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बैकफुट पर आए पंच, वापस लिया फरमान
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Thu, 09 Mar 2017 11:52 PM IST
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पुलिस-प्रशासन की सख्ती से बंध गई पंचों की घिग्घी
- फोटो : अमर उजाला
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मलिकपुरा गांव में रिंकू के परिवार के सामाजिक बहिष्कार का फरमान सुनाने वाले पंचों को पुलिस ने थाने में बुलाकर जरा सी सख्ती क्या दिखाई, उनकी सारी हेकड़ी निकल गई। जैसे ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने का डर दिखाया, पंचों की घिग्घी बंध गई। दस मिनट के भीतर पुलिस को लिखकर दे दिया कि फरमान वापस लिया जाता है। साथ ही भरोसा भी दिया कि भविष्य में ऐसा कोई फैसला नहीं लिया जाएगा जिससे कानून का उल्लंघन होता है।
बतादें कि मलिकपुरा के रिंकू ने दो महीने पहले बहन की शादी दूरा गांव के एक फौजी से कर दी थी। इसी पर मलिकपुरा के लोग भड़क गए थे। 15 दिन पहले पंचायत बुलाकर रिंकू के परिवार के सामाजिक बहिष्कार का फरमान सुना दिया। यह भी एलान कर दिया कि अगर गांव के किसी शख्स ने रिंकू के परिवार के किसी व्यक्ति के साथ बात भी की तो उस पर 5100 रुपये जुर्माना लगा दिया जाएगा।
इस फैसले के खिलाफ रिंकू ने साहस दिखाते हुए बुधवार को एसएसपी से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी। एसएसपी ने फतेहपुर सीकरी के थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि अगर रिंकू चाहे तो उसकी तहरीर पर पंचों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया जाए। थाना प्रभारी ने रिंकू को कार्रवाई का भरोसा दिया।
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पुलिस ने दिखाई सख्ती
फतेहपुर सीकरी थाना पुलिस ने गुरुवार को उन लोगों को बुला लिया जो रिंकू के परिवार के खिलाफ फरमान जारी करने वाली पंचायत में शामिल बताए गए थे। उन्हें सख्ती से बताया गया कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। सभी को मुचलका पाबंद किया जाएगा।
पंचों ने गलती मानी
थाने पर एसडीएम अजित कुमार सिंह और सीओ रविकांत पाराशर भी मौजूद रहे। पुलिस की सख्ती से डरकर पंचायत में शामिल रहे लोगों ने लिखकर दिया कि रिंकू के परिवार का बहिष्कार नहीं किया जाएगा। किसी ग्रामीण पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी।
सौ साल की रवायत टूटी
बुजुर्गों की मानें तो 100 साल पहले दूरा गांव के लोगों ने चाहरवाटी के लोगों की पिटाई की थी। तभी यह फैसला लिया गया था कि जाट समुदाय के चाहर गौत्र बहुल चाहरवाटी क्षेत्र के किसी भी गांव से दूरा में न तो कोई बरात जाएगी और न वहां से आएगी। दूरा को दुश्मन गांव मान लिया गया था। दूरा में जाट समुदाय के खैनवार गौत्र का बाहुल्य है।
न्याय की जीत हुई
रिंकू के पिता गुल्टन सिंह का कहना है कि न्याय की जीत हुई है। पंचों ने बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया है। इसके लिए पुलिस प्रशासन और मीडिया का शुक्रिया। दूरा और चाहरवाटी के बीच खड़ी की गई दीवार अब गिर जाएगी।
सहमति से सुलझा मामला: सीओ
सीओ अछनेरा रविकांत पाराशर ने कहा कि मलिकपुर के ग्रामीणों ने आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया है। यदि किसी पक्ष द्वारा बेवजह मामले को तूल दिया जाता है या कानून के विरुद्ध कोई फैसला किया जाता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं उपजिलाधिकारी अजित कुमार सिंह ने पूरे मामले पर कहा कि आपसी सहमति से बहिष्कार जैसे मामले को ग्रामीणों ने खत्म कर लिया है।
ग्राम समिति निपटाएगी मामला
