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पांच सितंबर को हो सकती है संजीव की गिरफ्तारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 31 Aug 2016 12:43 AM IST
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राहत देने की तैयारी में लगी पुलिस का रवैया अचानक से बदला
- फोटो : अमर उजाला
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भरतपुर हाउस गोलीकांड में मारे गए जूता कारोबारी राजकुमार लालवानी के मामले में मुख्य आरोपी सराफ संजीव रस्तोगी की पांच सितंबर को गिरफ्तारी हो सकती है। उसका दिल्ली में उपचार चल रहा है। पुलिस ने ई-मेल के माध्यम से हास्पिटल से उसकी जानकारी ली। पता चला कि उसे पांच सितंबर को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इस पर पुलिस ने फैसला लिया कि उसे वहीं से हिरासत में ले लिया जाएगा। उस पर निगरानी के लिए दो सिपाही पहले से तैनात हैं।
इस मामले में कुल तीन आरोपी बनाए गए थे। इनमें से संजीव को ड्राइवर रवि को पुलिस ने सबसे पहले क्लीन चिट दी। दूसरे नंबर संजीव के दोस्त स्वदेश वर्मा उर्फ गागा का नाम निकाला। उस पर साजिश रचने का आरोप था। इसके बाद संजीव को भी राहत देने की तैयारी चल रही थी लेकिन 30 अगस्त के अंक में अमर उजाला में इस खेल की खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई। इसके बाद पुलिस का रवैया अचानक से बदल गया।
हरीपर्वत थाना पुलिस ने दिल्ली के वसंत विहार स्थित उस हास्पिटल को ई-मेल किया, जिसमें संजीव का उपचार चल रहा है। उसकी तबीयत के बारे में जानकारी की गई थी। डाक्टर ने जवाब दिया, उसे अब फिजिकल एक्सरसाइज की जरूरत है। पैरालाइसिस के चलते वह व्हीलचेयर पर है। उसे पांच सितंबर को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इंस्पेक्टर हरीपर्वत थाना का कहना है कि उसे डिस्चार्ज किए जाते ही पकड़ लिया जाएगा।
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गागा के मकान की कुर्की मांगी
राजकुमार की हत्या मामले से जुड़े चौथ वसूली केस में भी पुलिस तमाम ढिलाई बरत रही थी। इसके चलते संजीव रस्तोगी की पत्नी हेमन रस्तोगी और बहन अन्नू को गिरफ्तारी पर स्टे मिल गया। इसके बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ रखकर बैठी रही। मुल्जिमों की गिरफ्तारी केप्रयास ही नहीं किए गए। मंगलवार को इस केस में भी जांच तेज हो गई। पुलिस ने गागा के मकान की कुर्की के लिए कोर्ट में अर्जी दे दी। उसके खिलाफ कुर्की पूर्व वारंट ( धारा 82) पहले ही जारी हो चुका है।
चौथ वसूली केस में संजीव पर शिकंजा
चौथ वसूली केस में भी अब संजीव रस्तोगी पर शिकंजा कसा जा रहा है। मंगलवार को पुलिस ने कोर्ट में कुर्की के लिए अर्जी दी। इसमें अशोक वर्मा, अजय जैन और अनिल कुमार शर्मा का भी नाम है। बता दें, दोनों केस में कुल मिलाकर नौ आरोपी बनाए गए। गिरफ्तारी अभी तक एक भी नहीं हो पाई है। पुलिस की जांच अचानक से तेज और अचानक से ही सुस्त हो जाती है। देखना यह है कि इस बार कार्रवाई होती है या फिर से ब्रेक लग जाता है।
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इस मामले में कुल तीन आरोपी बनाए गए थे। इनमें से संजीव को ड्राइवर रवि को पुलिस ने सबसे पहले क्लीन चिट दी। दूसरे नंबर संजीव के दोस्त स्वदेश वर्मा उर्फ गागा का नाम निकाला। उस पर साजिश रचने का आरोप था। इसके बाद संजीव को भी राहत देने की तैयारी चल रही थी लेकिन 30 अगस्त के अंक में अमर उजाला में इस खेल की खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई। इसके बाद पुलिस का रवैया अचानक से बदल गया।
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हरीपर्वत थाना पुलिस ने दिल्ली के वसंत विहार स्थित उस हास्पिटल को ई-मेल किया, जिसमें संजीव का उपचार चल रहा है। उसकी तबीयत के बारे में जानकारी की गई थी। डाक्टर ने जवाब दिया, उसे अब फिजिकल एक्सरसाइज की जरूरत है। पैरालाइसिस के चलते वह व्हीलचेयर पर है। उसे पांच सितंबर को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इंस्पेक्टर हरीपर्वत थाना का कहना है कि उसे डिस्चार्ज किए जाते ही पकड़ लिया जाएगा।
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गागा के मकान की कुर्की मांगी
राजकुमार की हत्या मामले से जुड़े चौथ वसूली केस में भी पुलिस तमाम ढिलाई बरत रही थी। इसके चलते संजीव रस्तोगी की पत्नी हेमन रस्तोगी और बहन अन्नू को गिरफ्तारी पर स्टे मिल गया। इसके बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ रखकर बैठी रही। मुल्जिमों की गिरफ्तारी केप्रयास ही नहीं किए गए। मंगलवार को इस केस में भी जांच तेज हो गई। पुलिस ने गागा के मकान की कुर्की के लिए कोर्ट में अर्जी दे दी। उसके खिलाफ कुर्की पूर्व वारंट ( धारा 82) पहले ही जारी हो चुका है।
चौथ वसूली केस में संजीव पर शिकंजा
चौथ वसूली केस में भी अब संजीव रस्तोगी पर शिकंजा कसा जा रहा है। मंगलवार को पुलिस ने कोर्ट में कुर्की के लिए अर्जी दी। इसमें अशोक वर्मा, अजय जैन और अनिल कुमार शर्मा का भी नाम है। बता दें, दोनों केस में कुल मिलाकर नौ आरोपी बनाए गए। गिरफ्तारी अभी तक एक भी नहीं हो पाई है। पुलिस की जांच अचानक से तेज और अचानक से ही सुस्त हो जाती है। देखना यह है कि इस बार कार्रवाई होती है या फिर से ब्रेक लग जाता है।