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करोड़ों रुपये का ऑनलाइन फ्रॉड

Sun, 05 Feb 2017 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा।
अमर उजाला ब्यूरो आगरा। Updated Sun, 05 Feb 2017 11:01 PM IST
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Online multi-crore fraud
धोखा - फोटो : demo pic
ऑनलाइन शॉपिंग में लकी ड्रॉ का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह ने 100-200 नहीं, बल्कि एक हजार से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बनाया। इनसे 4.5 हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक ठगे गए। इस तरह करोड़ों की ठगी की गई है। पुलिस ने दंपति समेत गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे दो लैपटॉप, छह मोबाइल फोन, आठ वायरलैस फोन और वाई-फाई की एक मशीन बरामद की गई है। गिरोह के सरगना समेत तीन सदस्य अभी फरार हैं।
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गिरफ्तार आरोपियों में देहरादून का रहने वाला शरद भट्ट और उसकी पत्नी वंदना भट्ट और आगरा के सदर का राजकुमार है। पूछताछ में इनसे पता चला कि गिरोह का सरगना जितेंद्र चौधरी उर्फ प्रेमनाथ है। उसका पता सदर का बताया गया लेकिन दबिश देने पर वहां उसका घर नहीं मिला।
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जितेंद्र के अलावा उत्तराखंड का मनीष और वाराणसी का विवेक भी शामिल बताया गया है। गिरफ्तार आरोपी इनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे पा रहे। गिरोह ने खंदारी पर जिंजर इन्फोटेक नाम से ऑफिस खोल रखा था। यहां आठ कर्मचारी काम करते थे। लोगों को ठगी के जाल में फंसाकर उनसे पैसा ऐंठने के लिए बैंकों में चार खाते खोले गए थे।
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इनमें से एक कोलकाता की सोनिया पॉल के नाम से है और तीन जिंजर इंफोटेक के नाम से। ऑफिस के रजिस्टरों में एक लाख से ज्यादा मोबाइल नंबर मिले हैं। इनमें एक हजार से ज्यादा नंबर पर लाल रंग का घेरा है। इनका विवरण दो जगह दर्ज है। ये ऐसे लोग हैं जो ठगी का शिकार बन चुके हैं।
बता दें, ठग कंपनी की शिकायत मध्य प्रदेश के इंदौर के थाना विजय नगर स्थित समर पार्क निवासी छाया पाटिल ने की थी। वह एक प्राइवेट कंपनी में फ्रंट आफिस एग्जीक्यूटिव हैं। उससे 4,300 रुपये ठगे गए थे।

ऐसे करते थे फ्रॉड
आगरा (ब्यूरो)। ऐसे लोगों के मोबाइल नंबर इकट्ठे कर रखे थे जो ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं। इन्हें फोन करके कहा जाता था कि उनका लकी ड्रा निकला है। झांसे में आने वाले से कहते थे, आपको कंपनी की ओर से गिफ्ट दिया जाएगा। गिफ्ट में फ्रिज, एलईडी, एप्पल मोबाइल जैसी च्वाइस दी जाती थीं। वह जैसे ही च्वाइस बताता, शर्त रखी जाती कि पहले वैल्यू बाजार नाम की साइट से 4.5 हजार की शॉपिंग करनी होगी, फिर गिफ्ट मिलेगा। साइट पर ठगों के बैंक एकाउंट नंबर थे, झांसे में आने वाले लोग इनमें पैसे जमा करा देते थे। ठग इसे एटीएम कार्ड से निकाल लेते। इसके बाद फिर से फोन कर कहते कि गिफ्ट पैक किया जा चुका है, इसका टीडीएस जमा कराते ही इसे भेज दिया जाएगा। गिफ्ट की कीमत के हिसाब से 10 से 20 हजार तक टीडीएस के नाम पर जमा कराते। इस रकम को भी एटीएम से निकाल लेते। कई लोगों से बातों-बातों में एटीएम कार्ड नंबर और पासवर्ड मालूम कर उनके खातों से ऑनलाइन शॉपिंग भी कर लेते हैं।

पीड़ितों को फोन करेगी पुलिस
इंस्पेक्टर हरीपर्वत थाना ने बताया कि जिन एक हजार लोगों से ठगी की गई है, उन्हें पुलिस की ओर से फोन किए जाएंगे। उनसे शिकायत लेकर दर्ज की जाएगी। फरार आरोपियों के पकड़े जाने पर और भी खुलासे हो सकते हैं।
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