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कॉल स्पूफिंग का भी मास्टरमाइंड निकला मनोज गोयल
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Fri, 31 Mar 2017 12:20 AM IST
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100 करोड़ की तेल चोरी के मुख्य आरोपी मनोज गोयल
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा रिफाइनरी से की गई सौ करोड़ की तेल चोरी का मास्टरमाइंड मनोज गोयल कॉल स्पूफिंग का भी मास्टर निकला है। पुलिस को उसकी कॉल डिटेल रिकार्ड से इसकी जानकारी मिली है। वह अपना उल्लू सीधा करने के लिए अफसरों के नाम से दरोगा और इंस्पेक्टर को फोन पर हड़काता था। कॉल स्फूप के चलते दरोगा और इंस्पेक्टर की मोबाइल स्क्रीन पर मनोज गोयल का नहीं बल्कि उसी अफसर का मोबाइल नंबर आता था जिसके नाम से वह फोन करता था।
उसके रिमांड के दौरान उससे इस बारे में भी पुलिस सवाल करेगी। आईओसी के अफसरों पर उसने स्फूपिंग का यह तीर खूब चलाया है । पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई। इसके बाद उन सिपाही, दरोगा और इंस्पेक्टर के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई गई जिन्हें वह अक्सर फोन करता था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इन पुलिसकर्मियों के पास मनोज गोयल की सिफारिश में आला अफसरों के फोन भी आते थे। तब पुलिस ने इस बिंदू पर जांच नहीं की। अब उसके पकड़े जाने पर पड़ताल की जा रही है। इसमें ही यह जानकारी आई है कि उसके कई अफसरों से रिश्ते तो रहे हैं लेकिन इसका उसने कई तरीके से फायदा उठाया है। कई बार वह मथुरा के रिफाइनरी और हाईवे थाने में अपना काम करवाने के लिए फोन करके कहता था कि थोड़ी देर में फलां अफसर का फोन आपके पास आएगा। इसके बाद कॉल स्पूफिंग के जरिए खुद ही फोन कर देता था। अफसर अक्सर यही कहता था, मनोज मेरा क्लोज फ्रेंड है, इसका ध्यान रखना। इसके बाद वह और तरीकों से भी दबाव बनाता था। इसी से उसका काम बन जाता था। दो इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को तो उसने इशारों पर नचाया है।
पहले दिन मास्टरमाइंड की जुबान नहीं खुलवा पाई पुलिस
तेल माफिया से क्राइम ब्रांच की टीम पहले दिन कोई राज नहीं उगलवा सकी। मनोज गोयल ने अपने फरार साथियों के संबंध में भी पुलिस को कुछ नहीं बताया है। पुलिस भी बस पूछताछ की खानापूरी करती ही नजर आई।
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गुरुवार की सुबह नौ बजे क्राइम ब्रांच टीम जिला कारागार पर पहुंची और तेल माफिया मनोज गोयल को कस्टडी में लिया। क्राइम ब्रांच की कस्टडी में आते ही तेल माफिया काफी राहत महसूस कर रहा था। लग्जरी लाइफ जीने वाले तेल माफिया के चार दिन जेल की चारदीवारी और सलाखों में काफी मुश्किल से कटे।
पहले दिन क्राइम ब्रांच की टीम उसे इधर-उधर लेकर भटकती रही, पर हासिल कुछ भी नहीं हुआ। एसपी सिटी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मनोज गोयल को लेकर पुलिस फरीदाबाद भी जाएगी। क्राइम ब्रांच प्रभारी जितेंद्र सिंह का कहना है कि पूछताछ की जा रही है। उन्होंने महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगने का दावा किया।
अन्य आरोपियों से भी कुछ हासिल नहीं हुआ था
मथुरा (ब्यूरो)। तेल माफिया मनोज गोयल से पहले सौ करोड़ की तेल चोरी में आरोपी चार अन्य को भी हाईवे पुलिस ने रिमांड पर लिया था। आगरा खंदारी रोड निवासी तरविंदरजीत सिंह मिन्नी, भंकरपुर बसैला के ग्राम प्रधान रामहरि, रवि चौधरी और सुरीर के गांव परसौतीगढ़ी के कुलदीप पाठक से भी पुलिस कुछ हासिल नहीं कर पाई थी।
उसके रिमांड के दौरान उससे इस बारे में भी पुलिस सवाल करेगी। आईओसी के अफसरों पर उसने स्फूपिंग का यह तीर खूब चलाया है । पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई। इसके बाद उन सिपाही, दरोगा और इंस्पेक्टर के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई गई जिन्हें वह अक्सर फोन करता था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इन पुलिसकर्मियों के पास मनोज गोयल की सिफारिश में आला अफसरों के फोन भी आते थे। तब पुलिस ने इस बिंदू पर जांच नहीं की। अब उसके पकड़े जाने पर पड़ताल की जा रही है। इसमें ही यह जानकारी आई है कि उसके कई अफसरों से रिश्ते तो रहे हैं लेकिन इसका उसने कई तरीके से फायदा उठाया है। कई बार वह मथुरा के रिफाइनरी और हाईवे थाने में अपना काम करवाने के लिए फोन करके कहता था कि थोड़ी देर में फलां अफसर का फोन आपके पास आएगा। इसके बाद कॉल स्पूफिंग के जरिए खुद ही फोन कर देता था। अफसर अक्सर यही कहता था, मनोज मेरा क्लोज फ्रेंड है, इसका ध्यान रखना। इसके बाद वह और तरीकों से भी दबाव बनाता था। इसी से उसका काम बन जाता था। दो इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को तो उसने इशारों पर नचाया है।
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पहले दिन मास्टरमाइंड की जुबान नहीं खुलवा पाई पुलिस
तेल माफिया से क्राइम ब्रांच की टीम पहले दिन कोई राज नहीं उगलवा सकी। मनोज गोयल ने अपने फरार साथियों के संबंध में भी पुलिस को कुछ नहीं बताया है। पुलिस भी बस पूछताछ की खानापूरी करती ही नजर आई।
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गुरुवार की सुबह नौ बजे क्राइम ब्रांच टीम जिला कारागार पर पहुंची और तेल माफिया मनोज गोयल को कस्टडी में लिया। क्राइम ब्रांच की कस्टडी में आते ही तेल माफिया काफी राहत महसूस कर रहा था। लग्जरी लाइफ जीने वाले तेल माफिया के चार दिन जेल की चारदीवारी और सलाखों में काफी मुश्किल से कटे।
पहले दिन क्राइम ब्रांच की टीम उसे इधर-उधर लेकर भटकती रही, पर हासिल कुछ भी नहीं हुआ। एसपी सिटी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मनोज गोयल को लेकर पुलिस फरीदाबाद भी जाएगी। क्राइम ब्रांच प्रभारी जितेंद्र सिंह का कहना है कि पूछताछ की जा रही है। उन्होंने महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगने का दावा किया।
अन्य आरोपियों से भी कुछ हासिल नहीं हुआ था
मथुरा (ब्यूरो)। तेल माफिया मनोज गोयल से पहले सौ करोड़ की तेल चोरी में आरोपी चार अन्य को भी हाईवे पुलिस ने रिमांड पर लिया था। आगरा खंदारी रोड निवासी तरविंदरजीत सिंह मिन्नी, भंकरपुर बसैला के ग्राम प्रधान रामहरि, रवि चौधरी और सुरीर के गांव परसौतीगढ़ी के कुलदीप पाठक से भी पुलिस कुछ हासिल नहीं कर पाई थी।