ गई चाल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एटा जेल में बंद आगरा के हाईप्रोफाइल जालसाज शैलेंद्र अग्रवाल ने जालसाजी के पीड़ितों पर समझौते का दबाव बनाने के लिए चाल तो चली लेकिन यह उसे उलटी पड़ गई है। पीड़ित कारोबारियों ने साक्ष्यों सहित शासन तक इसकी शिकायत कर दी। आईजी सुजीत पांडेय को भी पूरी जानकारी दी। आईजी के निर्देश पर एसएसपी मथुरा ने आगरा के कारोबारियों पर दर्ज कराए गए मुकदमों की जांच शुरू करा दी है। इसमें यह बात भी सामने आई है कि रिपोर्ट एक केस में शैलेंद्र की जमानत लेने वाले शख्स ने दर्ज कराई हैं। इन पर आगे की कार्रवाई फिलहाल रोक दी गई है।
शैलेंद्र पर 48 केस दर्ज हैं। आगरा, मथुरा के अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मुकदमे हैं। हिस्ट्रीशीट खुल चुकी है। गैंगेस्टर एक्ट लग चुका है। उस पर केस दर्ज कराने वालों में आगरा के कारोबारी विनय बंसल और अवधेश त्यागी भी शामिल हैं। दोनों ने समझौता करने से मना कर दिया है। दोनों का कहना है कि शैलेंद्र बुरी तरह फंस चुका है। इसलिए उसने यह हथकंडा अपनाया है।
बता दें, शैलेंद्र ने अपने दोस्त पंकज अग्रवाल से तहरीर दिलवाकर मथुरा में विनय बंसल और अवधेश त्यागी पर केस दर्ज करा दिए हैं। दोनों के परिवारों ने इसकी शिकायत आईजी से की थी। इसके अलावा डीजीपी और मुख्य सचिव को भी पत्र भेजा। इसका असर रविवार को देखने को मिला।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि मथुरा पुलिस ने विनय और अवधेश त्यागी से संपर्क पर पूरी जानकारी ली। केस दर्ज कराने वाले पंकज को भी बुलाया। विनय बंसल ने वह कागजात पुलिस को मुहैया करा दिए जिनमें एक केस में पंकज ने शैलेंद्र की जमानत ली है। पुलिस अब इस बिंदू पर जांच कर रही है कि उसने केस दबाव बनाने के लिए तो दर्ज नहीं कराए।
एटा जेल में जांच कराने की मांग
आगरा। विनय बंसल और अवधेश त्यागी ने एडीजी जेल को खत लिखा है। इसमें कहा गया है शैलेंद्र एटा जेल में ऐश काट रहा है। लखनऊ से टीम भेजकर इसकी जांच कराई जाए। वह दो बार पेशी पर ऐश करते कैमरे में कैद हो चुका है। इस पर 12 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए जा चुके हैं। इसके अलावा जब आगरा जेल में था, तब उसकी बैरक में सेट टॉप बाक्स मिला था। इसके बाद उसे एटा शिफ्ट किया गया था।
एएसपी स्तर के अधिकारी करेंगे जांच - आईजी
आईजी सुजीत पांडेय का कहना है कि मथुरा के एसएसपी को निर्देशित किया जा चुका है। इस प्रकरण की जांच एएसपी स्तर के अधिकारी करेंगे। जांच रिपोर्ट एसएसपी स्वयं देखेंगे। अगर विवेचना में केस फर्जी पाए जाते हैं, तो एक्सपंज किए जाएंगे। साथ ही केस दर्ज कराने वाले पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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शैलेंद्र पर 48 केस दर्ज हैं। आगरा, मथुरा के अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मुकदमे हैं। हिस्ट्रीशीट खुल चुकी है। गैंगेस्टर एक्ट लग चुका है। उस पर केस दर्ज कराने वालों में आगरा के कारोबारी विनय बंसल और अवधेश त्यागी भी शामिल हैं। दोनों ने समझौता करने से मना कर दिया है। दोनों का कहना है कि शैलेंद्र बुरी तरह फंस चुका है। इसलिए उसने यह हथकंडा अपनाया है।
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बता दें, शैलेंद्र ने अपने दोस्त पंकज अग्रवाल से तहरीर दिलवाकर मथुरा में विनय बंसल और अवधेश त्यागी पर केस दर्ज करा दिए हैं। दोनों के परिवारों ने इसकी शिकायत आईजी से की थी। इसके अलावा डीजीपी और मुख्य सचिव को भी पत्र भेजा। इसका असर रविवार को देखने को मिला।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि मथुरा पुलिस ने विनय और अवधेश त्यागी से संपर्क पर पूरी जानकारी ली। केस दर्ज कराने वाले पंकज को भी बुलाया। विनय बंसल ने वह कागजात पुलिस को मुहैया करा दिए जिनमें एक केस में पंकज ने शैलेंद्र की जमानत ली है। पुलिस अब इस बिंदू पर जांच कर रही है कि उसने केस दबाव बनाने के लिए तो दर्ज नहीं कराए।
एटा जेल में जांच कराने की मांग
आगरा। विनय बंसल और अवधेश त्यागी ने एडीजी जेल को खत लिखा है। इसमें कहा गया है शैलेंद्र एटा जेल में ऐश काट रहा है। लखनऊ से टीम भेजकर इसकी जांच कराई जाए। वह दो बार पेशी पर ऐश करते कैमरे में कैद हो चुका है। इस पर 12 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए जा चुके हैं। इसके अलावा जब आगरा जेल में था, तब उसकी बैरक में सेट टॉप बाक्स मिला था। इसके बाद उसे एटा शिफ्ट किया गया था।
एएसपी स्तर के अधिकारी करेंगे जांच - आईजी
आईजी सुजीत पांडेय का कहना है कि मथुरा के एसएसपी को निर्देशित किया जा चुका है। इस प्रकरण की जांच एएसपी स्तर के अधिकारी करेंगे। जांच रिपोर्ट एसएसपी स्वयं देखेंगे। अगर विवेचना में केस फर्जी पाए जाते हैं, तो एक्सपंज किए जाएंगे। साथ ही केस दर्ज कराने वाले पर भी कार्रवाई की जाएगी।