{"_id":"577c13f94f1c1b9a097fa046","slug":"secret-of-cloning-cheque-can-be-opened-in-10-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"10 दिन में खुल सकता है चेक क्लोनिंग का राज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
10 दिन में खुल सकता है चेक क्लोनिंग का राज
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Wed, 06 Jul 2016 01:39 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चेक क्लोनिंग के जरिए किए गए दो करोड़ के घपले का राज दस दिन के भीतर ही खुल सकता है। पुलिस इसकी जांच पहले ही कर चुकी है। अब सिर्फ एनआरआई तैमूर के आने का इंतजार है। पुलिस के ई-मेल पर उन्होंने जवाब भेजा है कि वह 15 जुलाई को असली चेक लेकर आ रहे हैं। इसके बाद पुलिस दोनों बैंकों के अफसरों के साथ ही गुरुद्वारा माईथान के पदाधिकारियों के बयान दर्ज करेगी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि एफआईआर से पहले ही इस मामले की जांच की गई थी। इसी में साफ हो गया था कि चेक की क्लोनिंग की गई है। अब सिर्फ यह मालूम करना बाकी है कि इसमें कौन कौन शामिल हैं? पुलिस की तैयारी सबसे पहले गुरुद्वारा माईथान के पदाधिकारियों पर शिकंजा कसने की है। इनमें सबसे पहले पूछताछ उस शख्स से होगी जिसने तीन दिन में बैंक से दो करोड़ रुपया कैश निकाला? उनसे पूछा जाएगा कि यह चेक किसने दिया था?
बता दें, यह चेक गुरुद्वारा के पंजाब एंड सिंध बैंक की घटिया स्थित शाखा में जमा कराया गया था। तैमूर का खाता आईसीआईसीआई बैंक में है। पंजाब एंड सिंध बैंक ने चेक की इमेज आईसीआईसीआई को भेजी थी। पुलिस पंजाब एंड सिंध बैंक से सवाल करेगी कि क्लोनिंग से बना चेक पकड़ में क्यों नहीं आया? आईसीआईसीआई से पूछा जाएगा कि चेक पर किए गए फर्जी दस्तखत क्यों नहीं पकड़े गए?
विज्ञापन
- चेक की कॉपी कैसे हुई
पुलिस की जांच का सबसे अहम बिन्दू यह है कि चेक क्लोनिंग करने वाले को तैमूर की चेक बुक से चेक का नंबर, उनके आईसीआईसीआई बैंक के एकाउंट का नंबर और उनके हस्ताक्षर की जानकारी कैसे मिली? यह या तो उनके पास थी या फिर बैंक के।
एनआरआई को ई-मेल किया गया है। वह 15 को आ रहे हैं। उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। इसकेबाद तस्वीर साफ होने में देर नहीं लगेगी - सुशील घुले ( एसपी सिटी)
विज्ञापन
पुलिस सूत्रों ने बताया कि एफआईआर से पहले ही इस मामले की जांच की गई थी। इसी में साफ हो गया था कि चेक की क्लोनिंग की गई है। अब सिर्फ यह मालूम करना बाकी है कि इसमें कौन कौन शामिल हैं? पुलिस की तैयारी सबसे पहले गुरुद्वारा माईथान के पदाधिकारियों पर शिकंजा कसने की है। इनमें सबसे पहले पूछताछ उस शख्स से होगी जिसने तीन दिन में बैंक से दो करोड़ रुपया कैश निकाला? उनसे पूछा जाएगा कि यह चेक किसने दिया था?
विज्ञापन
बता दें, यह चेक गुरुद्वारा के पंजाब एंड सिंध बैंक की घटिया स्थित शाखा में जमा कराया गया था। तैमूर का खाता आईसीआईसीआई बैंक में है। पंजाब एंड सिंध बैंक ने चेक की इमेज आईसीआईसीआई को भेजी थी। पुलिस पंजाब एंड सिंध बैंक से सवाल करेगी कि क्लोनिंग से बना चेक पकड़ में क्यों नहीं आया? आईसीआईसीआई से पूछा जाएगा कि चेक पर किए गए फर्जी दस्तखत क्यों नहीं पकड़े गए?
विज्ञापन
- चेक की कॉपी कैसे हुई
पुलिस की जांच का सबसे अहम बिन्दू यह है कि चेक क्लोनिंग करने वाले को तैमूर की चेक बुक से चेक का नंबर, उनके आईसीआईसीआई बैंक के एकाउंट का नंबर और उनके हस्ताक्षर की जानकारी कैसे मिली? यह या तो उनके पास थी या फिर बैंक के।
एनआरआई को ई-मेल किया गया है। वह 15 को आ रहे हैं। उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। इसकेबाद तस्वीर साफ होने में देर नहीं लगेगी - सुशील घुले ( एसपी सिटी)