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पिता ने नहीं, प्रेमी ने किया था दुष्कर्म
पिता ने नहीं, प्रेमी ने किया था दुष्कर्म
Updated Mon, 04 Apr 2016 01:43 AM IST
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पहले लड़की ने दादा पर आरोप लगाया था।
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शाहगंज क्षेत्र में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में नया मोड़ आ गया। उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डा. ज्योति सिंह को पीड़िता ने बताया कि मोहल्ले के एक युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इससे पूर्व उसने पुलिस को दिए बयान में पिता पर यह आरोप लगाया था। पुलिस पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
डा. ज्योति सिंह रविवार को पीड़िता से मिलने पंचशील आश्रय गृह पहुंची। पीड़िता ने बताया कि दोषी पिता नहीं, बल्कि उसका प्रेमी है। क्षेत्र के ही जूता कारीगर युवक से उसके प्रेम संबंध हो गए। युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध पर शादी का वायदा करके चुप कर दिया। गर्भवती होने की जानकारी दी तो वह उसे छोड़कर दिल्ली भाग गया। तकरीबन दो महीने से उससे बात नहीं हो सकी है। वह घरवालों से गर्भवती होने की बात छिपाती रही। मगर, महिलाओं को पता चला और मोहल्ले में बात फैल गई। लोगों ने पिता पर शक किया। उनकी पिटाई भी कर दी। डर के कारण उसने कुछ नहीं कहा। उसने कहा कि डीएनए जांच कराकर इसका पता किया जा सकता है। मां की मौत कई साल पहले हो गई थी। पिता ने दूसरी शादी भी नहीं की। वह दोषी नहीं हैं। इस पर राज्य महिला आयोग की सदस्य ने एसपी क्राइम को दोबारा जांच कराने के आदेश दिए हैं।
कानपुर या लखनऊ में होगी शिफ्ट
डा. ज्योति सिंह ने बताया कि पीड़िता छह माह की गर्भवती है। उसमें खून की कमी है। सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए उसे कहीं और शिफ्ट करने की जरूरत है। इसलिए वह लखनऊ या कानपुर के अस्पताल में डिलीवरी कराने के लिए प्रयास करेंगी। उधर, मुख्यमंत्री राहत कोष से भी सहायता दिलाने के भी प्रयास किए जाएंगे। दूसरे आश्रय गृह में रखने के लिए जिला प्रोवेशन अधिकारी को निर्देशित किया है।
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डा. ज्योति सिंह रविवार को पीड़िता से मिलने पंचशील आश्रय गृह पहुंची। पीड़िता ने बताया कि दोषी पिता नहीं, बल्कि उसका प्रेमी है। क्षेत्र के ही जूता कारीगर युवक से उसके प्रेम संबंध हो गए। युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध पर शादी का वायदा करके चुप कर दिया। गर्भवती होने की जानकारी दी तो वह उसे छोड़कर दिल्ली भाग गया। तकरीबन दो महीने से उससे बात नहीं हो सकी है। वह घरवालों से गर्भवती होने की बात छिपाती रही। मगर, महिलाओं को पता चला और मोहल्ले में बात फैल गई। लोगों ने पिता पर शक किया। उनकी पिटाई भी कर दी। डर के कारण उसने कुछ नहीं कहा। उसने कहा कि डीएनए जांच कराकर इसका पता किया जा सकता है। मां की मौत कई साल पहले हो गई थी। पिता ने दूसरी शादी भी नहीं की। वह दोषी नहीं हैं। इस पर राज्य महिला आयोग की सदस्य ने एसपी क्राइम को दोबारा जांच कराने के आदेश दिए हैं।
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कानपुर या लखनऊ में होगी शिफ्ट
डा. ज्योति सिंह ने बताया कि पीड़िता छह माह की गर्भवती है। उसमें खून की कमी है। सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए उसे कहीं और शिफ्ट करने की जरूरत है। इसलिए वह लखनऊ या कानपुर के अस्पताल में डिलीवरी कराने के लिए प्रयास करेंगी। उधर, मुख्यमंत्री राहत कोष से भी सहायता दिलाने के भी प्रयास किए जाएंगे। दूसरे आश्रय गृह में रखने के लिए जिला प्रोवेशन अधिकारी को निर्देशित किया है।
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