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2.46 लाख की धोखाधड़ी करने वाले बेसुराग
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Tue, 16 Feb 2016 02:02 AM IST
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आगरा। मथुरा रिफाइनरी के रिटायर्ड अधिकारी से टेंडर दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों का पता नहीं चल सका है।
मथुरा रिफाइनरी के उत्पादन विभाग से सेवानिवृत्त उप प्रबंधक नारायण विहार, सिकंदरा निवासी प्रेमदास के मोबाइल पर 17 अप्रैल, 2015 को प्रमोद तिवारी ने फोन किया। उसने खुद को वित्त मंत्रालय में कार्यरत बताया। उसने बताया था कि एचओडी प्रेमचंद कोठारी के नाम पर पांच करोड़ के टेंडर भारत सरकार के मंत्रालय ने आवंटित किए हैं। इनमें से पांच लाख के टेंडर आपके नाम पर आवंटित कर दिए गए हैं। इसके बाद पांच लाख रुपये जमा करने को कहा गया। प्रेमदास ने बैंक आफ बड़ौदा की नोएडा शाखा के दो एकाउंट में 2.46 लाख रुपये की रकम जमा करा दी। इसके बाद भी 2.5 लाख रुपये मांगे गए तो उन्हें शक हो गया। इसके बाद उन लोगों का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। मामले में सिकंदरा पुलिस जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि एकाउंट खोलने में जिन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया, वह फर्जी हैं। पते की जानकारी करने पर पुलिस को यह पता चला।
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मथुरा रिफाइनरी के उत्पादन विभाग से सेवानिवृत्त उप प्रबंधक नारायण विहार, सिकंदरा निवासी प्रेमदास के मोबाइल पर 17 अप्रैल, 2015 को प्रमोद तिवारी ने फोन किया। उसने खुद को वित्त मंत्रालय में कार्यरत बताया। उसने बताया था कि एचओडी प्रेमचंद कोठारी के नाम पर पांच करोड़ के टेंडर भारत सरकार के मंत्रालय ने आवंटित किए हैं। इनमें से पांच लाख के टेंडर आपके नाम पर आवंटित कर दिए गए हैं। इसके बाद पांच लाख रुपये जमा करने को कहा गया। प्रेमदास ने बैंक आफ बड़ौदा की नोएडा शाखा के दो एकाउंट में 2.46 लाख रुपये की रकम जमा करा दी। इसके बाद भी 2.5 लाख रुपये मांगे गए तो उन्हें शक हो गया। इसके बाद उन लोगों का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। मामले में सिकंदरा पुलिस जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि एकाउंट खोलने में जिन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया, वह फर्जी हैं। पते की जानकारी करने पर पुलिस को यह पता चला।