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मनोज गोयल के पेट्रोल पंपों में अफसरों का पैसा
मनोज गोयल के पेट्रोल पंपों में अफसरों का पैसा
Updated Sat, 25 Feb 2017 12:45 AM IST
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पेट्रोल पंप
- फोटो : अमर उजाला
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सौ करोड़ की तेल चोरी के मास्टरमाइंड मनोज गोयल के बारे में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। उसके करीबी लोग बता रहे हैं कि कई पेट्रोल पंपों में उसने अफसरों का पैसा लगा रखा है। शहर के एक पेट्रोल पंप में एडीए के जूनियर अफसर का पैसा लगा है। हालांकि लिखापढ़ी में वह खुद नहीं बल्कि उसकी पत्नी पार्टनर है। पंप खोले जाते समय इसकी शिकायत भी की गई थी लेकिन पार्टनरशिप में अफसर का नाम न होने के चलते उसे क्लीन चिट दे दी गई थी। उसके अलावा प्रशासन के अफसरों का भी पैसा बताया जा रहा है।
अगर तेल चोरी की जांच सीबीआई को दी गई तो सारे राज खुल जाएंगे। यह तो साफ हो ही चुका है कि चोरी का तेल मनोज गोयल के पेट्रोल पंपों पर बेचा जा रहा था। उसके आगरा में सात पंप हैं। इतने ही फिरोजाबाद, मथुरा और इटावा में है। इनमें से कई उसके रिश्तेदारों के नाम से हैं।
खास बात यह है कि उसने पांच - छह पंप पिछले दो साल में खोले हैं। उसे एनओसी भी फटाफट मिल जाती थी। यहां तक कि उसके लगाए शपथ पत्रों की जांच तक नहीं की गई। एक शपथ पत्र में उसने लिखा कि उसके खिलाफ कोई केस नहीं है जबकि मुकदमे दर्ज थे। अब इसकी जांच की जा रही है।
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नोटबंदी के दौरान इन पंपों पर नोट बदले जाने की बात भी सामने आ चुकी है। उसके करीबी लोगों का कहना है कि इन पंपों के नाम से खोले गए बैंक खातों में नोटबंदी के दौरान अधिकारियों ने भी पैसा जमा कराया। अब पुलिस खातों की डिटेल तैयार कर रही है। अगर गहराई से पड़ताल हुई तो उन अधिकारियों की गर्दन फंस सकती है। हालांकि पूरा सच तो तभी सामने आएगा जब मनोज गोयल की गिरफ्तारी होगी। पुलिस ने ठीक से पूछताछ की तो वह राज उगल सकता है।
मनोज गोयल की राइफल-रिवाल्वर के लाइसेंस निलंबित
आगरा। मथुरा रिफाइनरी से 100 करोड़ की तेल चोरी के मास्टरमाइंड तेल कारोबारी मनोज गोयल पर पुलिस और प्रशासन को रवैया कुछ सख्त करना ही पड़ा। उसकी राइफल और रिवाल्वर के लाइसेंस डीएम गौरव दयाल ने निलंबित कर दिए हैं। उसने चुनाव के दौनों हथियार जमा नहीं कराए थे। पुलिस के नोटिस को भी ठेंगा दिखा दिया था। उधर, पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों का ब्योरा तैयार किया है। उसकी हिस्ट्रीशीट खोले जाने की तैयारी है।
मनोज पर हत्या, जानलेवा हमला, छेड़छाड़ के केस पहले से दर्ज हैं। अब सौ करोड़ की तेल चोरी में वह आरोपी है। आबकारी अधिनियम का केस भी दर्ज हो चुका है। उसकी कोठी थाना हरीपर्वत क्षेत्र में आती है। बता दें, चुनाव के दौरान पुलिस ने ऐसे लोगों को भी हिस्ट्रीशीटर बनाया है, जिन पर दो या तीन केस दर्ज हैं। दो-दो केस पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी की गई है लेकिन मनोज गोयल एक्शन से बचा रहा। माना जा रहा है कि मनोज के रसूख केचलते पुलिस कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पाई। अब पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी मुकदमों की डिटेल तैयार की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि उसकी हिस्ट्रीशीट खोली जा सकती है या नहीं।
