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बालक की फिरौती मांगने के बाद हत्या से सनसनी, एक गिरफ्तार, पढ़िये पूरा घटनाक्रम
Mon, 05 Oct 2020 12:06 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 05 Oct 2020 12:06 AM IST
सार
औरंगाबाद के निषाद मोहल्ला निवासी कैलाशी मजदूरी करता है। उसका 11 वर्षीय पुत्र रुपेश शनिवार दोपहर करीब 12.30 बजे घर के
बाहर खेलने के लिए गया था। देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने काफी खोजबीन की। काफी कोशिश करने के बाद भी
उसका पता नहीं चल सका। तब पिता कैलाश उर्फ कैलाशी ने थाना सदर बाजार में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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रूपेश का फाइल फोटो और परिवार से बात करते एसएसपी मथुरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा के थानाक्षेत्र में शनिवार दोपहर घर के बाहर खेलते बालक का अपहरण और फिर फिरौती मांगने के बाद हत्या कर दी गई। बालक का शव रविवार शाम थाना सदर बाजार क्षेत्र की जवाहर बाग के पीछे की झाड़ियों में मिला। पुलिस ने मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। जानकारी रहे रविवार सुबह मृतक के पिता के पास एक फोन आया, जिसमें पांच लाख की फिरौती मांगी गई थी।
औरंगाबाद के निषाद मोहल्ला निवासी कैलाशी मजदूरी करता है। उसका 11 वर्षीय पुत्र रुपेश शनिवार दोपहर करीब 12.30 बजे घर के बाहर खेलने के लिए गया था। देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने काफी खोजबीन की। काफी कोशिश करने के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। तब पिता कैलाश उर्फ कैलाशी ने थाना सदर बाजार में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।
ये भी पढ़ें- पत्नी ने पति को पीट-पीटकर मार डाला, दो दिन बाद इस हालत में बरामद हुई लाश
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रविवार सुबह कैलाशी के पास अपहरणकर्ताओं का फोन आया और बताया कि उसका बेटा उनके कब्जे में हैं। अपहरणकर्ताओं ने पांच लाख की फिरौती मांगी। इसके बाद पुलिस टीमें बालक की तलाश में जुट गईं। पुलिस ने कॉल के आधार पर पास ही में रहने वाले लोकेश उर्फ पिल्लू को पकड़ा।
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औरंगाबाद के निषाद मोहल्ला निवासी कैलाशी मजदूरी करता है। उसका 11 वर्षीय पुत्र रुपेश शनिवार दोपहर करीब 12.30 बजे घर के बाहर खेलने के लिए गया था। देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने काफी खोजबीन की। काफी कोशिश करने के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। तब पिता कैलाश उर्फ कैलाशी ने थाना सदर बाजार में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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रविवार सुबह कैलाशी के पास अपहरणकर्ताओं का फोन आया और बताया कि उसका बेटा उनके कब्जे में हैं। अपहरणकर्ताओं ने पांच लाख की फिरौती मांगी। इसके बाद पुलिस टीमें बालक की तलाश में जुट गईं। पुलिस ने कॉल के आधार पर पास ही में रहने वाले लोकेश उर्फ पिल्लू को पकड़ा।
करीब 26 वर्षीय युवक से जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने जवाहर बाग के पीछे की झाड़ियों से बालक का शव बरामद करा दिया। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि पकड़े गए युवक से पूछताछ की जा रही है। वहीं शव का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जा रहा है।
स्कूल से आते ही मासूम का हो गया अपहरण
