फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Police lathi charged on people who crying

पुलिस ने रोते-बिलखते लोगों पर बरसाई लाठी

Sun, 22 Jan 2017 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
अमर उजाला ब्यूरो आगरा Updated Sun, 22 Jan 2017 12:10 AM IST
विज्ञापन
Police lathi charged on people who crying
बल्केश्वर में काफी देर तक रहा अफरा तफरी का माहौल - फोटो : अमर उजाला
बल्केश्वर स्थित देशी शराब के ठेके में मारे गए कर्मचारियों के शवों को उठाने में पुलिस ने जल्दबाजी दिखाई। उनके परिवारीजनों का आरोप है कि वे सिर्फ शवों को देखना चाहते थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोका। इस बात का विरोध किया तो उन्हें दौड़ा दौड़ाकर पीटा गया। उधर, पुलिस के बल प्रयोग के चलते बल्केश्वर में काफी देर अफरा तफरी रही। पुलिस ने शवों को केबिन का ताला तोड़कर निकालने के बाद एक-एक चादर में लपेट लिया और लोडिंग आटो में रख लिया। इसी बीच राहुल के परिवारीजन विरोध करने लगे। उन्होंने पहले आटो चालक को रोका। इस पर पुलिस ने उन्हें धक्के देकर हटाया। इस पर वह भड़क गए। चालक ने आटो दौड़ाया तो युवक ने ईंट फेंक दी। भीड़ भी पहुंच गई। इस पर पुलिस ने लोगों पर लाठियां बरसाईं। परिवारीजनों को दौड़ा-दौड़कर पीटा। इससे अफरातफरी मच गई।
विज्ञापन



करीबी हैं कातिल, पुलिस को मिले सुराग
डबल मर्डर में पुलिस ने कुछ सुराग मिलने का दावा किया है। शनिवार देर रात कई लोगों को थाना बुलाकर पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि वारदात में दोनों कर्मचारियों के करीबियों का हाथ है। जल्द ही केस खुल जाएगा। ठेके से मिले सीसीटीवी की डीवीआर में डाटा डिलीट मिला है। इसे रिकवर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि कैमरे रात में बंद थे लेकिन इससे पहले की रिकार्डिंग भी कम काम की नहीं है।
विज्ञापन


कपड़े से गला दबाकर की गई हत्या
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों की हत्या गला दबाकर की गई है। इसकी जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुई है। गले पर कपड़े के निशान थे। राहुल और कमलेश के शरीर पर किसी तरह की चोट का निशान नहीं मिला है। उनके मुंह से खून निकल रहा था। राहुल के गले में कपड़ा मिला था। आशंका है कि उसी कपड़े से दोनों की गला दबाकर हत्या की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


15 दिन पहले ही नौकरी पर आया था कमलेश
ठेके में मारा गया कमलेश पांच जनवरी को ही काम करने आया था। गांव के रवि ने उसे बुलाया था। उसने लोकेंद्र शिवहरे से कैंटीन का ठेका लिया था। कमलेश की पत्नी संजू देवी है। दो बेेटी निशा, शिवानी और एक साल का बेटा आर्यन है। कमलेश की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसका भाई अवधेश भी खंदारी में एक ठेके पर काम करता है।

कर्मचारियों ने किया था संघर्ष
ठेके में बने केबिन में सामान बिखरा हुआ था। कमलेश के शव पर तवा भी रखा हुआ था। इससे आशंका है कि जान बचाने के लिए दोनों कर्मचारियों ने काफी देर तक संघर्ष किया होगा। दोनों को मौत के घाट उतारना भी आसान नहीं था। आशंका है कि हत्या एक से ज्यादा लोगों ने मिलकर की होगी।

आधी रात तक ठेके पर लगती है भीड़
लोगों ने बताया कि इलाके के ज्यादातर शराब के ठेकों पर आधी रात तक लोगों की भीड़ लगी रहती है। ठेके बंद होने का समय रात 11 बजे का है। मगर, लोग इसके बाद भी शराब खरीदकर ले जाते देखे जाते हैं।



...मेरे भाई से मिलवा दो
मृतक राहुल शर्मा के परिवारीजन सबसे पहले पहुंचे। उसके भाई पिंटू का रो-रोकर बुरा हाल था। पिंटू भाई को देखना चाहता था, लेकिन पुलिस ने उसे अंदर नहीं जाने दिया। शव को भी पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। राहुल के भाई करुआ, भोला, गौरव भी आ गए। गौरव भी एक ठेके पर सेल्समैन का कार्य करता है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed