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अब लूट मानकर जांच में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Sat, 25 Jun 2016 01:04 AM IST
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आठ महीने से खुलासे में नाकाम पुलिस के हाथ लगे सुराग
- फोटो : file photo
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चर्चित ग्रोवर दंपति हत्याकांड की फाइल पुलिस ने एक बार फिर खोल दी है। अब बताया जा रहा है कि कुछ सुराग हाथ लग गए हैं। इस बार जांच लूट की दिशा में की जा रही है। इससे पहले पुलिस वारदात का मकसद लूट मानने के लिए तैयार नहीं थी। पिछले तीन दिन में पुलिस ने कई बदमाशों से पूछताछ भी की है।
थाना पुलिस का दावा तो यह है कि इस बार एकदम सटीक लाइन मिली है और जल्द ही खुलासा हो जाएगा, लेकिन अधिकारी दावे को परखने में लगे हैं। बता दें, 14 नवंबर 2015 की रात पाश कालोनी खंदारी में अवनीश ग्रोवर और उनकी पत्नी ऊषा ग्रोवर की कोठी में ही हत्या कर दी गई थी। आठ महीने में पुलिस कोई सुराग तक नहीं लगा पाई।
दो महीने पहले शक हुआ था कि वारदात में भरतपुर के चिकसाना के खानाबदोश अपराधियों का हाथ हो सकता है, लेकिन इसमें दम नहीं निकला। तब से केस ठंडे बस्ते में था। चार दिन पहले ही पुलिस को कुछ सुराग हासिल हुए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुराग सर्विलांस सेल ने दिए हैं। घटना की रात खंदारी क्षेत्र में इस्तेमाल किए गए फोन की काल डिटेल के अध्ययन से यह जानकारी आई है।
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थाना पुलिस इस पर काम कर रही है। एसपी सिटी सुशील घुले का कहना है कि पुलिस केप्रयास जारी हैं। अभी ठोस सुराग नहीं मिला है। उधर, पुलिस ने जो फिंगर प्रिंट फोरेंसिक साइंस लैब लखनऊ भेजे थे, उनकी रिपोर्ट नहीं आई है। मौका ए वारदात से फील्ड यूनिट को कातिलों के फिंगर प्रिंट मिल गए थे। इनसे मिलान के लिए संदिग्धों के फिंगर प्रिंट भेजे गए थे। इस केस पर डीजीपी जावीद अहमद की भी नजर है। उनकी क्राइम ब्रांच भी खुलासे के प्रयास में लगी है।
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थाना पुलिस का दावा तो यह है कि इस बार एकदम सटीक लाइन मिली है और जल्द ही खुलासा हो जाएगा, लेकिन अधिकारी दावे को परखने में लगे हैं। बता दें, 14 नवंबर 2015 की रात पाश कालोनी खंदारी में अवनीश ग्रोवर और उनकी पत्नी ऊषा ग्रोवर की कोठी में ही हत्या कर दी गई थी। आठ महीने में पुलिस कोई सुराग तक नहीं लगा पाई।
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दो महीने पहले शक हुआ था कि वारदात में भरतपुर के चिकसाना के खानाबदोश अपराधियों का हाथ हो सकता है, लेकिन इसमें दम नहीं निकला। तब से केस ठंडे बस्ते में था। चार दिन पहले ही पुलिस को कुछ सुराग हासिल हुए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुराग सर्विलांस सेल ने दिए हैं। घटना की रात खंदारी क्षेत्र में इस्तेमाल किए गए फोन की काल डिटेल के अध्ययन से यह जानकारी आई है।
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थाना पुलिस इस पर काम कर रही है। एसपी सिटी सुशील घुले का कहना है कि पुलिस केप्रयास जारी हैं। अभी ठोस सुराग नहीं मिला है। उधर, पुलिस ने जो फिंगर प्रिंट फोरेंसिक साइंस लैब लखनऊ भेजे थे, उनकी रिपोर्ट नहीं आई है। मौका ए वारदात से फील्ड यूनिट को कातिलों के फिंगर प्रिंट मिल गए थे। इनसे मिलान के लिए संदिग्धों के फिंगर प्रिंट भेजे गए थे। इस केस पर डीजीपी जावीद अहमद की भी नजर है। उनकी क्राइम ब्रांच भी खुलासे के प्रयास में लगी है।