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सुलझने केबजाय उलझ गई डबल मर्डर की गुत्थी
सुलझने केबजाय उलझ गई डबल मर्डर की गुत्थी
Updated Mon, 23 Jan 2017 12:55 AM IST
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खून से लथपथ लाश और जगह-जगह खून
- फोटो : अमर उजाला
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बल्केश्वर के चांदनी चौक में देशी शराब के ठेेके में सेल्समैन राहुल शर्मा और कैंटीन कर्मी कमलेश यादव की हत्या के बाद से फरार कर्मचारी कम्मो पुलिस के सामने आ गया। उम्मीद थी कि उससे पूछताछ होते ही गुत्थी सुलझ जाएगी लेकिन हुआ इसका उल्टा। वह कभी कुछ बयान देता है और कभी कुछ और। ठेके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर से भी साक्ष्य मिलने की उम्मीद थी लेकिन इसमें भी निराशा ही हाथ लगी है।
कैमरे बंद होने के चलते फुटेज नहीं आ सके। बता दें, राहुल और कमलेश की लाशें शनिवार सुबह ठेके के अंदर बने केबिन में पड़ी मिली थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या गला दबाकर किए जाने की पुष्टि हुई थी। ठेके से तकरीबन तीन लाख रुपये लूटे जाने की आशंका है। ठेके का एक कर्मचारी कम्मो वारदात के बाद से लापता था। रविवार सुबह उसे पकड़ लिया गया। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि शुक्रवार रात तकरीबन 12:30 बजे एक आटो में 5-6 लोग आए थे। वह कमलेश के मिलने वाले थे। सभी आपस में रिश्तेदार की तरह बात कर रहे थे। एक घंटे तक सभी बात करते रहे। उन्होंने ठेके के अंदर ही शराब पी थी।
इसके बाद उसने चीखपुकार की आवाज सुनी। मगर, उसने समझा कि नशे में उनके बीच झगड़ा हो रहा है। वह सोता रहा। वह उठकर कमरे से बाहर नहीं गया। ठेके पर आए उक्त लोगों को यह भी नहीं पता था कि कम्मो केबिन के बगल से बने कमरे में सो रहा है, नहीं तो उसकी भी हत्या की जा सकती थी। हालांकि रात को वह इस बयान से मुकर गया। उसने कहा कि उसे कुछ पता नहीं है। उसने तो डर के चलते बयान दे दिया था। उधर, पुलिस ने ठेका कर्मी रामप्रवेश और बल्देव से भी पूछताछ की है।
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पूर्व कैंटीन कर्मी से भी पूछताछ
शराब ठेके की कैंटीन को संचालित करने के लिए कमलेश के ही गांव के रवि ने पांच जनवरी को ही ठेका लिया था। पुराने कैंटीन कर्मी को हटा दिया गया था। यही वजह है कि पुलिस अब पूर्व कैंटीन कर्मी से भी पूछताछ कर रही है। वहीं ठेके में एक व्यक्ति पकोड़े की ठेल लगाता था। ठेकेदार ने उसे भी हटा दिया था। पुलिस ने उसे भी पूछताछ के लिए चौकी पर बुलाया। वह काफी घबराया हुआ था। इससे उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
दोनों के गांव में भी गई पुलिस
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हत्या के पीछे रंजिश भी हो सकती है। इस कारण एक टीम को मृतकों के गांव में भी भेजा गया। मगर, ज्यादा कुछ जानकारी हाथ नहीं लग सकी है। मोबाइल की काल डिटेल भी निकलवाना शुरू कर दिया है।
कर्मचारियों के मोबाइल भी लूट ले गए
हत्याकांड के बाद से कमलेश और राहुल के मोबाइल भी नहीं मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि हत्या के बाद उनके मोबाइल भी लूट लिए गए। अब पुलिस उनकी काल डिटेल निकाल रही है। दोनों कर्मचारियों ने किससे बात की? और किनके काल आए? इस सबके बारे में पता किया जा रहा है। दिन में किस-किससे बात हुई।
नहीं कर सकते विश्वास
पुलिस ने बताया कि कम्मो की बात पर पूरी तरह से विश्वास नहीं किया जा सकता। कूड़ा बीनता है। ठेके में सफाई का काम करता था। वह राजपुर चुंगी का रहने वाला है। जो रकम मिलती है उसकी शराब पी जाता है। इसलिए उसकी बात पर पूरी तरह से यकीन नहीं किया जा सकता है।
