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तो फाइलों में चल रहा है दबंग का कॉलेज
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Fri, 19 Feb 2016 02:10 AM IST
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मैनपुरी के जिस दबंग कालेज संचालक को पुलिस विवि कर्मी सतेंद्र सिंह का कातिल मानकर चल रही है, उसके दो कालेज बताए गए हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से एक का वजूद जमीन पर नहीं है। पुलिस को जानकारी मिली है कि यह कालेज सिर्फ फाइलों में चल रहे हैं। दोनों कालेजों के छात्र एक ही इमारत में पढ़ते हैं। अगर यह जानकारी सही निकली तो विवि के अफसर फंस सकते हैं।
जानकारी यह भी मिली है कि उसने दबंगई के दम पर दोनों कालेजों की लॉग इन आईडी खुलवा ली थी। इसका पता चलने पर सतेंद्र ने दोनों बंद करा दीं। इसके बाद ही उसकी हत्या की गई। उसने दोनों में से एक भी कालेज की फीस जमा नहीं की थी। सतेंद्र उस पर फीस जमा कराने के लिए दबाव बना रहा था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सतेंद्र ने कहा था कि जब तक फीस जमा नहीं होगी, लॉग इन आईडी बंद रहेगी। कालेज संचालक आईडी खोलने के लिए उससे कोड मांग रहा था। जब सतेंद्र ने साफ इंकार कर दिया तो उसने दूसरा रास्ता अपनाया। उसने सतेंद्र के फर्जी हस्ताक्षर कर उसके नाम से संस्तुति पत्र तैयार किया। इस पर एक अधिकारी ने भी हस्ताक्षर किए। इसके बाद रात में उसके दोनों कॉलेज की लॉग इन आईडी खोल दी गई।
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सतेंद्र को इसका पता चला तो उसने बंद करा दी। इसके बाद 10 फरवरी को कालेज संचालक फर्जी डीडी बनाकर उसके घर पहुंचा। उसने इसे लेने से इंकार कर दिया। 12 फरवरी को वह उससे मिलने विवि गया। वहां सतेंद्र से कहासुनी हुई। इसके बाद सतेंद्र के घर लौटते समय उसने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इसमें से काफी जानकारी पुलिस को विवि कर्मियों से पूछताछ में ही मिली है। एसपी सिटी सुशील घुले का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर पुलिस जांच कर रही है।
कालेज को मान्यता खसरा खतौनी देखने के बाद प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर दी जाती है। अगर मौके पर कॉलेज न होने की बात सत्य है तो इसकी जांच कराई जाएगी। - प्रोफेसर मोहम्मद मुजम्मिल ( कुलपति )
आज फिर एसएसपी को घेरेंगे कर्मचारी
सतेंद्र के हत्यारे पकड़ने के लिए पुलिस को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया था। यह समय अवधि गुरुवार को समाप्त हो गई। इसके चलते आज शुक्रवार को कर्मचारी फिर से सुभाष पार्क से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर एसएसपी का घेराव करेंगे। इसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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जानकारी यह भी मिली है कि उसने दबंगई के दम पर दोनों कालेजों की लॉग इन आईडी खुलवा ली थी। इसका पता चलने पर सतेंद्र ने दोनों बंद करा दीं। इसके बाद ही उसकी हत्या की गई। उसने दोनों में से एक भी कालेज की फीस जमा नहीं की थी। सतेंद्र उस पर फीस जमा कराने के लिए दबाव बना रहा था।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि सतेंद्र ने कहा था कि जब तक फीस जमा नहीं होगी, लॉग इन आईडी बंद रहेगी। कालेज संचालक आईडी खोलने के लिए उससे कोड मांग रहा था। जब सतेंद्र ने साफ इंकार कर दिया तो उसने दूसरा रास्ता अपनाया। उसने सतेंद्र के फर्जी हस्ताक्षर कर उसके नाम से संस्तुति पत्र तैयार किया। इस पर एक अधिकारी ने भी हस्ताक्षर किए। इसके बाद रात में उसके दोनों कॉलेज की लॉग इन आईडी खोल दी गई।
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सतेंद्र को इसका पता चला तो उसने बंद करा दी। इसके बाद 10 फरवरी को कालेज संचालक फर्जी डीडी बनाकर उसके घर पहुंचा। उसने इसे लेने से इंकार कर दिया। 12 फरवरी को वह उससे मिलने विवि गया। वहां सतेंद्र से कहासुनी हुई। इसके बाद सतेंद्र के घर लौटते समय उसने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इसमें से काफी जानकारी पुलिस को विवि कर्मियों से पूछताछ में ही मिली है। एसपी सिटी सुशील घुले का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर पुलिस जांच कर रही है।
कालेज को मान्यता खसरा खतौनी देखने के बाद प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर दी जाती है। अगर मौके पर कॉलेज न होने की बात सत्य है तो इसकी जांच कराई जाएगी। - प्रोफेसर मोहम्मद मुजम्मिल ( कुलपति )
आज फिर एसएसपी को घेरेंगे कर्मचारी
सतेंद्र के हत्यारे पकड़ने के लिए पुलिस को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया था। यह समय अवधि गुरुवार को समाप्त हो गई। इसके चलते आज शुक्रवार को कर्मचारी फिर से सुभाष पार्क से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर एसएसपी का घेराव करेंगे। इसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी।