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Ayodhya News: घटती-बढ़ती सरयू दे रही दर्द
Tue, 01 Sep 2026 11:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 01 Sep 2026 11:41 PM IST
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नदी की धारा में समाया छप्पर का घर
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शुजागंज। सरयू नदी में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण कटान तेज हो गई है। झोपड़ी के बने छह घर नदी की धारा में समा चुके हैं। मंगलवार को नदी का जलस्तर 92.57 मीटर दर्ज किया गया। बाढ़ से प्रभावित पटरंगा माझा के लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
बाढ़ प्रभावित लोग अपनी गृहस्थी समेटकर सुरक्षित स्थान की तलाश कर रहे। इसी गांव के राम केतारे, दुधाई, ननकू ने बताया कि छप्पर का घर था। वह भी नदी की धारा समा गया है। खाना भी नसीब नहीं हो रहा है। राम केतार कहते हैं कि साहब! मन बहुत व्यथित है। कुछ कह नहीं पा रहे हैं। खेती के कारण छोड़कर भी नहीं जा पा रहे। दुधाई, ननकू ने भी अपनी गृहस्थी संभालते हुए बताया कि बारिश का मौसम में साल के चार माह केवल सामान उठाने और रखने में बीत जाता है। प्रशासन ने राहत सामग्री वितरित की थी। उसके बाद एक दिन लेखपाल आए और पशुओं का खूंटा चेक कर रहे थे। उसके बाद भूसा देने को कहा। गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। नाव नहीं होने से दवाएं नहीं ला पा रहे हैं। बच्चों की भी पढ़ाई बंद है।
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बाढ़ प्रभावित लोग अपनी गृहस्थी समेटकर सुरक्षित स्थान की तलाश कर रहे। इसी गांव के राम केतारे, दुधाई, ननकू ने बताया कि छप्पर का घर था। वह भी नदी की धारा समा गया है। खाना भी नसीब नहीं हो रहा है। राम केतार कहते हैं कि साहब! मन बहुत व्यथित है। कुछ कह नहीं पा रहे हैं। खेती के कारण छोड़कर भी नहीं जा पा रहे। दुधाई, ननकू ने भी अपनी गृहस्थी संभालते हुए बताया कि बारिश का मौसम में साल के चार माह केवल सामान उठाने और रखने में बीत जाता है। प्रशासन ने राहत सामग्री वितरित की थी। उसके बाद एक दिन लेखपाल आए और पशुओं का खूंटा चेक कर रहे थे। उसके बाद भूसा देने को कहा। गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। नाव नहीं होने से दवाएं नहीं ला पा रहे हैं। बच्चों की भी पढ़ाई बंद है।
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