र्ईंट चिनाई का काम करने वाले औरंगाबाद के दामोदरपुरा में रहने वाले कैलाशी का 11 वर्षीय पुत्र रूपेश नजदीक के ही सरकारी प्राइमरी स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। सुबह वह स्कूल गया, दोपहर को स्कूल लेने के लिए उसकी मां राजवती गई। स्कूल से मां राजवती रूपेश को लेकर घर आ गई। घर पर रूपेश स्कूल की ड्रेस उतारते ही घर के बाहर खेलने के लिए चला गया। इसके बाद कैलाशी और मां राजवती शाम छह बजे रूपेश के घर न आने पर चिंता हुई। उनके द्वारा घर के आसपास भी उसे देखा गया परंतु वह नहीं मिला।
करीब दस बजे परिजन ने थाना सदर बाजार पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने भी बच्चे को खोजबीन की जब बालक नहीं मिला। तब पुलिस ने पिता कैलाशी की तहरीर पर थाना सदर बाजार में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी। रिपोर्ट के बाद सुबह तक परिजन इधर-उधर बालक की खोजबीन कर ही रहे थे कैलाशी के फोन पर एक फोन आया और फोन करने वाले ने कैलाशी को बताया कि उसका बालक उसके कब्जे में है और कहा कि वह पांच लाख रुपये का इंतजाम कर ले। इस फोन के बाद तो जैसे पूरे घर में मातम छा गया। पिता कैलाशी और मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
स्कूल से आते ही मासूम का हो गया अपहरण
र्ईंट चिनाई का काम करने वाले औरंगाबाद के दामोदरपुरा में रहने वाले कैलाशी का 11 वर्षीय पुत्र रूपेश नजदीक के ही सरकारी प्राइमरी स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। सुबह वह स्कूल गया, दोपहर को स्कूल लेने के लिए उसकी मां राजवती गई। स्कूल से मां राजवती रूपेश को लेकर घर आ गई। घर पर रूपेश स्कूल की ड्रेस उतारते ही घर के बाहर खेलने के लिए चला गया। इसके बाद कैलाशी और मां राजवती शाम छह बजे रूपेश के घर न आने पर चिंता हुई। उनके द्वारा घर के आसपास भी उसे देखा गया परंतु वह नहीं मिला।
करीब दस बजे परिजन ने थाना सदर बाजार पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने भी बच्चे को खोजबीन की जब बालक नहीं मिला। तब पुलिस ने पिता कैलाशी की तहरीर पर थाना सदर बाजार में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी। रिपोर्ट के बाद सुबह तक परिजन इधर-उधर बालक की खोजबीन कर ही रहे थे कैलाशी के फोन पर एक फोन आया और फोन करने वाले ने कैलाशी को बताया कि उसका बालक उसके कब्जे में है और कहा कि वह पांच लाख रुपये का इंतजाम कर ले। इस फोन के बाद तो जैसे पूरे घर में मातम छा गया। पिता कैलाशी और मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
तीन भाइयों में बीच का पुत्र था रूपेश
कैलाशी के दो पुत्रियां और तीन पुत्र हैं। रूपेश तीन भाइयों में बीच का पुत्र था। सबसे बड़ी पुत्री प्रिया और उससे छोटी कुमकुम है। पुत्रों में सबसे बड़ा अजय और उसके बाद रूपेश तथा सबसे छोटा पुत्र लवली है। पिता कैलाश उर्फ कैलाशी ईंट चिनाई करके परिवार का भरण पोषण करता है।
ढाई माह पहले हुआ था विवाद
कैलाशी की किसी से कोई रंजिश नहीं है परंतु बताया जाता है कि करीब ढाई वर्ष पूर्व बच्चों को लेकर पास के रहने वाले किसी व्यक्ति से विवाद हुआ था। बच्चों का विवाद इस हद तक बढ़ गया था कि थाना सदर बाजार में तहरीर भी दी गई थी। जिसमें बाद में समझौता हो गया था।
कैलाशी के दो पुत्रियां और तीन पुत्र हैं। रूपेश तीन भाइयों में बीच का पुत्र था। सबसे बड़ी पुत्री प्रिया और उससे छोटी कुमकुम है। पुत्रों में सबसे बड़ा अजय और उसके बाद रूपेश तथा सबसे छोटा पुत्र लवली है। पिता कैलाश उर्फ कैलाशी ईंट चिनाई करके परिवार का भरण पोषण करता है।
ढाई माह पहले हुआ था विवाद
कैलाशी की किसी से कोई रंजिश नहीं है परंतु बताया जाता है कि करीब ढाई वर्ष पूर्व बच्चों को लेकर पास के रहने वाले किसी व्यक्ति से विवाद हुआ था। बच्चों का विवाद इस हद तक बढ़ गया था कि थाना सदर बाजार में तहरीर भी दी गई थी। जिसमें बाद में समझौता हो गया था।