...तो रात में आया था मछली के पकौड़े बेचने वाला
कम्मो ने पूछताछ में यह भी बताया कि पूर्व में ठेके के बगल की दुकान में एक व्यक्ति मछली के पकौड़े बेचता था। रात में उसने उसकी भी आवाज सुनी थी। मगर, वह बाहर नहीं निकला। वह रजाई में ही छिपा हुआ रहा। तब उसने एक व्यक्ति को पांच हजार रुपये मांगते हुए सुना था।
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कैमरे बंद होने के चलते फुटेज नहीं आ सके। बता दें, राहुल और कमलेश की लाशें शनिवार सुबह ठेके के अंदर बने केबिन में पड़ी मिली थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या गला दबाकर किए जाने की पुष्टि हुई थी। ठेके से तकरीबन तीन लाख रुपये लूटे जाने की आशंका है। ठेके का एक कर्मचारी कम्मो वारदात के बाद से लापता था। रविवार सुबह उसे पकड़ लिया गया। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि शुक्रवार रात तकरीबन 12:30 बजे एक आटो में 5-6 लोग आए थे। वह कमलेश के मिलने वाले थे। सभी आपस में रिश्तेदार की तरह बात कर रहे थे। एक घंटे तक सभी बात करते रहे। उन्होंने ठेके के अंदर ही शराब पी थी।
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इसके बाद उसने चीखपुकार की आवाज सुनी। मगर, उसने समझा कि नशे में उनके बीच झगड़ा हो रहा है। वह सोता रहा। वह उठकर कमरे से बाहर नहीं गया। ठेके पर आए उक्त लोगों को यह भी नहीं पता था कि कम्मो केबिन के बगल से बने कमरे में सो रहा है, नहीं तो उसकी भी हत्या की जा सकती थी। हालांकि रात को वह इस बयान से मुकर गया। उसने कहा कि उसे कुछ पता नहीं है। उसने तो डर के चलते बयान दे दिया था। उधर, पुलिस ने ठेका कर्मी रामप्रवेश और बल्देव से भी पूछताछ की है।
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पूर्व कैंटीन कर्मी से भी पूछताछ
शराब ठेके की कैंटीन को संचालित करने के लिए कमलेश के ही गांव के रवि ने पांच जनवरी को ही ठेका लिया था। पुराने कैंटीन कर्मी को हटा दिया गया था। यही वजह है कि पुलिस अब पूर्व कैंटीन कर्मी से भी पूछताछ कर रही है। वहीं ठेके में एक व्यक्ति पकोड़े की ठेल लगाता था। ठेकेदार ने उसे भी हटा दिया था। पुलिस ने उसे भी पूछताछ के लिए चौकी पर बुलाया। वह काफी घबराया हुआ था। इससे उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
दोनों के गांव में भी गई पुलिस
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हत्या के पीछे रंजिश भी हो सकती है। इस कारण एक टीम को मृतकों के गांव में भी भेजा गया। मगर, ज्यादा कुछ जानकारी हाथ नहीं लग सकी है। मोबाइल की काल डिटेल भी निकलवाना शुरू कर दिया है।
कर्मचारियों के मोबाइल भी लूट ले गए
हत्याकांड के बाद से कमलेश और राहुल के मोबाइल भी नहीं मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि हत्या के बाद उनके मोबाइल भी लूट लिए गए। अब पुलिस उनकी काल डिटेल निकाल रही है। दोनों कर्मचारियों ने किससे बात की? और किनके काल आए? इस सबके बारे में पता किया जा रहा है। दिन में किस-किससे बात हुई।
नहीं कर सकते विश्वास
पुलिस ने बताया कि कम्मो की बात पर पूरी तरह से विश्वास नहीं किया जा सकता। कूड़ा बीनता है। ठेके में सफाई का काम करता था। वह राजपुर चुंगी का रहने वाला है। जो रकम मिलती है उसकी शराब पी जाता है। इसलिए उसकी बात पर पूरी तरह से यकीन नहीं किया जा सकता है।
...तो रात में आया था मछली के पकौड़े बेचने वाला
कम्मो ने पूछताछ में यह भी बताया कि पूर्व में ठेके के बगल की दुकान में एक व्यक्ति मछली के पकौड़े बेचता था। रात में उसने उसकी भी आवाज सुनी थी। मगर, वह बाहर नहीं निकला। वह रजाई में ही छिपा हुआ रहा। तब उसने एक व्यक्ति को पांच हजार रुपये मांगते हुए सुना था।