फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   rishwat 5 leks

एसपी क्राइम पर रिश्वत में पांच लाख मांगने का आरोप

Thu, 13 Apr 2017 12:54 AM IST
एसपी क्राइम पर रिश्वत में पांच लाख मांगने का आरोप
एसपी क्राइम पर रिश्वत में पांच लाख मांगने का आरोप Updated Thu, 13 Apr 2017 12:54 AM IST
विज्ञापन
rishwat 5 leks
रास्ते के विवाद में गई महिला की जान - फोटो : demo pic
एसपी क्राइम आनंद कुमार पर जमीन के एक मामले की जांच में पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। बुधवार दोपहर एक ऑडियो सीडी भी एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह को सौंपी गई। इसमें दो क्लिप हैं। एसएसपी ने तुरंत ही एसपी प्रोटोकॉल विद्या सागर मिश्र को जांच सौंप दी। मिश्र ने एक ही दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट एसएसपी को दे दी। इसमें एसपी क्राइम को क्लीन चिट दी गई है। रिश्वत मांगने का आरोप गलत बताया गया है।
विज्ञापन

एत्माद्दौला के मनोज कुशवाहा भाजपा नेता गोविंद चाहर के साथ एसएसपी से मिले। मनोज ने बताया कि उसका रामबाग चौराहा पर 800 वर्ग गज का प्लाट है। इस पर एटा के एक भूमाफिया ने कब्जा जमा लिया है। एसपी क्राइम ने जांच रिपोर्ट उसके पक्ष में दे दी थी। मनोज ने बताया कि उसके प्लॉट पर 22 फरवरी 2017 को कब्जे की कोशिश की गई थी। उसने एसएसपी से शिकायत की। उन्होंने एसपी क्राइम को जांच सौंप दी। वह जांच रिपोर्ट उसके पक्ष में देने के बदले पांच लाख की मांग कर रहे थे। वह रकम नहीं दे पाया, तो रिपोर्ट उसके खिलाफ दे दी।
विज्ञापन

उसने एक सीडी सौंपकर कहा कि इसमें दो ऑडियो क्लिप हैं। एक में एसपी क्राइम खुद पैसे की बात कर रहे हैं। दूसरे में उनके ऑफिस का कर्मचारी। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने तुरंत ही इसकी जांच एसपी प्रोटोकॉल डा. विद्या सागर मिश्र को दे दी। उधर, इस जांच रिपोर्ट पर मनोज का कहना है कि वह इससे संतुष्ट नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है जांच रिपोर्ट
एसपी प्रोटोकॉल की जांच रिपोर्ट में एसपी क्राइम पर लगाए गए सभी आरोप गलत बताए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि जमीन के विवाद के संबंध में 20 मार्च को रिपोर्ट दी गई है। यह लेखपाल और एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर  है। ऑडियो में रिश्वत मांगे जाने की जो बात कही गई है, वह भी गलत है। एसपी क्राइम या उनके ऑफिस से कर्मचारी की ओर से एक बार भी रिश्वत की डिमांड नहीं की गई है। मनोज अपनी तरफ से ही पैसे की बात करता सुनाई दे रहा है। उधर इस जांच रिपोर्ट पर एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने अभी निर्णय नहीं लिया है।

ऑडियो - 1
यह एसपी क्राइम आफिस के एक कर्मचारी और मनोज के बीच फोन पर हुई बातचीत का बताया गया है। यह एक मिनट 20 सेकेंड का है।
कर्मचारी : हेलो, हां मनोज, कितनी देर में आर रहे हो? साहब पूछ रहे हैं? एसपी क्राइम साहब के यहां से।
मनोज :  मैं तो अभी यहां हूं, टाइम लगेगा मुझे।
कर्मचारी : अरे यार, फिर साहब उठ जाएंगे, तब तुम आओगे, क्या मतलब, तुम बहुत ढीले आदमी हो?
मनोज : ढीले नहीं हैं, पैसे के चक्कर में लगा हूं मैं इंतजाम करने में, प्रॉब्लम यह हो रही है, पैसे हाथ में आएं तो आऊं, खाली हाथ चला आउं आपके पास, खाली हाथ चला आऊं तो क्या फायदा है?

कर्मचारी : अरे तो कम से कम आओ तो सही, कितनी देर लग जाएगी?
मनोज : क्या करूं साहब से मिलकर खाली हाथ?
कर्मचारी : कितनी देर में आ जाओगे, ये बताओ।
मनोज : क्या करूं खाली हाथ साहब से मिलकर ये बताओ? मैं तो कह रहा हूं, इंतजाम हो जाए, शाम को आ जाउंगा।
कर्मचारी : फोन करके आ जाना, फोन करके।

ऑडियो - 2
( एसपी क्राइम और मनोज के साले पवन के बीच फोन पर हुई बातचीत का बताया गया है। बाद में पवन और मनोज की बात हुई है। यह एक मिनट 37 सेकेंड का है )
- एसपी क्राइम  : पवन तुम तो बात ही नहीं कर रहे हो, हाथ ही नहीं आ रहे हो? हाथ खींच लिए हो मामले से।
पवन : सर नमस्कार, क्या हुआ सर, इन्होंने कुछ नहीं किया क्या?
एसपी क्राइम : कुछ भी नहीं किया, तुम आ नहीं रहे, न इन्होंने कुछ किया। हुआ ही नहीं कुछ। तुम लोग विश्वसनीय नहीं हो न। तुम लोग सब कोई विश्वनीय नहीं हो। इसीलिए तो मैं कह रहां हूं, तुम खुद ही आए थे, हम तो इनको जानते नहीं थे, तुमने लाया, कहा।
पवन : नहीं सर, मैंने इनसे कहा था, क्या नाम है, एसपी साहब से जब हम कहके आए हैं, तो जीजाजी इसकी व्यवस्था करो।
एसपी क्राइम : इनसे पूछो, एक पैसे का कुछ किया हो तो पूछो। इन्हीं से पूछो। पूछकर फिर बात करो।
मनोज: वोई पैसे वाली बात थी, इंतजाम हो नहीं पा रहा है। बड़े परेशान हैं।
पवन : नैक पैसा हो तो बात नाय, तीन लाख रुपये कहां ते आएंगे, ऐ एसपी सिटी साहब, बिरादरीवाद नाय निभाय रे जे।
मनोज : मैं 20-25 हजार रुपये की व्यवस्था ही कर सकता हूं।
पवन : चलो ठीक है, तुम बात कर लो क्या से क्या है , फिर बाद में बात कर लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed