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बिलखते हुए जेल गईं स्कूल संचालक की बेटियां
बिलखते हुए जेल गईं स्कूल संचालक की बेटियां
Updated Wed, 09 Nov 2016 01:13 AM IST
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JAIL SHIMLA
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हरीपर्वत के नगला धनी में दिवाली पूजन के दौरान की गई सपा नेता एवं स्कूल संचालक मथुरा प्रसाद की हत्या में पुलिस ने मंगलवार को उसकी दो बेटियां ज्योति और चांदनी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया वहां से न्यायिक हिरासत में 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया। इस दौरान दोनों रोती बिलखती और पुलिस को कोसती रहीं।
पुलिस का कहना है कि ज्योति ने अपने दोस्त सर्वेश के साथ मिलकर हत्या की जबकि चांदनी साजिश में शामिल रही। दोनों बहनें वारदात के बाद अस्पताल में भर्ती हो गईं थी। उन्होंने बताया था कि हत्यारों ने उन्हें चाकू से घायल कर दिया। पुलिस का कहना है कि दोनों ने फर्जी चोट बनाई थी। पुलिस को गुमराह करने के लिए अस्पताल में भर्ती हुईं थीं।
बता दें, टेढ़ी बगिया निवासी सर्वेश को सोमवार को ही जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने पहले सर्वेश और ज्योति को आरोपी बनाया था लेकिन सर्वेश की कॉल डिटेल से खुलासा हुआ कि चांदनी भी उसके संपर्क में थी। उसे भी घटना की पहले से जानकारी थी। दोनों बहनों ने साजिश रची थी। ज्योति इंटर पास है, चांदनी एलएलबी कर रही है। दोनों बहनों को कोर्ट ले जाए जाने से पूर्व जब हरीपर्वत थाना लाया गया तो उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया। पुलिस को जमकर कोसा। उधर, उसके परिवारीजनों ने घर पर मीडियाकर्मियों से कहा कि चांदनी का विवेक नाम के एक युवक के साथ विवाद चल रहा था। उसने उसके खिलाफ केस दर्ज कराया था। सर्वेश उसका दोस्त है। इसलिए उसने चांदनी का नाम इस केस में लिया है।
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अलमारी में छिपा दिए थे सोने चांदी के एक किलो वजनी गहने
आगरा। पुलिस ने पहले बताया था कि वारदात एक करोड़ रुपये के लिए अंजाम दी गई। मथुरा प्रसाद को प्लाट बेचकर एक करोड़ रुपया मिला था। इस पर मथुरा प्रसाद के परिवारीजनों ने बताया कि कोई प्लाट बेचा ही नहीं गया था तो एक करोड़ कहां से आया। पुलिस ने अब बताया है कि घर में एक किलो गहने (आधा किलो चांदी और आधा किलो सोने के) थे। इनके अतिरिक्त तीन लाख रुपये कैश था। दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के दौरान कैश और गहने थाली में रखे गए थे। दोनों बहनों को पहले पता था कि पूजा में इन्हें रखा जाएगा। पुलिस ने बताया कि उन्होंने सर्वेश को पहले ही बुला लिया था। मथुरा प्रसाद की हत्या के बाद ज्योति और चांदनी ने गहने और कैश अलमारी में छिपा दिए। घटना को लूट का रंग दिए जाने की तैयारी थी लेकिन तलाशी में पुलिस को गहने और कैश मिल गया। इसे लिखापढ़ी में मथुरा प्रसाद के परिवारीजनों की सुपुर्दगी में दिया गया है। पुलिस का कहना है कि हत्या इनके लिए ही की गई।
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पुलिस का कहना है कि ज्योति ने अपने दोस्त सर्वेश के साथ मिलकर हत्या की जबकि चांदनी साजिश में शामिल रही। दोनों बहनें वारदात के बाद अस्पताल में भर्ती हो गईं थी। उन्होंने बताया था कि हत्यारों ने उन्हें चाकू से घायल कर दिया। पुलिस का कहना है कि दोनों ने फर्जी चोट बनाई थी। पुलिस को गुमराह करने के लिए अस्पताल में भर्ती हुईं थीं।
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बता दें, टेढ़ी बगिया निवासी सर्वेश को सोमवार को ही जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने पहले सर्वेश और ज्योति को आरोपी बनाया था लेकिन सर्वेश की कॉल डिटेल से खुलासा हुआ कि चांदनी भी उसके संपर्क में थी। उसे भी घटना की पहले से जानकारी थी। दोनों बहनों ने साजिश रची थी। ज्योति इंटर पास है, चांदनी एलएलबी कर रही है। दोनों बहनों को कोर्ट ले जाए जाने से पूर्व जब हरीपर्वत थाना लाया गया तो उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया। पुलिस को जमकर कोसा। उधर, उसके परिवारीजनों ने घर पर मीडियाकर्मियों से कहा कि चांदनी का विवेक नाम के एक युवक के साथ विवाद चल रहा था। उसने उसके खिलाफ केस दर्ज कराया था। सर्वेश उसका दोस्त है। इसलिए उसने चांदनी का नाम इस केस में लिया है।
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अलमारी में छिपा दिए थे सोने चांदी के एक किलो वजनी गहने
आगरा। पुलिस ने पहले बताया था कि वारदात एक करोड़ रुपये के लिए अंजाम दी गई। मथुरा प्रसाद को प्लाट बेचकर एक करोड़ रुपया मिला था। इस पर मथुरा प्रसाद के परिवारीजनों ने बताया कि कोई प्लाट बेचा ही नहीं गया था तो एक करोड़ कहां से आया। पुलिस ने अब बताया है कि घर में एक किलो गहने (आधा किलो चांदी और आधा किलो सोने के) थे। इनके अतिरिक्त तीन लाख रुपये कैश था। दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के दौरान कैश और गहने थाली में रखे गए थे। दोनों बहनों को पहले पता था कि पूजा में इन्हें रखा जाएगा। पुलिस ने बताया कि उन्होंने सर्वेश को पहले ही बुला लिया था। मथुरा प्रसाद की हत्या के बाद ज्योति और चांदनी ने गहने और कैश अलमारी में छिपा दिए। घटना को लूट का रंग दिए जाने की तैयारी थी लेकिन तलाशी में पुलिस को गहने और कैश मिल गया। इसे लिखापढ़ी में मथुरा प्रसाद के परिवारीजनों की सुपुर्दगी में दिया गया है। पुलिस का कहना है कि हत्या इनके लिए ही की गई।