{"_id":"5913434d4f1c1b1157852220","slug":"illegal-arm-manufactured-in-agra-sold-in-maharashtra-and-gujrat","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र-गुजरात तक सप्लाई हुए आगरा में बने अवैध हथियार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
महाराष्ट्र-गुजरात तक सप्लाई हुए आगरा में बने अवैध हथियार
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 10 May 2017 10:13 PM IST
विज्ञापन
अवैध हथियार
- फोटो : SELF
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शास्त्रीपुरम में दो महीने पहले पकड़ी गई डुप्लिकेट विदेशी पिस्टल फैक्ट्री के मामले में कुछ और खुलासे हुए हैं। पुलिस को पता चला है कि इन पिस्टलों को शस्त्र विक्रेताओं ने फर्जी कागजात बनाकर खरीदा था। इसके बाद उन्हें लाइसेंस धारकों को बेच दिया। यूपी ही नहीं, बल्कि गुजरात, महाराष्ट्र, असम और अरुणांचल प्रदेश तक के लोगों को बेची गईं। पुलिस गन हाउस के रिकॉर्ड को चेक कर रही है।
बता दें, पुलिस ने आरोपी हरजीत सरना को गिरफ्तार किया था। उसके लखनऊ में पांच गन हाउस हैं। इनके अलावा लखनऊ में ही एक अधिकारी गन हाउस भी है। एसआईटी ने इन गन हाउस का पांच साल का रिकॉर्ड कब्जे में लिया था। इसमें एक तो पिस्टल खरीदारों की जानकारी ली गई।
दूसरा गन हाउस द्वारा खरीदी पिस्टलों के बारे में जानकारी की गई। जांच में पता चला है कि गन हाउस ने फर्जी बिलिंग कर पिस्टल बेची। इतना ही नहीं गन हाउस के लिए खरीद में भी फर्जी गन हाउस के कागजात को दिखाया।
विज्ञापन
ऐसा ही अमेठी के जैनुल के साथ हुआ था। उसे एक बेरेटा पिस्टल लखनऊ के अधिकारी गन हाउस ने चार लाख में पिस्टल बेची थी। अधिकारी गन हाउस के कागजात देखे गए तो इसमें पिस्टल की खरीद एटा के शुभम गन हाउस की लिखी थी। एटा में जांच की तो पता चला कि शुभम गन हाउस पांच साल पहले बंद हो चुका है। इसकी फर्जी रसीद बनाकर खरीद दिखाई गई है।
इसी तरह कारतूस भी फर्जी रसीद से बेचे गए। पुलिस ने बताया कि फर्जी कागजात से तकरीबन 300 पिस्टल बेची गई हैं। 14 पिस्टल महाराष्ट्र में बेची गई है। 10 पिस्टल गुजरात में बेची गईं। इनके अलावा एटा, फिरोजाबाद, अमेठी और लखनऊ में भी डुप्लिकेट पिस्टल बेची गईं। अब पुलिस इन गन हाउस से पिस्टल खरीदने वालों के बारे में जानकारी जुटा रही है। उनसे पिस्टल को रिकवर किया जाएगा।
विज्ञापन
बता दें, पुलिस ने आरोपी हरजीत सरना को गिरफ्तार किया था। उसके लखनऊ में पांच गन हाउस हैं। इनके अलावा लखनऊ में ही एक अधिकारी गन हाउस भी है। एसआईटी ने इन गन हाउस का पांच साल का रिकॉर्ड कब्जे में लिया था। इसमें एक तो पिस्टल खरीदारों की जानकारी ली गई।
विज्ञापन
दूसरा गन हाउस द्वारा खरीदी पिस्टलों के बारे में जानकारी की गई। जांच में पता चला है कि गन हाउस ने फर्जी बिलिंग कर पिस्टल बेची। इतना ही नहीं गन हाउस के लिए खरीद में भी फर्जी गन हाउस के कागजात को दिखाया।
विज्ञापन
ऐसा ही अमेठी के जैनुल के साथ हुआ था। उसे एक बेरेटा पिस्टल लखनऊ के अधिकारी गन हाउस ने चार लाख में पिस्टल बेची थी। अधिकारी गन हाउस के कागजात देखे गए तो इसमें पिस्टल की खरीद एटा के शुभम गन हाउस की लिखी थी। एटा में जांच की तो पता चला कि शुभम गन हाउस पांच साल पहले बंद हो चुका है। इसकी फर्जी रसीद बनाकर खरीद दिखाई गई है।
इसी तरह कारतूस भी फर्जी रसीद से बेचे गए। पुलिस ने बताया कि फर्जी कागजात से तकरीबन 300 पिस्टल बेची गई हैं। 14 पिस्टल महाराष्ट्र में बेची गई है। 10 पिस्टल गुजरात में बेची गईं। इनके अलावा एटा, फिरोजाबाद, अमेठी और लखनऊ में भी डुप्लिकेट पिस्टल बेची गईं। अब पुलिस इन गन हाउस से पिस्टल खरीदने वालों के बारे में जानकारी जुटा रही है। उनसे पिस्टल को रिकवर किया जाएगा।