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एक के बाद एक हत्या का कारण अरबों की ये जमीन, अब पुलिस जुटा रही रिकार्ड
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 10 Jun 2017 10:25 PM IST
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नाथूराम की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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डौकी के गांव नरि में बाबा मुंशीदास की हत्या के बाद अरबों रुपये की जमीन को लेकर विवाद ने पुलिस अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि पुलिस बाबा की विवादित जमीन का खाका तैयार कर रही है। बाबा की जमीन कहां-कहां हैं? कितनी जमीन पर विवाद की स्थिति है? कब्जेदार कौन लोग हैं? जमीन किसके नाम है? इस सबके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
बता दें, गांव नरि निवासी बाबा मुंशीदास की चार महीने पहले हत्या हो गई थी। वह हिस्ट्रीशीटर थे। पिछले महीने उनके भाई नाहर सिंह की भी हत्या हो गई थी। आश्रम के पास अरबों की जमीन है। इसके अलावा काफी जमीन ऐसी है जिस पर विवाद चल रहा है। यहां के अलावा जमीन फतेहाबाद, ताजगंज के दिगनेर, रकाबगंज सहित आसपास के गांव में हैं।
जमीन की कीमत करोड़ों में है। 80 करोड़ की जमीन तो हरीपर्वत क्षेत्र के एक व्यक्ति के नाम पर है। दिगनेर में 60 बीघा जमीन पड़ी है। इसमें से 20 बीघा पक्के हैं। वहीं आश्रम के पास ही 400 बीघा जमीन पड़ी है।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि जमीनें बाबा सहित परिवार के 20 से 25 लोगों के नाम पर हैं। बाबा की मौत के बाद सभी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। मगर, कई जमीन ऐसी हैं, जिनका दाखिल खारिज नहीं कराया गया है। ऐसे में जमीनों को कई लोगों को बेच दिया गया है। जमीन विवाद के 35 से ज्यादा मामला सामने आ गए हैं। अब इन सबकी जांच की जा रही है।
इसकी सूची तैयार की जा रही है। बता दें, पिछले दिनों हुई नाथूराम की हत्या भी सौ करोड़ की जमीन के सौदे में मिलने वाले 15 करोड़ रुपये की रकम के लिए करने की बात सामने आई है। वहीं बाबा के भाई नाहर सिंह की हत्या के पीछे भी जमीन विवाद होने की आशंका जाहिर की जा रही है। ऐसे में और भी विवाद हो सकते हैं। इसलिए पुलिस पहले से अलर्ट हो गई है।
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बता दें, गांव नरि निवासी बाबा मुंशीदास की चार महीने पहले हत्या हो गई थी। वह हिस्ट्रीशीटर थे। पिछले महीने उनके भाई नाहर सिंह की भी हत्या हो गई थी। आश्रम के पास अरबों की जमीन है। इसके अलावा काफी जमीन ऐसी है जिस पर विवाद चल रहा है। यहां के अलावा जमीन फतेहाबाद, ताजगंज के दिगनेर, रकाबगंज सहित आसपास के गांव में हैं।
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जमीन की कीमत करोड़ों में है। 80 करोड़ की जमीन तो हरीपर्वत क्षेत्र के एक व्यक्ति के नाम पर है। दिगनेर में 60 बीघा जमीन पड़ी है। इसमें से 20 बीघा पक्के हैं। वहीं आश्रम के पास ही 400 बीघा जमीन पड़ी है।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि जमीनें बाबा सहित परिवार के 20 से 25 लोगों के नाम पर हैं। बाबा की मौत के बाद सभी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। मगर, कई जमीन ऐसी हैं, जिनका दाखिल खारिज नहीं कराया गया है। ऐसे में जमीनों को कई लोगों को बेच दिया गया है। जमीन विवाद के 35 से ज्यादा मामला सामने आ गए हैं। अब इन सबकी जांच की जा रही है।
इसकी सूची तैयार की जा रही है। बता दें, पिछले दिनों हुई नाथूराम की हत्या भी सौ करोड़ की जमीन के सौदे में मिलने वाले 15 करोड़ रुपये की रकम के लिए करने की बात सामने आई है। वहीं बाबा के भाई नाहर सिंह की हत्या के पीछे भी जमीन विवाद होने की आशंका जाहिर की जा रही है। ऐसे में और भी विवाद हो सकते हैं। इसलिए पुलिस पहले से अलर्ट हो गई है।