ग्राम मलिकपुर में बेटी की शादी पर परिवार के सामाजिक बहिष्कार के मामले में थाना सीकरी में दोनों पक्षों के लोगों में से बुजुर्गों को ग्राम समिति का सदस्य चुना गया। समिति के सदस्य ही होली से पूर्व गले मिलकर पूरे मामले का निपटारा करेंगे। समिति में प्रधान रामेश्वर सिंह, पूर्व प्रधान यादराम, पूर्व प्रधन राजवीर सिंह समेत अन्य ग्रामीणों को ग्राम समिति में चुना गया।
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बतादें कि मलिकपुरा के रिंकू ने दो महीने पहले बहन की शादी दूरा गांव के एक फौजी से कर दी थी। इसी पर मलिकपुरा के लोग भड़क गए थे। 15 दिन पहले पंचायत बुलाकर रिंकू के परिवार के सामाजिक बहिष्कार का फरमान सुना दिया। यह भी एलान कर दिया कि अगर गांव के किसी शख्स ने रिंकू के परिवार के किसी व्यक्ति के साथ बात भी की तो उस पर 5100 रुपये जुर्माना लगा दिया जाएगा।
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इस फैसले के खिलाफ रिंकू ने साहस दिखाते हुए बुधवार को एसएसपी से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी। एसएसपी ने फतेहपुर सीकरी के थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि अगर रिंकू चाहे तो उसकी तहरीर पर पंचों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया जाए। थाना प्रभारी ने रिंकू को कार्रवाई का भरोसा दिया।
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पुलिस ने दिखाई सख्ती
फतेहपुर सीकरी थाना पुलिस ने गुरुवार को उन लोगों को बुला लिया जो रिंकू के परिवार के खिलाफ फरमान जारी करने वाली पंचायत में शामिल बताए गए थे। उन्हें सख्ती से बताया गया कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। सभी को मुचलका पाबंद किया जाएगा।
पंचों ने गलती मानी
थाने पर एसडीएम अजित कुमार सिंह और सीओ रविकांत पाराशर भी मौजूद रहे। पुलिस की सख्ती से डरकर पंचायत में शामिल रहे लोगों ने लिखकर दिया कि रिंकू के परिवार का बहिष्कार नहीं किया जाएगा। किसी ग्रामीण पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी।
सौ साल की रवायत टूटी
बुजुर्गों की मानें तो 100 साल पहले दूरा गांव के लोगों ने चाहरवाटी के लोगों की पिटाई की थी। तभी यह फैसला लिया गया था कि जाट समुदाय के चाहर गौत्र बहुल चाहरवाटी क्षेत्र के किसी भी गांव से दूरा में न तो कोई बरात जाएगी और न वहां से आएगी। दूरा को दुश्मन गांव मान लिया गया था। दूरा में जाट समुदाय के खैनवार गौत्र का बाहुल्य है।
न्याय की जीत हुई
रिंकू के पिता गुल्टन सिंह का कहना है कि न्याय की जीत हुई है। पंचों ने बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया है। इसके लिए पुलिस प्रशासन और मीडिया का शुक्रिया। दूरा और चाहरवाटी के बीच खड़ी की गई दीवार अब गिर जाएगी।
सहमति से सुलझा मामला: सीओ
सीओ अछनेरा रविकांत पाराशर ने कहा कि मलिकपुर के ग्रामीणों ने आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया है। यदि किसी पक्ष द्वारा बेवजह मामले को तूल दिया जाता है या कानून के विरुद्ध कोई फैसला किया जाता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं उपजिलाधिकारी अजित कुमार सिंह ने पूरे मामले पर कहा कि आपसी सहमति से बहिष्कार जैसे मामले को ग्रामीणों ने खत्म कर लिया है।
ग्राम समिति निपटाएगी मामला
ग्राम मलिकपुर में बेटी की शादी पर परिवार के सामाजिक बहिष्कार के मामले में थाना सीकरी में दोनों पक्षों के लोगों में से बुजुर्गों को ग्राम समिति का सदस्य चुना गया। समिति के सदस्य ही होली से पूर्व गले मिलकर पूरे मामले का निपटारा करेंगे। समिति में प्रधान रामेश्वर सिंह, पूर्व प्रधान यादराम, पूर्व प्रधन राजवीर सिंह समेत अन्य ग्रामीणों को ग्राम समिति में चुना गया।