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दुष्कर्म पीड़िता को धमकाने में फंस गई महिला सामाजिक कार्यकर्ता, एनएचआरसी ने की कार्रवाई
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 22 Sep 2017 08:03 AM IST
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आदेश पर थाना हरीपर्वत में आगरा के सामाजिक संगठन महिला शांति सेना की पदाधिकारी, रामलाल वृद्धाश्रम के पदाधिकारी और एक युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि युवक ने युवती के साथ दुष्कर्म किया। महिला शांति सेना की सदस्य ने आश्रम में आकर युवती से मारपीट की। जान से मारने की धमकी दी।
अलीगढ़ के नौरंगाबाद की रहने वाली युवती बचपन से अपनी बहन के यहां रहती थी। उसका आरोप था कि बहन और जीजा ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। घर का काम कराते थे। खाना भी ठीक से नहीं देते थे। उसकी मां की मौत हो चुकी थी। पिता शराब पीने का आदी था।
जिस मकान में बहन रहती थी उसी मकान में किराये पर आगरा के वजीरपुरा का निवासी गोल्डी उपाध्याय रहने के लिए आया। मकान मालिक को अपना मामा बताता था। उसने युवती से दोस्ती कर ली। मई, 2013 में उसे अच्छे से रखने का झांसा देकर अपने घर ले आया। उसे अपनी पत्नी कहने लगा। इसके बाद यौन शोषण शुरू कर दिया।
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अलीगढ़ के नौरंगाबाद की रहने वाली युवती बचपन से अपनी बहन के यहां रहती थी। उसका आरोप था कि बहन और जीजा ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। घर का काम कराते थे। खाना भी ठीक से नहीं देते थे। उसकी मां की मौत हो चुकी थी। पिता शराब पीने का आदी था।
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जिस मकान में बहन रहती थी उसी मकान में किराये पर आगरा के वजीरपुरा का निवासी गोल्डी उपाध्याय रहने के लिए आया। मकान मालिक को अपना मामा बताता था। उसने युवती से दोस्ती कर ली। मई, 2013 में उसे अच्छे से रखने का झांसा देकर अपने घर ले आया। उसे अपनी पत्नी कहने लगा। इसके बाद यौन शोषण शुरू कर दिया।
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वृद्धाश्रम में धमकाने आई सामाजिक कार्यकर्ता
पीड़िता का गर्भपात भी करा दिया। इसके बाद उत्पीड़न शुरू कर दिया। उसे कमरे में बंद करकेरखता था। अपने दोस्तों से भी शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। विरोध पर मारपीट करता। इससे तंग आकर वह घर से भाग निकली। एक युवक की मदद से उसकी मुलाकात महिला शांति सेना की पदाधिकारी शीला बहल से हुई।
उन्होंने युवती को सिकंदरा स्थित रामलाल आश्रम में रखवा दिया। आरोप है कि एक दिन शीला बहल और गोल्डी वहां आए। शीला बहल ने उस पर गोल्डी के साथ रहने का दबाव डाला। मना करने पर जान से मारने की धमकी दी और आश्रम में ही मारपीट कर डाली।
उन्होंने युवती को सिकंदरा स्थित रामलाल आश्रम में रखवा दिया। आरोप है कि एक दिन शीला बहल और गोल्डी वहां आए। शीला बहल ने उस पर गोल्डी के साथ रहने का दबाव डाला। मना करने पर जान से मारने की धमकी दी और आश्रम में ही मारपीट कर डाली।
संस्था पदाधिकारी की शिकायत पर हुई कार्रवाई
क्यूआईसीएसी की प्रदेश समन्वयक विनीका करौली ने युवती से संपर्क किया। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति के आदेश पर युवती का मेडिकल कराया गया। इसमें उसकी उम्र 18 वर्ष आई। एक साल पहले नाबालिग थी, तब युवक उसे लेकर आया था।
समिति के आदेश पर युवती को आश्रय गृह भेज दिया। हरीपर्वत पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश किए। मामले में क्यूआईसीएसी की विनीका करौली ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में शिकायत की।
चार साल बाद थाना हरीपर्वत में गोल्डी उपाध्याय, शीला बहल और रामलाल वृद्ध आश्रम के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें दुष्कर्म, मारपीट, बंधक बनाने सहित अन्य धारा में लगाई गई हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
समिति के आदेश पर युवती को आश्रय गृह भेज दिया। हरीपर्वत पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश किए। मामले में क्यूआईसीएसी की विनीका करौली ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में शिकायत की।
चार साल बाद थाना हरीपर्वत में गोल्डी उपाध्याय, शीला बहल और रामलाल वृद्ध आश्रम के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें दुष्कर्म, मारपीट, बंधक बनाने सहित अन्य धारा में लगाई गई हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।