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‘मैं 400 आतंकी ट्रेनिंग सेंटर चलाता हूं’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 23 Sep 2016 12:56 AM IST
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खत में लिखा है, पुलिस को देने हैं 200 करोड़ रुपये
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैंट स्टेशन के ट्रेन दुर्घटना कार्यालय में शहर में धमाकों की धमकी देने वाले शख्स आईएसआई कमांडेंट मोहम्मद मिर्जा ने पत्र में जय हास्पिटल बम कांड और विशाल ढाबे पर टाइम बम रखे जाने की घटनाओं का जिक्र किया है। दिल्ली र्हाईकोर्ट और संकटमोचन हनुमान मंदिर में धमाकों की भी जिम्मेदारी ली है। उसने कहा है कि वह पहले भी शहर को धमाके करके दहला चुका है। उसने लिखा है कि वह वर्ष 2006 में आगरा में आया था। वह भारत में 400 से अधिक आतंकवादी ट्रेनिंग सेंटर चलाता है। इसके लिए पैसे की जरूरत होती है। पत्र में लिखा है कि वह इसके पहले एक उद्योगपति को वसूली के लिए पत्र भेज चुका है। जय हास्पिटल के मालिक का नाम भी उसने पत्र में लिखा है। साथ ही चुनावों से पहले धमाके करने की बात कही है। साथ ही पुलिस को 200 करोड़ रुपये देने जैसी बेतुकी बातें भी लिखी हैं। बता दें, पिछले साल दिसंबर में स्कूलों में धमकी भरे खत मिले थे। इससे चार दिन तक शहर में हड़कंप मचा रहा था।
सीमा विवाद में उलझी पुलिस
धमकी भरा पत्र मिलने के बाद भी जीआरपी कैंट को सीमा की बात ध्यान में आई। कहा गया कि पत्र जहां मिला है, वह आगरा कैंट सिविल पुलिस चौकी का हिस्सा है। इसकी जानकारी सदर थाने को दी गई। पत्र मिलने की जानकारी होने के बाद भी एसपी जीआरपी और सीओ जीआरपी थाने पर नहीं पहुंचे। बताया गया कि एसपी शहर से बाहर गए हैं। सीओ जीआरपी का मोबाइल बंद था। आरपीएफ कमांडेंट भी शहर से बाहर ट्रेनिंग पर गए हुए हैं। आरपीएफ वालों ने भी पत्र को जीआरपी को सौंपकर पल्ला झाड़ लिया। ऐसे में सीओ सदर थाना जीआरपी कैंट पहुंचे और जानकारी ली।
इन घटनाओं का जिक्र
17 सितंबर 2011: बाईपास रोड स्थित जय हास्पिटल के वेटिंग रूम में बम धमाका हुआ था। सात लोग घायल हुए थे। खुलासा नहीं हो सका।
17 दिसंबर 2011: हाथरस आगरा बाईपास पर स्थित विशाल ढाबे पर दो लोग थैले में टाइम बम छोड़कर चले गए थे। बाद में विस्फोट से पहले इसे निष्क्रिय किया गया था।
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सीमा विवाद में उलझी पुलिस
धमकी भरा पत्र मिलने के बाद भी जीआरपी कैंट को सीमा की बात ध्यान में आई। कहा गया कि पत्र जहां मिला है, वह आगरा कैंट सिविल पुलिस चौकी का हिस्सा है। इसकी जानकारी सदर थाने को दी गई। पत्र मिलने की जानकारी होने के बाद भी एसपी जीआरपी और सीओ जीआरपी थाने पर नहीं पहुंचे। बताया गया कि एसपी शहर से बाहर गए हैं। सीओ जीआरपी का मोबाइल बंद था। आरपीएफ कमांडेंट भी शहर से बाहर ट्रेनिंग पर गए हुए हैं। आरपीएफ वालों ने भी पत्र को जीआरपी को सौंपकर पल्ला झाड़ लिया। ऐसे में सीओ सदर थाना जीआरपी कैंट पहुंचे और जानकारी ली।
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इन घटनाओं का जिक्र
17 सितंबर 2011: बाईपास रोड स्थित जय हास्पिटल के वेटिंग रूम में बम धमाका हुआ था। सात लोग घायल हुए थे। खुलासा नहीं हो सका।
17 दिसंबर 2011: हाथरस आगरा बाईपास पर स्थित विशाल ढाबे पर दो लोग थैले में टाइम बम छोड़कर चले गए थे। बाद में विस्फोट से पहले इसे निष्क्रिय किया गया था।