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दवा निर्माता दो कंपनियां सील
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Wed, 23 Sep 2015 02:10 AM IST
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने मंगलवार को छीपीटोला की कोटिया ड्रग हाउस और यमुनापार दत्ता मैन्यूफैक्चरिंग एजेंसी को सील कर दिया। इनके लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भी की गई है। 20 दवाओं के सैंपल भरे गए। 16 सितंबर से चल रहे अभियान में अब तक 10 दवा फैक्ट्रियाें पर कार्रवाई की गई।
विभाग को सब स्टैंडर्ड दवा बनाने और निर्माता कंपनियाें में ड्रग एक्ट का पालन न होने की शिकायत मिल रही थी। गत 14 सितंबर को लखनऊ में आयुक्त वीके सिंह ने आगरा मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक में मानकों का परीक्षण करने के निर्देश दिए। ड्रग कंट्रोलर ने कमिश्नर प्रदीप भटनागर और डीएम पंकज कुमार को जानकारी देने के बाद छापेमारी शुरू करा दी। अब तक 10 दवा कंपनियाें पर टीम ने कार्रवाई की है। मंगलवार को छीपीटोला स्थित कोटिया ड्रग हाउस को सील कर दिया। यहां निरीक्षण में लैब टेस्टिंग, अग्निशमन की एनओसी समेत 72 खामियां मिलीं। जनवरी में भी यहां 50 खामियां मिली थीं। यमुनापार की दत्ता मैन्यूफैक्चरिंग एजेंसी बंद मिली। वहां सीलिंग का नोटिस चस्पा कर दिया गया है। टीम में ड्रग इंस्पेक्टर रमेश चंद यादव, फीरोजाबाद के एके बंसल, मैनपुरी के मुकेश पालीवाल, मथुरा के दीपक कुमार शामिल हैं।
अब तक इन पर कार्रवाई
वीपी इंडस्ट्रियल प्राइवेट लिमिटेड हाथरस रोड खंदौली, उपराज फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड सिकंदरा, यहीं की वाउस फार्मास्युटिकल्स और देव मेडिटेक्ट, मित्तल केमिकल फाउंड्री नगर, बिल्लोचपुरा स्थित आगरा फार्मा, वास्को ड्रग लैबोरेटरी और मेडिसिन कांप्लेक्स नुनिहाई।
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अब तक दस दवा निर्माता कंपनियों में ड्रग एक्ट के मानकों का उल्लंघन मिला है। सीलिंग, दवाओं के सैंपल भरना और लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति जैसी कार्रवाई की गई।
- पीके मोदी, ड्रग कंट्रोलर
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विभाग को सब स्टैंडर्ड दवा बनाने और निर्माता कंपनियाें में ड्रग एक्ट का पालन न होने की शिकायत मिल रही थी। गत 14 सितंबर को लखनऊ में आयुक्त वीके सिंह ने आगरा मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक में मानकों का परीक्षण करने के निर्देश दिए। ड्रग कंट्रोलर ने कमिश्नर प्रदीप भटनागर और डीएम पंकज कुमार को जानकारी देने के बाद छापेमारी शुरू करा दी। अब तक 10 दवा कंपनियाें पर टीम ने कार्रवाई की है। मंगलवार को छीपीटोला स्थित कोटिया ड्रग हाउस को सील कर दिया। यहां निरीक्षण में लैब टेस्टिंग, अग्निशमन की एनओसी समेत 72 खामियां मिलीं। जनवरी में भी यहां 50 खामियां मिली थीं। यमुनापार की दत्ता मैन्यूफैक्चरिंग एजेंसी बंद मिली। वहां सीलिंग का नोटिस चस्पा कर दिया गया है। टीम में ड्रग इंस्पेक्टर रमेश चंद यादव, फीरोजाबाद के एके बंसल, मैनपुरी के मुकेश पालीवाल, मथुरा के दीपक कुमार शामिल हैं।
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अब तक इन पर कार्रवाई
वीपी इंडस्ट्रियल प्राइवेट लिमिटेड हाथरस रोड खंदौली, उपराज फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड सिकंदरा, यहीं की वाउस फार्मास्युटिकल्स और देव मेडिटेक्ट, मित्तल केमिकल फाउंड्री नगर, बिल्लोचपुरा स्थित आगरा फार्मा, वास्को ड्रग लैबोरेटरी और मेडिसिन कांप्लेक्स नुनिहाई।
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अब तक दस दवा निर्माता कंपनियों में ड्रग एक्ट के मानकों का उल्लंघन मिला है। सीलिंग, दवाओं के सैंपल भरना और लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति जैसी कार्रवाई की गई।
- पीके मोदी, ड्रग कंट्रोलर