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मां के कंकाल से फैले संक्रमण ने ली वीना की जान
मां के कंकाल से फैले संक्रमण ने ली वीना की जान
Updated Wed, 01 Mar 2017 01:09 AM IST
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मां के कंकाल से फैले संक्रमण ने ली वीना की जान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अर्जुन नगर में बेहद रहस्मय ढंग से हुई मां-बेटी की मौत के मामले में मंगलवार को एक राज से पर्दा उठ गया। वीना अग्रवाल (55) के शव के पोस्टमार्टम से पता चला कि उनकी मौत फेफड़ों में संक्रमण हो जाने से हुई। माना जा रहा है कि कंकाल से घर में संक्रमण फैल गया होगा। सांस के सहारे उनके फेफड़ों में पहुंच गया होगा। उनका पेट पूरी तरह से खाली मिला है। इसका अर्थ है कि उन्होंने भूखे पेट ही दम तोड़ा था।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में बताया कि उनकी आंत में थोड़ा सा लिक्विड फूड मिला है। इससे माना जा रहा है मृत्यु से कुछ दिन पूर्व उन्होंने कुछ खाया था। डाक्टरों ने बताया कि ये लक्षण भूख मर जाने के हैं। इंसान जब जीने की इच्छा छोड़ देता है, तब उसे भूख प्यास का अहसास नहीं रहता। हालांकि इसे साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता। एक अनुमान यह भी है कि वह संक्रमण के चलते बेहोश हो गई हों। बेहोशी की हालत में लंबे समय रहने के बाद उन्होंने दम तोड़ा हो।
वीना का शरीर सूखकर पिंजर हो चुका था। हड्डियों पर मांस न के बराबर रह गया था। शव करीब 15 से 18 दिन पुराना है। इसका अर्थ यह हुआ कि लाश मिलने से 15 दिन पहले उनकी मृत्यु हुई। घर के दूसरे कमरे में उनकी मां विमला का कंकाल मिला था। यह चार से छह महीने पुराना बताया गया था। वीना मां के शव के साथ इतने लंबे समय तक रही थीं। एक पल के लिए भी घर से बाहर नहीं निकलीं। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से माना जा रहा है कि घर में मां के कंकाल से फैले संक्रमण ने उन्हें अपनी चपेट में लिया और उनकी जान चली गई।
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आज होगा कंकाल का पोस्टमार्टम
आगरा। विमला के शव का पंचनामा पुलिस ने लावारिस के तौर पर दाखिल किया था। कंकाल की शिनाख्त न हो पाने के चलते ऐसा किया गया था। इसके कारण शव को 72 घंटे पहचान के लिए रखा जाता है। इसी पेच के चलते विमला के शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को नहीं हो पाया। यह बुधवार को फोरेंसिक एक्सपर्ट की मौजूदगी में किया जाएगा।
भतीजे ने किया दाह संस्कार
आगरा। विमला अग्रवाल के शव के पोस्टमार्टम के बाद ताजगंज स्थित मोक्षधाम श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके भतीजे श्यामकांत अग्रवाल ने मुखाग्नि दी। पोस्टमार्टम के दौरान श्यामकांत को फोन पर जानकारी मिली थी इलाहाबाद में उनके एक रिश्तेदार का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। उन्होंने कहा कि वह चाची के शव का दाह संस्कार कराकर ही जाएंगे। वह बार-बार पुलिस से यही कहते रहे कि उन्हें चाची और बहन की निशानी के तौर पर उनका फोटो दिला दीजिए।
किसी से वास्ता नहीं रखती थी चाची
आगरा। श्यामकांत ने बताया कि चाची विमला अग्रवाल के लिए उनका अहं सबसे बड़ा था। वह किसी की नहीं सुनती थीं। न ही किसी से वास्ता रखना चाहती थीं। ससुराल से आने के बाद मायके में भी नहीं रहीं। वीना को लेकर उन्होंने अपनी अलग दुनिया बसा ली और पूरी दुनिया से खुद को अलग कर लिया। ससुराल से आने के बाद वह केवल उनकी शादी में गईं थीं। वह भी तीन घंटे के लिए। इसे भी 25 साल हो गए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट
- शरीर: लगभग 18 दिन पुराना था शव , इसका कुछ हिस्सा सड़ चुका था।
- फेफड़े: काफी संक्रमण पाया गया। इसी के चलते उनकी मौत मानी जा रही है।
- अमाशय: पूरी तरह से खाली था, न अन्न का दाना था और न ही पानी की बूंद।
- आंत: थोड़ा तरल खाद्य पदार्थ मिला, कुछ दिन पहले कुछ खाया होगा।
- हड्डियां: इन पर मांस बहुत कम था, शरीर की कमजोरी के चलते ऐसा हुआ।
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स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में बताया कि उनकी आंत में थोड़ा सा लिक्विड फूड मिला है। इससे माना जा रहा है मृत्यु से कुछ दिन पूर्व उन्होंने कुछ खाया था। डाक्टरों ने बताया कि ये लक्षण भूख मर जाने के हैं। इंसान जब जीने की इच्छा छोड़ देता है, तब उसे भूख प्यास का अहसास नहीं रहता। हालांकि इसे साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता। एक अनुमान यह भी है कि वह संक्रमण के चलते बेहोश हो गई हों। बेहोशी की हालत में लंबे समय रहने के बाद उन्होंने दम तोड़ा हो।
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वीना का शरीर सूखकर पिंजर हो चुका था। हड्डियों पर मांस न के बराबर रह गया था। शव करीब 15 से 18 दिन पुराना है। इसका अर्थ यह हुआ कि लाश मिलने से 15 दिन पहले उनकी मृत्यु हुई। घर के दूसरे कमरे में उनकी मां विमला का कंकाल मिला था। यह चार से छह महीने पुराना बताया गया था। वीना मां के शव के साथ इतने लंबे समय तक रही थीं। एक पल के लिए भी घर से बाहर नहीं निकलीं। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से माना जा रहा है कि घर में मां के कंकाल से फैले संक्रमण ने उन्हें अपनी चपेट में लिया और उनकी जान चली गई।
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आज होगा कंकाल का पोस्टमार्टम
आगरा। विमला के शव का पंचनामा पुलिस ने लावारिस के तौर पर दाखिल किया था। कंकाल की शिनाख्त न हो पाने के चलते ऐसा किया गया था। इसके कारण शव को 72 घंटे पहचान के लिए रखा जाता है। इसी पेच के चलते विमला के शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को नहीं हो पाया। यह बुधवार को फोरेंसिक एक्सपर्ट की मौजूदगी में किया जाएगा।
भतीजे ने किया दाह संस्कार
आगरा। विमला अग्रवाल के शव के पोस्टमार्टम के बाद ताजगंज स्थित मोक्षधाम श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके भतीजे श्यामकांत अग्रवाल ने मुखाग्नि दी। पोस्टमार्टम के दौरान श्यामकांत को फोन पर जानकारी मिली थी इलाहाबाद में उनके एक रिश्तेदार का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। उन्होंने कहा कि वह चाची के शव का दाह संस्कार कराकर ही जाएंगे। वह बार-बार पुलिस से यही कहते रहे कि उन्हें चाची और बहन की निशानी के तौर पर उनका फोटो दिला दीजिए।
किसी से वास्ता नहीं रखती थी चाची
आगरा। श्यामकांत ने बताया कि चाची विमला अग्रवाल के लिए उनका अहं सबसे बड़ा था। वह किसी की नहीं सुनती थीं। न ही किसी से वास्ता रखना चाहती थीं। ससुराल से आने के बाद मायके में भी नहीं रहीं। वीना को लेकर उन्होंने अपनी अलग दुनिया बसा ली और पूरी दुनिया से खुद को अलग कर लिया। ससुराल से आने के बाद वह केवल उनकी शादी में गईं थीं। वह भी तीन घंटे के लिए। इसे भी 25 साल हो गए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट
- शरीर: लगभग 18 दिन पुराना था शव , इसका कुछ हिस्सा सड़ चुका था।
- फेफड़े: काफी संक्रमण पाया गया। इसी के चलते उनकी मौत मानी जा रही है।
- अमाशय: पूरी तरह से खाली था, न अन्न का दाना था और न ही पानी की बूंद।
- आंत: थोड़ा तरल खाद्य पदार्थ मिला, कुछ दिन पहले कुछ खाया होगा।
- हड्डियां: इन पर मांस बहुत कम था, शरीर की कमजोरी के चलते ऐसा हुआ।