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विश्वविद्यालय कर्मचारी की गोली मारकर हत्या
अागरा ब्यूूराे
Updated Sat, 13 Feb 2016 12:38 AM IST
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डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग के वरिष्ठ सहायक सतेंद्र सिंह (47) की शुक्रवार रात करीब सवा सात बजे यूनिवर्सिटी के पास ही पालीवाल पार्क में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे ऑफिस से स्कूटर पर घर जा रहे थे। गोली उनके सीने में सटाकर मारी गई। माना जा रहा है कि वारदात शूटरों से कराई गई है। साजिश का शक दो निजी कॉलेज संचालकों पर है। उनसे उनकी दो दिन पहले कहासुनी हुई थी। उधर गुस्से में आए यूनिवर्सिटी कर्मचारियों ने हत्यारे पकड़े जाने तक हड़ताल का एलान कर दिया है। पुलिस हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है।
मूल रूप से बमरौली अहीर निवासी सतेंद्र सिंह 18 साल पहले क्लर्क भर्ती हुए थे। तभी से शाहगंज के गयासपुरा में राजीव टाकीज के पास हाथी वाली गली में रह रहे थे। शुक्रवार शाम को यूनिवर्सिटी में अपने ऑफिस (कमरा नंबर 32) में कुछ लोगों से उनकी कहासुनी हुई थी।
उनके बेटे आशीष ने बताया कि दो दिन पहले भी दो निजी कालेज संचालकों से विवाद हुआ थे। वे फीस का ड्राफ्ट लेकर घर पर आए थे। ड्राफ्ट में कुछ कमी के चलते पापा ने जमा करने से मना कर दिया था। वे उन कॉलेजों पर सख्ती कर रहे थे जिन्होंने अभी तक फीस जमा नहीं कराई है। इसलिए शक है कि उन दो कॉलेज संचालकों ने ही उनकी हत्या कराई है।
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उधर मौका ए वारदात पर सबसे पहले पहुंचे पालीवाल पार्क के चौकीदार नगीना यादव ने पुलिस को बताया कि सतेंद्र सिंह के स्कूटर से गिर जाने पर उन्हें घटना का पता चला । तब तक हत्यारे भाग चुके थे। उनकी सूचना पर पुलिस उन्हें एसएन इमरजेंसी ले गई। वहां डाक्टरों ने मृत बताया। उधर, एसएन में उनका शव न मिलने पर उनके परिवाजीनों ने पहले यहां और फिर हरीपर्वत थाना पर हंगामा किया। इंस्पेक्टर हरीपर्वत ने बताया कि हत्यारों की तलाश के लिए आस पास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है।
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मूल रूप से बमरौली अहीर निवासी सतेंद्र सिंह 18 साल पहले क्लर्क भर्ती हुए थे। तभी से शाहगंज के गयासपुरा में राजीव टाकीज के पास हाथी वाली गली में रह रहे थे। शुक्रवार शाम को यूनिवर्सिटी में अपने ऑफिस (कमरा नंबर 32) में कुछ लोगों से उनकी कहासुनी हुई थी।
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उनके बेटे आशीष ने बताया कि दो दिन पहले भी दो निजी कालेज संचालकों से विवाद हुआ थे। वे फीस का ड्राफ्ट लेकर घर पर आए थे। ड्राफ्ट में कुछ कमी के चलते पापा ने जमा करने से मना कर दिया था। वे उन कॉलेजों पर सख्ती कर रहे थे जिन्होंने अभी तक फीस जमा नहीं कराई है। इसलिए शक है कि उन दो कॉलेज संचालकों ने ही उनकी हत्या कराई है।
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उधर मौका ए वारदात पर सबसे पहले पहुंचे पालीवाल पार्क के चौकीदार नगीना यादव ने पुलिस को बताया कि सतेंद्र सिंह के स्कूटर से गिर जाने पर उन्हें घटना का पता चला । तब तक हत्यारे भाग चुके थे। उनकी सूचना पर पुलिस उन्हें एसएन इमरजेंसी ले गई। वहां डाक्टरों ने मृत बताया। उधर, एसएन में उनका शव न मिलने पर उनके परिवाजीनों ने पहले यहां और फिर हरीपर्वत थाना पर हंगामा किया। इंस्पेक्टर हरीपर्वत ने बताया कि हत्यारों की तलाश के लिए आस पास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है।