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किशोरी का हाथ काटे जाने की झूठी सूचना पर दौड़ी पुलिस
किशोरी का हाथ काटे जाने की झूठी सूचना पर दौड़ी पुलिस
Updated Thu, 27 Oct 2016 12:46 AM IST
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किशोरी का हाथ काटे जाने की झूठी सूचना पर दौड़ी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कस्बे की एक किशोरी का हाथ मंगलवार देर शाम ट्रेन की चपेट में आकर कट गया। वह मां के साथ पटरी पर शौच करने के लिए बैठी थी, तभी ट्रेन आ गई। मां तो बच गई, लेकिन किशोरी चपेट में आ गई। उसे रामबाग स्थित एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। लेकिन उसकी मां ने बुधवार शाम पुलिस को यह सूचना देकर सनसनी मचा दी कि बेटी का हाथ बदमाश काटकर साथ ले गए हैं। हालांकि पूछताछ होते ही उसने पूरा सच बयां कर दिया।
मां की सूचना दिल दहला देने वाली थी। उसने पुलिस को बताया था कि वह 15 साल की बेटी के साथ शौच के लिए खेत में गई थी। वहीं काले कपड़े पहने दो बदमाश आए। वह बेटी को ले जाने लगे। उसने विरोध किया तो उस पर चाकू से वार किए। इसके बाद उसका एक हाथ बड़े छुरे से काट दिया। वह बेटी का हाथ साथ ही ले गए। उसने खून से लथपथ बेटी को लोगों की मदद से किसी तरह हास्पिटल पहुंचाया।
इस सूचना पर अफसरों के होश उड़ गए। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह बताए गए घटनास्थल पहुंचे। एसपी (वेस्ट) बबीता साहू घायल किशोरी और उसकी मां का बयान दर्ज करने हॉस्पिटल पहुंचीं। दो घंटे में सच्चाई सामने आ गई।
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बताई गई जगह पर कुछ नहीं मिला
एसएसपी ने बताया कि रेलवे ट्रैक के बीच में खून पड़ा मिला। पास में ही चप्पल और चुनरी पड़ी थी। साफ है कि किशोरी का हाथ ट्रेन की चपेट में आने से कटा है। उधर, एसपी वेस्ट ने दोनों से पूछताछ के बाद बताया कि किशोरी की मां ने झूठी कहानी बनाई थी। उसने सच स्वीकार कर लिया है। हाथ ट्रेन से ही कटा है। उधर, बसपा विधायक डा. धर्मपाल भी घायल किशोरी का हाल जानने के लिए हॉस्पिटल पहुंचे।
मुआवजे के लालच में बोला झूठ
किशोरी की मां ने बताया कि उसके पति पल्लेदारी करते हैं। पांच बेटियां और एक बेटा है। घायल बेटी का उपचार कराने के लिए पैसे नहीं है। किसी ने बताया था कि अगर घटना को यह रूप दे दिया जाए, तो मुआवजा मिल सकता है। क्योंकि दलितों के साथ अपराध होने पर मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है, इसलिए झूठ बोल दिया। इसके सिवाय कोई और कारण नहीं था।
लेकिन हाथ नहीं मिल पाया
किशोरी का कटा हाथ रेलवे ट्रैक पर नहीं मिल पाया है। माना जा रहा है कि इसे कोई जानवर ले गया होगा। एसएसपी के मौका मुआयना करने के बाद ग्रामीणों ने आसपास काफी तलाश किया, लेकिन हाथ नहीं मिला। किशोरी और उसकी मां ने प्रशासन से कहा कि उनकी गलती को नजरअंदाज किया जाए। उन्हें मदद की जरूरत है।
मां की सूचना दिल दहला देने वाली थी। उसने पुलिस को बताया था कि वह 15 साल की बेटी के साथ शौच के लिए खेत में गई थी। वहीं काले कपड़े पहने दो बदमाश आए। वह बेटी को ले जाने लगे। उसने विरोध किया तो उस पर चाकू से वार किए। इसके बाद उसका एक हाथ बड़े छुरे से काट दिया। वह बेटी का हाथ साथ ही ले गए। उसने खून से लथपथ बेटी को लोगों की मदद से किसी तरह हास्पिटल पहुंचाया।
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इस सूचना पर अफसरों के होश उड़ गए। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह बताए गए घटनास्थल पहुंचे। एसपी (वेस्ट) बबीता साहू घायल किशोरी और उसकी मां का बयान दर्ज करने हॉस्पिटल पहुंचीं। दो घंटे में सच्चाई सामने आ गई।
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बताई गई जगह पर कुछ नहीं मिला
एसएसपी ने बताया कि रेलवे ट्रैक के बीच में खून पड़ा मिला। पास में ही चप्पल और चुनरी पड़ी थी। साफ है कि किशोरी का हाथ ट्रेन की चपेट में आने से कटा है। उधर, एसपी वेस्ट ने दोनों से पूछताछ के बाद बताया कि किशोरी की मां ने झूठी कहानी बनाई थी। उसने सच स्वीकार कर लिया है। हाथ ट्रेन से ही कटा है। उधर, बसपा विधायक डा. धर्मपाल भी घायल किशोरी का हाल जानने के लिए हॉस्पिटल पहुंचे।
मुआवजे के लालच में बोला झूठ
किशोरी की मां ने बताया कि उसके पति पल्लेदारी करते हैं। पांच बेटियां और एक बेटा है। घायल बेटी का उपचार कराने के लिए पैसे नहीं है। किसी ने बताया था कि अगर घटना को यह रूप दे दिया जाए, तो मुआवजा मिल सकता है। क्योंकि दलितों के साथ अपराध होने पर मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है, इसलिए झूठ बोल दिया। इसके सिवाय कोई और कारण नहीं था।
लेकिन हाथ नहीं मिल पाया
किशोरी का कटा हाथ रेलवे ट्रैक पर नहीं मिल पाया है। माना जा रहा है कि इसे कोई जानवर ले गया होगा। एसएसपी के मौका मुआयना करने के बाद ग्रामीणों ने आसपास काफी तलाश किया, लेकिन हाथ नहीं मिला। किशोरी और उसकी मां ने प्रशासन से कहा कि उनकी गलती को नजरअंदाज किया जाए। उन्हें मदद की जरूरत है।