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आईएस के संपर्क में सिमी के मॉड्यूल्स
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Thu, 17 Sep 2015 01:56 AM IST
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दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठन बन चुके इस्लामिक स्टेट (आईएस) के तार स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट इन इंडिया ( सिमी ) से जुड़ने की जानकारी पर खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। केंद्र से मिले इनपुट पर प्रदेश के गृह मंत्रालय ने पुलिस अफसरों को अलर्ट किया है। आशंका है कि सिमी के मॅाड्यूल्स आईएस के लिए भर्ती कराने का काम कर सकते हैं। इसके मद्देनजर सिमी से जुड़े रहे हर शख्स पर पैनी नजर रखने की ताकीद की गई है।
अरब देशों में खून-खराबा कर रहे आईएस की नजर भारत पर भी लगी है। आतंकी संगठन के इन खतरनाक मंसूबों का पता चलने के बाद देश की तमाम खुफिया एजेंसियां अलर्ट हैं। पिछले दिनों हैद्राबाद और मुंबई के कुछ युवाओं के आईएस में शामिल हो जाने की खबर भी आई थी। इसके बाद गृह मंत्रालय उन तमाम संगठनों पर नजर रखे हुए है जो युवाओं को भड़काकर आईएस से जोड़ने का काम कर सकते हैं। प्रतिबंधित संगठन सिमी भी इनमें से ही एक माना गया है।
सिमी को लेकर इसलिए भी चौकन्ना रहने की जरूरत पाई गई है क्योंकि इण्डियन मुजाहिदीन (आईएम) को खड़ा करने में इस संगठन का बड़ा हाथ रहा था। प्रदेश के गृह मंत्रालय ने सभी आईजी, डीआईजी और एसएसपी को अलर्ट किया है। इस बारे में पूछे जाने पर डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि सिमी के मॉड्यूल्स के रूप में पूर्व में किसी भी तरह का काम कर चुके सभी लोगों पर नजर रखने के लिए पुलिस और एलआईयू को अलर्ट किया गया है। उधर, खुफिया पुलिस का कहना है कि सिमी ने कई जिलों में ऐसे स्लीपिंग मॉड्यूल तैयार कर रखे हैं, जो आतंकियों को शरण देने का काम करते हैं।
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यहां ज्यादा खतरा
- आगरा में सिमी की गतिविधियों की खुफिया पुलिस को कई बार जानकारी तो मिली, लेकिन कभी कोई मॉड्यूल पकड़ा नहीं गया। मथुरा में सिमी की गतिविधियां सामने आ चुकी हैं। अलीगढ़ में तो अप्रैल 1977 को सिमी की स्थापना ही हुई थी। वेस्ट यूपी में मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बिजनौर, रामपुर, आजमगढ़ में भी सिमी का नेटवर्क बताया जाता है।
पश्चिमी यूपी संवेदनशील
अलर्ट पूरे यूपी के लिए है लेकिन ज्यादा चौकसी वेस्ट यूपी में बरती जा रही है। कारण यह है कि यहां आतंकी संगठनों का नेटवर्क कई बार सामने आ चुका है। हरकत उल जेहाद अल इस्लामी (हूजी), लश्कर ए ताइबा, जैश ए मौहम्मद, बब्बर खालसा और इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े कई खूंखार आतंकी यहां पकड़े जा चुके हैं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भी यहां अपना जाल बिछाती रही है।
- अब गंभीर हुई आगरा पुलिस
कोतवाली थाना क्षेत्र के फुलट्टी बाजार में 25 दिन पहले दीवार पर आईएस इज कमिंग लिखा मिला था। पुलिस ने उस समय इसे किसी की शरारत मान लिया था लेकिन अब अलर्ट आने के बाद इसकी गंभीरता से जांच-पड़ताल शुरू हुई है। खुफिया पुलिस मालूम कर रही है कि इसे किसने और क्यों लिखा था?
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अरब देशों में खून-खराबा कर रहे आईएस की नजर भारत पर भी लगी है। आतंकी संगठन के इन खतरनाक मंसूबों का पता चलने के बाद देश की तमाम खुफिया एजेंसियां अलर्ट हैं। पिछले दिनों हैद्राबाद और मुंबई के कुछ युवाओं के आईएस में शामिल हो जाने की खबर भी आई थी। इसके बाद गृह मंत्रालय उन तमाम संगठनों पर नजर रखे हुए है जो युवाओं को भड़काकर आईएस से जोड़ने का काम कर सकते हैं। प्रतिबंधित संगठन सिमी भी इनमें से ही एक माना गया है।
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सिमी को लेकर इसलिए भी चौकन्ना रहने की जरूरत पाई गई है क्योंकि इण्डियन मुजाहिदीन (आईएम) को खड़ा करने में इस संगठन का बड़ा हाथ रहा था। प्रदेश के गृह मंत्रालय ने सभी आईजी, डीआईजी और एसएसपी को अलर्ट किया है। इस बारे में पूछे जाने पर डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि सिमी के मॉड्यूल्स के रूप में पूर्व में किसी भी तरह का काम कर चुके सभी लोगों पर नजर रखने के लिए पुलिस और एलआईयू को अलर्ट किया गया है। उधर, खुफिया पुलिस का कहना है कि सिमी ने कई जिलों में ऐसे स्लीपिंग मॉड्यूल तैयार कर रखे हैं, जो आतंकियों को शरण देने का काम करते हैं।
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यहां ज्यादा खतरा
- आगरा में सिमी की गतिविधियों की खुफिया पुलिस को कई बार जानकारी तो मिली, लेकिन कभी कोई मॉड्यूल पकड़ा नहीं गया। मथुरा में सिमी की गतिविधियां सामने आ चुकी हैं। अलीगढ़ में तो अप्रैल 1977 को सिमी की स्थापना ही हुई थी। वेस्ट यूपी में मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बिजनौर, रामपुर, आजमगढ़ में भी सिमी का नेटवर्क बताया जाता है।
पश्चिमी यूपी संवेदनशील
अलर्ट पूरे यूपी के लिए है लेकिन ज्यादा चौकसी वेस्ट यूपी में बरती जा रही है। कारण यह है कि यहां आतंकी संगठनों का नेटवर्क कई बार सामने आ चुका है। हरकत उल जेहाद अल इस्लामी (हूजी), लश्कर ए ताइबा, जैश ए मौहम्मद, बब्बर खालसा और इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े कई खूंखार आतंकी यहां पकड़े जा चुके हैं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भी यहां अपना जाल बिछाती रही है।
- अब गंभीर हुई आगरा पुलिस
कोतवाली थाना क्षेत्र के फुलट्टी बाजार में 25 दिन पहले दीवार पर आईएस इज कमिंग लिखा मिला था। पुलिस ने उस समय इसे किसी की शरारत मान लिया था लेकिन अब अलर्ट आने के बाद इसकी गंभीरता से जांच-पड़ताल शुरू हुई है। खुफिया पुलिस मालूम कर रही है कि इसे किसने और क्यों लिखा था?