फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   On the strength of their arsenal of illegal mining 'play'

हथियारों के बल पर अवैध खनन का ‘खेल’

Sat, 06 Jun 2015 02:14 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
ब्यूरो, अमर उजाला Updated Sat, 06 Jun 2015 02:14 AM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध के बाद भी चंबल सेंक्च्युरी में हो रहे बालू के अवैध खनन के मामले में वन दरोगा के निलंबन के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग की टीम ने पिनाहट क्षेत्र के कई घाटों पर शुक्रवार को छापेमारी की तो मामले की सचाई सामने आई। पिनाहट पुल पर ट्रैक्टर ट्राली असलहों के बल पर निकाले जाने की शिकायत एसडीएम को मिली तो उन्होंने पिनाहट पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

बता दें कि चंबल सेंक्च्युरी से ट्रैक्टर ट्राली और ऊंटों से खनन के मामले में डीएफओ अनिल पटेल ने वन दरोगा वीरेंद्र सिंह को निलंबित किया था। रेंजर आरके शर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने इस कार्रवाई के बाद शुक्रवार को विप्रावली, बरेण्डा, देवगढ, पडुआपुरा, रेहा घाटों पर छापेमारी की। लेकिन खननकर्ताओं के भूमिगत होने के कारण कोई कामयाबी नहीं मिली। नगला भरी के बरनाम सिंह परिहार के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय पर पहुंचे ग्रामीणों ने पिनाहट के चंबल पुल से बालू से भरे ट्रैक्टर ट्राली रात के अंधेरे में निकाले जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि हथियारों के बल पर मुरैना के उसैद क्षेत्र से लाई जा रही बालू को रोकने में पुल के ठेकेदार और कर्मचारी असहाय दिख रहे है। ग्रामीणों ने क्योरी, विप्रावली, रेहा, बरेण्डा, कैंजरा , हरलालपुरा से ऊंटों से खनन करने की भी जानकारी दी। इस पर एसडीएम ने पिनाहट पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

-----
खेरागढ़ में भी नहीं रुक रहा अवैध खनन
खेरागढ़। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी अवैध खनन का धंधा खेरागढ़ क्षेत्र में नहीं रुक रहा है। रोजाना लगभग 100 ट्रैक्टर ट्राली और 50 ट्रक भर कर जाते हैं। आरोप है कि खनन धंधा पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है। एक व्यापारी ने बताया कि प्रति ट्रक तीन हजार रुपये और प्रति ट्रैक्टर ट्राली 1500 रुपये के हिसाब से पुलिस की महीनेदारी जाती है। जो महीनेदारी नहीं देते उनके वाहन जब्त कर सीज कर दिए जाते हैं। ऊंटगिरि चौराहा और कागारौल चौराहा पर वाहन खड़े देखे जा सकते हैं। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से कई बार की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed