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खंदौली में लूट ज्यादा, ताजगंज में चेन स्नेचिंग
अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 20 Aug 2016 12:43 AM IST
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जावीद अहमद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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डीजीपी जावीद अहमद ने जोन की अपराध समीक्षा बैठक के बाद आठ में से एक भी जनपद की पुलिस परफार्मैंस को न तो शानदार बताया और न ही खराब। सभी को और बेहतर करने के लिए कहा है। उन्होंने माना कि आगरा में चेन लूट की घटनाएं हो रही हैं। खास तौर से ताजगंज क्षेत्र में। इसी तरह खंदौली के बारे में कहा कि यहां कई लूट हुई हैं।
उन्होंने एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह को निर्देश दिए हैं कि बाइकर्स गैंग पर लगाम कसी जाए। इन्हें चिह्नित कर अपराधी गिरफ्तार किए जाएं। उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो। गौरतलब है कि हाल ही में खंदौली में पशु व्यापारियों से 10 लाख की लूट हुई है। इसका खुलासा नहीं हो पाया है। इससे पहले रामनगर के लाल मंदिर में पुजारी की हत्या कर करोड़ों कीमत की अष्टधातु की मूर्तियां लूटी गई थीं।
ताजगंज में फतेहाबाद रोड पर चेन और पर्स लूट की कई घटनाएं हो चुकी हैं। यहां बाइकों पर बदमाश घूमते रहते हैं। पर्यटकों के साथ भी घटनाएं हो चुकी हैं। डीजीपी ने अपराध के अलावा शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के सुधार पर भी निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैफिक जाम को बड़ी समस्या बताया। कहा कि सड़कों से खंभे हटवाए जाएं। अतिक्रमण न होने दिया जाए। मीटिंग में आईजी डीसी मिश्र, कमिश्नर चंद्रकांत, डीआईजी आगरा अजय मोहन शर्मा, डीआईजी अलीगढ़ गोविन्द अग्रवाल के अलावा आगरा, मथुरा, मैनपुरी, फीरोजाबाद, अलीगढ़, हाथरस और कासगंज के डीएम और एसएसपी मौजूद रहे।
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रीटा गिडवानी केस में फंसे पुलिस अफसर
रीटा गिडवानी नाम की महिला डीजीपी जावीद अहमद से शिकायती प्रार्थना पत्र लेकर मिली। उसने बताया कि उस पर जानलेवा हमला हुआ था। पुलिस ने खुलासा किया था कि उसके भाई रवि गिडवानी ने शूटरों को तीन लाख देकर हमला कराया था। पुलिस ने शूटरों के साथ रवि गिडवानी को डकैती की योजना के आरोप में गिरफ्तार किया था। रीटा का कहना है कि आरोपियों ने जेल से बाहर आते ही पुलिस अधिकारियों से सांठगांठ कर उसके खिलाफ दो फर्जी केस दर्ज करा दिए। जिस इंस्पेक्टर ने शूटरों और उसके भाई को गिरफ्तार किया था उसे सस्पेंड कर दिया। रीटा का कहना है कि उसे पुलिस अफसरों से ही जान का खतरा है। इसे डीजीपी ने बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने इसकी जांच कराने की बात कही। रीटा से पूरे मामले की जानकारी ली।
गागा को बचा रही पुलिस
भरतपुर हाउस गोलीकांड में मारे गए राजकुमार लालवानी के परिवारीजन भी डीजीपी जावीद अहमद से मिले। उन्होंने कहा कि वारदात को दो महीने हो गए, पुलिस ने एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किया है। आरोपी संजीव रस्तोगी को इसलिए नहीं पकड़ा जा रहा क्योंकि वह उपचार करा रहा है। दूसरे आरोपी गागा को पकड़ने की कोशिश ही नहीं की जा रही है। तीसरा आरोपी रस्तोगी का ड्राइवर है, इसे पुलिस ने क्लीन चिट देकर छोड़ दिया है। उन्हें ऐसा लग रहा है, पुलिस आरोपियों को बचाने के लिए ही काम कर रही हो।
शराब माफिया पर लगाम कसें
डीजीपी ने एटा के जहरीली शराब कांड पर कहा कि शराब माफियाओं पर कार्रवाई जारी रहे। इस घटना की जांच तेजी से की जाए। आरोपियों पर प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।
रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो कार्रवाई
डीजीपी ने सभी कप्तानों को निर्देश दिए कि अपराध की रिपोर्ट दर्ज न करने और थानों पर बदसलूकी किए जाने की शिकायतें गंभीरता से ली जाएं। ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाए।
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उन्होंने एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह को निर्देश दिए हैं कि बाइकर्स गैंग पर लगाम कसी जाए। इन्हें चिह्नित कर अपराधी गिरफ्तार किए जाएं। उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो। गौरतलब है कि हाल ही में खंदौली में पशु व्यापारियों से 10 लाख की लूट हुई है। इसका खुलासा नहीं हो पाया है। इससे पहले रामनगर के लाल मंदिर में पुजारी की हत्या कर करोड़ों कीमत की अष्टधातु की मूर्तियां लूटी गई थीं।
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ताजगंज में फतेहाबाद रोड पर चेन और पर्स लूट की कई घटनाएं हो चुकी हैं। यहां बाइकों पर बदमाश घूमते रहते हैं। पर्यटकों के साथ भी घटनाएं हो चुकी हैं। डीजीपी ने अपराध के अलावा शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के सुधार पर भी निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैफिक जाम को बड़ी समस्या बताया। कहा कि सड़कों से खंभे हटवाए जाएं। अतिक्रमण न होने दिया जाए। मीटिंग में आईजी डीसी मिश्र, कमिश्नर चंद्रकांत, डीआईजी आगरा अजय मोहन शर्मा, डीआईजी अलीगढ़ गोविन्द अग्रवाल के अलावा आगरा, मथुरा, मैनपुरी, फीरोजाबाद, अलीगढ़, हाथरस और कासगंज के डीएम और एसएसपी मौजूद रहे।
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रीटा गिडवानी केस में फंसे पुलिस अफसर
रीटा गिडवानी नाम की महिला डीजीपी जावीद अहमद से शिकायती प्रार्थना पत्र लेकर मिली। उसने बताया कि उस पर जानलेवा हमला हुआ था। पुलिस ने खुलासा किया था कि उसके भाई रवि गिडवानी ने शूटरों को तीन लाख देकर हमला कराया था। पुलिस ने शूटरों के साथ रवि गिडवानी को डकैती की योजना के आरोप में गिरफ्तार किया था। रीटा का कहना है कि आरोपियों ने जेल से बाहर आते ही पुलिस अधिकारियों से सांठगांठ कर उसके खिलाफ दो फर्जी केस दर्ज करा दिए। जिस इंस्पेक्टर ने शूटरों और उसके भाई को गिरफ्तार किया था उसे सस्पेंड कर दिया। रीटा का कहना है कि उसे पुलिस अफसरों से ही जान का खतरा है। इसे डीजीपी ने बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने इसकी जांच कराने की बात कही। रीटा से पूरे मामले की जानकारी ली।
गागा को बचा रही पुलिस
भरतपुर हाउस गोलीकांड में मारे गए राजकुमार लालवानी के परिवारीजन भी डीजीपी जावीद अहमद से मिले। उन्होंने कहा कि वारदात को दो महीने हो गए, पुलिस ने एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किया है। आरोपी संजीव रस्तोगी को इसलिए नहीं पकड़ा जा रहा क्योंकि वह उपचार करा रहा है। दूसरे आरोपी गागा को पकड़ने की कोशिश ही नहीं की जा रही है। तीसरा आरोपी रस्तोगी का ड्राइवर है, इसे पुलिस ने क्लीन चिट देकर छोड़ दिया है। उन्हें ऐसा लग रहा है, पुलिस आरोपियों को बचाने के लिए ही काम कर रही हो।
शराब माफिया पर लगाम कसें
डीजीपी ने एटा के जहरीली शराब कांड पर कहा कि शराब माफियाओं पर कार्रवाई जारी रहे। इस घटना की जांच तेजी से की जाए। आरोपियों पर प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।
रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो कार्रवाई
डीजीपी ने सभी कप्तानों को निर्देश दिए कि अपराध की रिपोर्ट दर्ज न करने और थानों पर बदसलूकी किए जाने की शिकायतें गंभीरता से ली जाएं। ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाए।