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जेल भेजी गई सहेली की हत्यारोपी लाडो
जेल भेजी गई सहेली की हत्यारोपी लाडो
Updated Mon, 10 Apr 2017 01:07 AM IST
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जेल भेजी गई सहेली की हत्यारोपी लाडो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गांव नगला सूरजभान में 12 वर्षीय छात्रा पिंकी की हत्या की आरोपी किरन उर्फ लाड़ो को रविवार को पुलिस ने कोर्ट के सामने पेश किया। वहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
वहीं, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पिंकी की हत्या के मामले में उसके पिता ने किरन उर्फ लाड़ो, उसके पिता सुरेंद्र सिंह, भाई सुधीर सिंह और प्रेमी देवेंद्र निवासी इस्लामपुर डौकी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था।
वहीं, मृतका के परिवारीजनों का कहना है कि उन्हें लाड़ो की बात का अभी तक भरोसा नहीं हो रहा है। पिंकी की हत्या में लाड़ो अकेली नहीं बल्कि उसके परिवारीजनों का भी हाथ है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। लाड़ो के परिवारीजन घटना वाले दिन से अभी तक फरार हैं।
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उनके पकडे़ जाने पर ही सही कहानी सामने आ सकेगी। उधर, घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा है। गांव वाले इस बात से हैरान हैं कि अकेली लाड़ो इतना बड़ा कदम कैसे उठा सकती है।
नहीं बताया आशिक का मोबाइल नंबर
शमसाबाद। पुलिस की लाख कोशिश के बावजूद लाडो ने जुबां नहीं खोली। उसने पहले तो अपने आशिक का नाम तक नहीं बताया था। एफआईआर में उसके आशिक देवेन्द्र को नामजद कराया गया। इसके बाद सिर्फ इतना बोली कि वह दोस्त है। उसका मोबाइल नंबर फिर भी नहीं दिया।
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वहीं, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पिंकी की हत्या के मामले में उसके पिता ने किरन उर्फ लाड़ो, उसके पिता सुरेंद्र सिंह, भाई सुधीर सिंह और प्रेमी देवेंद्र निवासी इस्लामपुर डौकी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था।
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वहीं, मृतका के परिवारीजनों का कहना है कि उन्हें लाड़ो की बात का अभी तक भरोसा नहीं हो रहा है। पिंकी की हत्या में लाड़ो अकेली नहीं बल्कि उसके परिवारीजनों का भी हाथ है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। लाड़ो के परिवारीजन घटना वाले दिन से अभी तक फरार हैं।
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उनके पकडे़ जाने पर ही सही कहानी सामने आ सकेगी। उधर, घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा है। गांव वाले इस बात से हैरान हैं कि अकेली लाड़ो इतना बड़ा कदम कैसे उठा सकती है।
नहीं बताया आशिक का मोबाइल नंबर
शमसाबाद। पुलिस की लाख कोशिश के बावजूद लाडो ने जुबां नहीं खोली। उसने पहले तो अपने आशिक का नाम तक नहीं बताया था। एफआईआर में उसके आशिक देवेन्द्र को नामजद कराया गया। इसके बाद सिर्फ इतना बोली कि वह दोस्त है। उसका मोबाइल नंबर फिर भी नहीं दिया।