{"_id":"5834a1f04f1c1b282413b951","slug":"shahid-lohkarera","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू में आतंकी हमले में शहीद हुआ आगरा का लाल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जम्मू में आतंकी हमले में शहीद हुआ आगरा का लाल
जम्मू में आतंकी हमले में शहीद हुआ आगरा का लाल
Updated Wed, 23 Nov 2016 01:22 AM IST
विज्ञापन
जम्मू में आतंकी हमले में शहीद हुआ आगरा का लाल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के पास सोमवार को हुए आतंकी हमले में आगरा के रुनकता के लोहाकरेरा गांव का वीर सपूत धर्मेन्द्र ( 37) शहीद हो गया। मंगलवार शाम उसकी शहादत की खबर आने पर पूरा गांव गहरे शोक में डूब गया। शहीद का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह गांव लाया जाएगा। यहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
किसान बल्देव का बहादुर बेटा धर्मेन्द्र 18 साल पहले सेना में भर्ती हुआ था। उसने आतंकियों से कई बार लोहा लिया। उसकी बहादुरी के किस्से गांव वालों की जुबां पर हैं। उसका पूरा परिवार ही देशसेवा में समर्पित है। परिवार के तीन और युवक सेना में हैं। पूरे गांव को इस परिवार पर नाज है।
मंगलवार शाम को बल्देव को सेना मुख्यालय से उनके बहादुर बेटे की शहादत की सूचना दी गई। पता चलते ही हजारों लोग उनके घर पहुंच गए। सेना मुख्यालय से बताया गया कि शहीद का पार्थिव शरीर उसके गांव लाया जा रहा है।
विज्ञापन
उसका अंतिम संस्कार बुधवार सुबह गांव में ही किया जाएगा। बल्देव के दो बेटों में राजेश खेती करता है। देश की रक्षा में प्राण न्योछावर कर देने वाले धर्मेन्द्र की दो बेटियां कृष्णा (10) और खुशी ( 8) हैं।
धर्मेन्द्र पांच नवंबर को ही छुट्टी से वापस ड्यूटी पर गए थे। शहीद केपिता ने बताया कि बेटा खोने का गम है पर देश की खातिर हुई उसकी शहादत का गर्व भी है।
विज्ञापन
किसान बल्देव का बहादुर बेटा धर्मेन्द्र 18 साल पहले सेना में भर्ती हुआ था। उसने आतंकियों से कई बार लोहा लिया। उसकी बहादुरी के किस्से गांव वालों की जुबां पर हैं। उसका पूरा परिवार ही देशसेवा में समर्पित है। परिवार के तीन और युवक सेना में हैं। पूरे गांव को इस परिवार पर नाज है।
विज्ञापन
मंगलवार शाम को बल्देव को सेना मुख्यालय से उनके बहादुर बेटे की शहादत की सूचना दी गई। पता चलते ही हजारों लोग उनके घर पहुंच गए। सेना मुख्यालय से बताया गया कि शहीद का पार्थिव शरीर उसके गांव लाया जा रहा है।
विज्ञापन
उसका अंतिम संस्कार बुधवार सुबह गांव में ही किया जाएगा। बल्देव के दो बेटों में राजेश खेती करता है। देश की रक्षा में प्राण न्योछावर कर देने वाले धर्मेन्द्र की दो बेटियां कृष्णा (10) और खुशी ( 8) हैं।
धर्मेन्द्र पांच नवंबर को ही छुट्टी से वापस ड्यूटी पर गए थे। शहीद केपिता ने बताया कि बेटा खोने का गम है पर देश की खातिर हुई उसकी शहादत का गर्व भी है।