{"_id":"597b61504f1c1ba87d8b45df","slug":"police-and-provincial-armed-constabulary-deployed-in-jaupura-village-of-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दलित गवाह की हत्या के बाद छावनी बना यह गांव, घर छोड़ भागे आरोपी ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दलित गवाह की हत्या के बाद छावनी बना यह गांव, घर छोड़ भागे आरोपी
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 28 Jul 2017 09:37 PM IST
विज्ञापन
गांव में पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के थाना सिकंदरा के गांव जऊपुरा में दलित नवाब सिंह की पीट-पीटकर हत्या के बाद से तनाव भरी शांति है। इसको देखते हुए पुलिस के साथ पीएसी को भी तैनात कर दिया गया है। उधर, पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव में दबिश दी। मगर, सभी आरोपी घरों से फरार हो गए। उनके घरों पर ताले लटके हुए हैं।
गांव जऊपुरा के अशोक यादव और नगला जऊपुरा के दलित भीमसेन के बीच 2004 से रंजिश चली आ रही है। एक केस में कोर्ट में गवाही होनी है। इससे रोकने के लिए बुधवार रात को भीमसेन के बेटे राकेश और भाई नवाब सिंह पर अशोक पक्ष ने हमला बोल दिया था। नवाब सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना से गांव में जातीय तनाव के हालात हैं।
गांव में पुलिस और पीएसी को तैनात किया गया है। हत्या के मामले में 22 पर मुकदमा दर्ज किया गया था। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। आरोपी घरों से फरार हो गए हैं। उनके घरों पर ताले लटके हुए हैं। कुछ घरों में महिलाएं और बच्चे ही बचे हैं।
विज्ञापन
गांव जऊपुरा के अशोक यादव और नगला जऊपुरा के दलित भीमसेन के बीच 2004 से रंजिश चली आ रही है। एक केस में कोर्ट में गवाही होनी है। इससे रोकने के लिए बुधवार रात को भीमसेन के बेटे राकेश और भाई नवाब सिंह पर अशोक पक्ष ने हमला बोल दिया था। नवाब सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना से गांव में जातीय तनाव के हालात हैं।
विज्ञापन
गांव में पुलिस और पीएसी को तैनात किया गया है। हत्या के मामले में 22 पर मुकदमा दर्ज किया गया था। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। आरोपी घरों से फरार हो गए हैं। उनके घरों पर ताले लटके हुए हैं। कुछ घरों में महिलाएं और बच्चे ही बचे हैं।
बच्ची ने घर पहुंचकर दी थी जानकारी
गांव में घरवाले
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार रात को राकेश और नवाब सिंह पर जिस समय हमला बोला गया उस समय राकेश की चार साल की बेटी भी साथ थी। हमले के दौरान बालिका को लोगों ने खेत में फेंक दिया था। वह पैदल घर की ओर भाग गई। इसके बाद घर पहुंचकर घटना की जानकारी दी। तब परिवारीजन आए।