उधर, उसने चुनाव में लाइसेंसी शस्त्र भी जमा नहीं किया था। इस पर उसका लाइसेंस निरस्त किए जाने के लिए प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी थी। प्रशासन ने अब कार्रवाई की है। लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। यह भी देखा जा रहा है कि उसके रिश्तेदारों ने असलाह जमा कराए थे या नहीं।
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अगर तेल चोरी की जांच सीबीआई को दी गई तो सारे राज खुल जाएंगे। यह तो साफ हो ही चुका है कि चोरी का तेल मनोज गोयल के पेट्रोल पंपों पर बेचा जा रहा था। उसके आगरा में सात पंप हैं। इतने ही फिरोजाबाद, मथुरा और इटावा में है। इनमें से कई उसके रिश्तेदारों के नाम से हैं।
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खास बात यह है कि उसने पांच - छह पंप पिछले दो साल में खोले हैं। उसे एनओसी भी फटाफट मिल जाती थी। यहां तक कि उसके लगाए शपथ पत्रों की जांच तक नहीं की गई। एक शपथ पत्र में उसने लिखा कि उसके खिलाफ कोई केस नहीं है जबकि मुकदमे दर्ज थे। अब इसकी जांच की जा रही है।
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नोटबंदी के दौरान इन पंपों पर नोट बदले जाने की बात भी सामने आ चुकी है। उसके करीबी लोगों का कहना है कि इन पंपों के नाम से खोले गए बैंक खातों में नोटबंदी के दौरान अधिकारियों ने भी पैसा जमा कराया। अब पुलिस खातों की डिटेल तैयार कर रही है। अगर गहराई से पड़ताल हुई तो उन अधिकारियों की गर्दन फंस सकती है। हालांकि पूरा सच तो तभी सामने आएगा जब मनोज गोयल की गिरफ्तारी होगी। पुलिस ने ठीक से पूछताछ की तो वह राज उगल सकता है।
मनोज गोयल की राइफल-रिवाल्वर के लाइसेंस निलंबित
आगरा। मथुरा रिफाइनरी से 100 करोड़ की तेल चोरी के मास्टरमाइंड तेल कारोबारी मनोज गोयल पर पुलिस और प्रशासन को रवैया कुछ सख्त करना ही पड़ा। उसकी राइफल और रिवाल्वर के लाइसेंस डीएम गौरव दयाल ने निलंबित कर दिए हैं। उसने चुनाव के दौनों हथियार जमा नहीं कराए थे। पुलिस के नोटिस को भी ठेंगा दिखा दिया था। उधर, पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों का ब्योरा तैयार किया है। उसकी हिस्ट्रीशीट खोले जाने की तैयारी है।
मनोज पर हत्या, जानलेवा हमला, छेड़छाड़ के केस पहले से दर्ज हैं। अब सौ करोड़ की तेल चोरी में वह आरोपी है। आबकारी अधिनियम का केस भी दर्ज हो चुका है। उसकी कोठी थाना हरीपर्वत क्षेत्र में आती है। बता दें, चुनाव के दौरान पुलिस ने ऐसे लोगों को भी हिस्ट्रीशीटर बनाया है, जिन पर दो या तीन केस दर्ज हैं। दो-दो केस पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी की गई है लेकिन मनोज गोयल एक्शन से बचा रहा। माना जा रहा है कि मनोज के रसूख केचलते पुलिस कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पाई। अब पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी मुकदमों की डिटेल तैयार की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि उसकी हिस्ट्रीशीट खोली जा सकती है या नहीं।
उधर, उसने चुनाव में लाइसेंसी शस्त्र भी जमा नहीं किया था। इस पर उसका लाइसेंस निरस्त किए जाने के लिए प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी थी। प्रशासन ने अब कार्रवाई की है। लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। यह भी देखा जा रहा है कि उसके रिश्तेदारों ने असलाह जमा कराए थे या नहीं।