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आगरा में पकड़ी नकली  विदेशी पिस्टल की फैक्ट्री

Tue, 07 Mar 2017 12:06 AM IST
आगरा में पकड़ी नकली  विदेशी पिस्टल की फैक्ट्री
आगरा में पकड़ी नकली  विदेशी पिस्टल की फैक्ट्री Updated Tue, 07 Mar 2017 12:06 AM IST
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आगरा में पकड़ी नकली  विदेशी पिस्टल की फैक्ट्री - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

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 पुलिस ने सोमवार सुबह सिकंदरा इलाके से बड़े विदेशी ब्रांड की हुबहु नकली पिस्टल बनाने की दो फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है। इनमें से एक में पिस्टल के पार्ट्स बनाए जा रहे थे। दूसरी में इन्हें जोड़कर फाइनल टच दिया जा रहा था। इन पिस्टलों की सप्लाई ऑन डिमांड ऑर्म्स डीलरों को की जा रही थी। अभी तक लगभग 300 पिस्टल बेची भी जा चुकी थीं। फैक्ट्रियों से एक तैयार, 97 अधबनी पिस्टल और 315 कारतूस बरामद किए गए हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी की गई है।
मुख्य आरोपी आवास विकास कालोनी सेक्टर नौ का निवासी लोकेश शर्मा है। वह एमएससी मैथमेटिक्स फर्स्ट डिवीजन है। उसका सेक्टर नौ में ही एक्सक्लूसिव नाम से कोचिंग सेंटर है। उससे पिस्टल खरीदने वाला आर्म्स डीलर है लखनऊ के बजीरगंज की रिवर बैंक कालोनी के पुष्पांजलि एन्कलेव का हरजीत सिंह सरना। उसकी लखनऊ में लाइसेंसी असलहा की तीन दुकानें हैं। सिंह शस्त्रालय, सरल आर्म्स डीलर और अधिकारी गन हाउस। तीसरा आरोपी दिल्ली के तिलकनगर के कृष्णा पार्क का गुरबख्स सिंह है। वह पहले खराद फैक्ट्र्ी में काम करता था। अब लोकेश की फैक्ट्री में पिस्टल तैयार कर रहा था। फैक्ट्री में पिएट्रो बेरेटा, स्टार, बैवले जैसी कंपनियों के नकली पिस्टल बनाए गए हैं।
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लोकेश और उसके पिता मदन लाल शर्मा 20 साल पहले आर्म्स डीलरों के यहां हथियार मरम्मत का काम करते थे। तभी से हथियार बनाना सीख गए थे। लोकेश ने 2012 से पिस्टल बनाकर बेचना शुरू कर दिया। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि और भी कई गन हाउस पर अवैध पिस्टल बेची गई हैं। उनके बारे में पड़ताल की जा रही है। इस गिरोह में और भी लोग शामिल हैं। उनका पता लगाया जा रहा है। आर्म्स डीलर पिस्टल के कैटलॉग भेजते थे। उन्हें देखकर लोकेश और गुरबख्स हुबहु पिस्टल तैयार कर देते थे। आर्म्स डीलर लोकेश को प्रति पिस्टल 1.5 लाख देते थे। वह इनमें से 20 हजार गुरबख्स को देता था। डीलर पिस्टल को छह से आठ लाख में बेचते थे।
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