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ममेरे भाई सहित की थी जूता कारीगर की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Oct 2016 11:40 PM IST
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किले की खाई में लाश की शिनाख्त होने पर मिली जानकारी
- फोटो : demo pic
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सदर के बड़ा उखर्रा में जूता कारीगर सुभाष की हत्या उसके ममेरे भाई के साथ की गई थी। दोनों की लाश को अलग अलग फेंक दिया गया था। किले की खाई में मिली लाश की शनाख्त हो जाने पर यह जानकारी सामने आई है । यह लाश उसके ममेरे भाई रामेश्वर की थी। पुलिस अब दोनों के हत्यारों की तलाश में लगी है।
बता दें, प्रेम नगर, नई आबादी, राजपुर चुंगी निवासी सुभाष चंद्र (45) पुत्र सुखराम जूता कारीगर था। 25 अक्तूबर को उसकी लाश उखर्रा में ही रामलीला पार्क में पड़ी मिली थी। उसके शरीर पर चोट के कई निशान थे। परिवारीजनों ने आरोप लगाया था कि सुभाष 24 अक्तूबर को अपने ममेरे भाई रामेश्वर (35) निवासी धौलपुर के पहाड़ी मरैना के साथ घर से दवा लेने के लिए निकला था।
इसके बाद लौटकर नहीं आया। रामेश्वर का पता नहीं है। इस पर उसके खिलाफ हत्या का शक जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया। आरोप लगाया कि रामेश्वर ने खेत खरीदने के लिए 60 हजार रुपये सुभाष से उधार लिए थे। रुपये वापस मांगने पर हत्या कर फरार हो गया है।
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पुलिस रामेश्वर की तलाश में जुटी थी। उसके भाई रामबाबू को पकड़कर थाने पर ले आई। उधर, जिस वक्त सुभाष की लाश मिली, उसके दो घंटे बाद ही किले के पास खाई में भी एक युवक की लाश मिली। उसके शरीर पर भी चोट के कई निशान थे। शुक्रवार को समाचार पत्रों में मृतक की फोटो प्रकाशित होने पर परिवारीजन थाना रकाबगंज पहुंचे।
उन्होंने मृतक की शिनाख्त रामेश्वर के रूप में करने का दावा किया। इस पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। रामेश्वर के परिवारीजनों ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करता था। 24 अक्तूबर को सुभाष के घर बच्चे की दवा लेने आया था। उसकी हत्या किसने की यह पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि दोनों भाइयों की हत्या की गई थी। जांच की जा रही है।
कौन है भाईयों का हत्यारा
रामेश्वर की लाश मिलने के बाद पुलिस उलझ गई है कि दोनों भाइयाें की हत्या आखिर किसने की? रामेश्वर के शव को कई किलोमीटर दूर किले की खाई में ले जाकर फेंका गया, जिससे सुभाष की हत्या का शक रामेश्वर पर जाए। किले की खाई में अगर लाश बरामद नहीं होती तो पुलिस उसे ही ढूंढती रहती।
एक महिला पर शक
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुभाष और रामेश्वर का एक महिला से परिचय था। वह उसके घर पर आते-जाते थे। आशंका है कि हत्या की वजह कहीं वही महिला तो नहीं है।
बता दें, प्रेम नगर, नई आबादी, राजपुर चुंगी निवासी सुभाष चंद्र (45) पुत्र सुखराम जूता कारीगर था। 25 अक्तूबर को उसकी लाश उखर्रा में ही रामलीला पार्क में पड़ी मिली थी। उसके शरीर पर चोट के कई निशान थे। परिवारीजनों ने आरोप लगाया था कि सुभाष 24 अक्तूबर को अपने ममेरे भाई रामेश्वर (35) निवासी धौलपुर के पहाड़ी मरैना के साथ घर से दवा लेने के लिए निकला था।
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इसके बाद लौटकर नहीं आया। रामेश्वर का पता नहीं है। इस पर उसके खिलाफ हत्या का शक जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया। आरोप लगाया कि रामेश्वर ने खेत खरीदने के लिए 60 हजार रुपये सुभाष से उधार लिए थे। रुपये वापस मांगने पर हत्या कर फरार हो गया है।
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पुलिस रामेश्वर की तलाश में जुटी थी। उसके भाई रामबाबू को पकड़कर थाने पर ले आई। उधर, जिस वक्त सुभाष की लाश मिली, उसके दो घंटे बाद ही किले के पास खाई में भी एक युवक की लाश मिली। उसके शरीर पर भी चोट के कई निशान थे। शुक्रवार को समाचार पत्रों में मृतक की फोटो प्रकाशित होने पर परिवारीजन थाना रकाबगंज पहुंचे।
उन्होंने मृतक की शिनाख्त रामेश्वर के रूप में करने का दावा किया। इस पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। रामेश्वर के परिवारीजनों ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करता था। 24 अक्तूबर को सुभाष के घर बच्चे की दवा लेने आया था। उसकी हत्या किसने की यह पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि दोनों भाइयों की हत्या की गई थी। जांच की जा रही है।
कौन है भाईयों का हत्यारा
रामेश्वर की लाश मिलने के बाद पुलिस उलझ गई है कि दोनों भाइयाें की हत्या आखिर किसने की? रामेश्वर के शव को कई किलोमीटर दूर किले की खाई में ले जाकर फेंका गया, जिससे सुभाष की हत्या का शक रामेश्वर पर जाए। किले की खाई में अगर लाश बरामद नहीं होती तो पुलिस उसे ही ढूंढती रहती।
एक महिला पर शक
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुभाष और रामेश्वर का एक महिला से परिचय था। वह उसके घर पर आते-जाते थे। आशंका है कि हत्या की वजह कहीं वही महिला तो नहीं है।