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मैंने ही मजबूरी में नाले के पास छोड़ी थी दुधमुंही बच्ची 

Wed, 07 Dec 2016 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 07 Dec 2016 12:29 AM IST
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I had left near the brook in the Dudmunhi child restraints
मां ने पुलिस से कहा, पति से झगड़े के चलते उठाया कदम - फोटो : अमर उजाला
मैं हालात से मजबूर थी, रोटी के लिए बिलखते बच्चों की भूख देखी नहीं जा रही थी, इसलिए दिल पर पत्थर रखकर अपनी फूल सी बेटी को नाले पर छोड़ गई थी, ताकि कोई उसे ले जाए। आप ही बताइए, मेरी जगह आप होते तो क्या करते? ... यह कहते कहते पिंकी की आंखों में आंसू आ जाते हैं, गला रुंध जाता है और खामोश हो जाती है। फिर संभलकर कहती है, पति शराबी है, घर में तीन दिन से रसोई गैस नहीं, पड़ोसियों से मांग-मांगकर बच्चों का पेट भर रही थी, जब उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए, तो कोई चारा नहीं रहा।
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बता दें, एत्माद्दौला क्षेत्र के रॉयल पब्लिक स्कूल के पास बच्ची सोमवार दोपहर को नाले में मिली थी। शाम को महावीर नगर निवासी अनिल शर्मा ने बच्ची को अपनी बेटी अर्पिता होने का दावा किया। उसने बताया कि पत्नी पिंकी बेटी के साथ बाजार के लिए निकली थी। रास्ते में उसे बाइक सवार दो लोगों ने बेहोश करके लूट लिया। बच्ची को नाले के पास फेंक गए। जबकि पिंकी एत्मादपुर क्षेत्र में बेहोश मिली।
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मंगलवार को पुलिस और चाइल्ड लाइन की टीम ने हास्पिटल में पिंकी का बयान लिया। इंस्पेक्टर थाना एत्माद्दौला ने बताया कि पिंकी ने अपने बयान कहा कि पति से परेशान होकर बच्ची को नाले के पास यह सोचकर बैठा दिया कि उसे कोई ले जाएगा। वहीं खुद आटो से अपने मायके फीरोजाबाद के लिए चल दी। मगर, एत्मादपुर में उतर गई। कमजोरी और परेशानी से वह बेहोश हो गई। उसके गहने और पर्स सुरक्षित हैं।  हालांकि अनिल का कहना है कि उसकी पत्नी को बाइक सवारों ने बेहोश किया था। अभी वह पूरी तरह से होश में नहीं आ सकी है।
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मम्मी को पीटते हैं पापा
पुलिस ने अनिल के 12 वर्षीय बेटे से पूछताछ की। उसने बताया कि पिता आए दिन मम्मी से मारपीट करते हैं। इस कारण रोजाना झगड़ा होता है। पुलिस ने पड़ोस के लोगों के भी बयान दर्ज किए।


महिला सिपाही को किया जाएगा पुरस्कृत
थाने लाने पर सिपाही आकांक्षा ने बच्ची को नहलाया था। उसे नए कपड़े भी पहनाए थे। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया। इसके बाद सिपाही के इस कदम के लिए उसे पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है। आईजी से पुरस्कार दिलाने के लिए अनुशंसा की गई है। उधर, चाइल्ड लाइन की टीम ने बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया। इससे मां की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।
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