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तीन घंटे बंद रहा हाईवे, खड़े रहे हजारों वाहन

Thu, 17 Dec 2015 02:20 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा Updated Thu, 17 Dec 2015 02:20 AM IST
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highway closed for 3 hour
डीजल के टैंकर के खंभे से टकराते ही चिंगारी के साथ हाइटेंशन लाइन टूटकर गिरी और अगले ही पल आग लग गई। आग का बड़ा सा गोला आसमान की ओर उठा और फिर लपटें आस-पास आकर गिरीं, तो दहशत फैल गई। टैंकर में फंसे लोग जिंदा जल रहे थे, लेकिन खौफ इतना था कि दूर खड़े लोग पास जाने में भी डर रहे थे। एनएच-2 पर वाहन जहां के तहां थम गए। इसके बाद पुलिस पहुंची तो आगरा और मथुरा दोनों ओर से बैरियर लगाकर हाईवे बंद कर दिया। दोपहर एक से चार बजे तक हजारों वाहन खड़े रहे।
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एनएच-2 पर रैपुराजाट में हादसा दोपहर करीब एक बजे हुआ। इसके बाद वाहनों का आवागमन शुरू हो पाया चार बजे। आग की विकराल लपटों को देखकर वाहन चालकों ने वाहन दूर ही खड़े कर लिए थे। इनके पीछे लाइन लगती चली गई। पुलिस पहुंचने के बाद मथुरा से आगरा की तरफ  बीएमएस कॉलेज के पास बैरियर लगाया रुनकता पुलिस चौकी ने।
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आगरा से मथुरा की तरफ रैपुराजट से थोड़ा आगे वाहन रोकेमथुरा की ट्रैफिक पुलिस ने। बैरियर करीब दो बजे लगाया गया और चार बजे खोल दिया गया। इससे पहले एक घंटा वाहन चालक दहशत के कारण अपने वाहन खड़े किए रहे। खौफ इतना था कि टैंकर के आस-पास लोग दुकानों और घरों से दूर चले गए थे।
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गम में डूबा गुतिला, नहीं जले चूल्हे
रैपुराजाट हादसे की खबर मिलते ही बरौली अहीर के पास शमसाबाद रोड स्थित गांव गुतिला के लोग सन्न रह गए। जिंदा जलीं तीनों महिलाएं इसी गांव में एक ही परिवार की थीं। श्यामवती देवरानी और बबली जेठानी थी। अनमोल रिश्ते में दोनों की भाभी लगती थी। गांव से सैकड़ों लोग ट्रैक्टर ट्रालियों से रैपुराजाट की ओर दौड़ पड़े। गम के चलते शाम को घरों में चूल्हे नहीं जले। पीड़ित परिवारों का दुख बांटने के लिए आस-पास के गांवों से भी लोग पहुंचे।

रोते बच्चे पूछ रहे हैं, मम्मी कब आएगी
जिंदा जलीं तीनों महिलाएं मथुरा में गमी में गई थी। तीनों अपने बच्चों को घर ही छोड़ गई थीं। बच्चे दोपहर तक  इंतजार करते रहे। शाम को मां को नहीं पाया तो रोना शुरू कर दिया। मृतकों में रामनाथ की पत्नी श्यामवती के छह बच्चे हैं। दीपमाला (9), ज्योति (6), सुखवीर ( 4), पूनम (3), निखिल (2) के अलावा एक बच्चा छह महीने का है। सभी बच्चे रो रोकर पूछ रहे हैं कि मम्मी कब आएगी?। श्याम सुंदर की पत्नी बबली के भी छह बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी मंजू 14 साल की है। उससे छोटे अजय, विनय, सोनू,  अनिल और जीतू हैं। श्रीकृष्ण की पत्नी अनमोल के सात बच्चे हैं। अजय, विजय, रानू, सचिन, हिना, सोनी और देवो। तीनों के पति मजदूरी करते हैं।
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