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महिलाएं सावधान! दोस्त नहीं ठग है फेसबुक पर दादी-नानी के नुस्खे बताने वाला

Mon, 10 Jul 2017 05:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा Updated Mon, 10 Jul 2017 05:21 PM IST
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fraud on facebook by delivering ayurvedic suggestion to women
facebook crime
इंटरनेट यूजर्स को अपने शिकार में फंसाने के लिए साइबर अपराधी नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। साइबर सेल के पास ऐसे तीन मामले आए हैं जिनमें फेसबुक पर देसी नुस्खे बताकर महिलाओं को प्रभाव में लिया गया। इसके बाद उनके पति की बीमारी दूर करने का दावा करके दवाइयां भेजने की बात कही गई। महिलाओं ने बताए गए खाते में पैसा जमा कराया। इसके बाद दवाई नहीं आई। फेसबुक पर नुस्खे बताने वाले का एकाउंट भी बंद हो गया।
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फेसबुक का यह जाल बिछाने के लिए साइबर अपराधी आयुर्वेद का ज्ञान, उपचार की प्राचीन पद्धति, दादी-नानी के नुस्खे जैसा कोई भी फेसबुक पेज बना लेते हैं। इसमें महिलाओं और पुरुषों की बीमारियों के उपचार के नुस्खे पोस्ट करते हैं। जो लोग और जानकारी चाहते हैं, उनसे कमेंट में मोबाइल नंबर लिखने के लिए कहा जाता है। इसके बाद मोबाइल पर बात करके बीमारी की जानकारी लेते हैं।
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फिर साइबर अपराधी फोन पर कहते हैं कि बीमारी ठीक हो जाएगी, वह जड़ी बूटी से पूरी दवाई बनाकर भेज देगा। इसके लिए खाता संख्या देकर उसमें पांच से दस हजार रुपया जमा कराने के लिए कहेगा। पैसा जमा होते ही निकाल लेगा। साइबर सेल के प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि ऐसी शिकायतें आ रही हैं। लोगों को सलाह दी जा रही है वे ऐसे जाल में न फंसे।
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बताया गया है कि साइबर अपराधियों में से ज्यादातर उन इलाकों से हैं जो नक्सल प्रभावित हैं। ऐसे में पुलिस इन्हें ट्रेस भी कर ले तो पकड़ना आसान नहीं है। यही वजह है कि साइबर अपराध के मामलों में गिरफ्तारी दस प्रतिशत भी नहीं हो पा रही है।

ये हैं ऑनलाइन ठगी के नए-नए हथकंडे

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Fraud
बता दें कि फेसबुक पर दूसरा खेल चल रहा है दोस्ती का। इसमें पहले फेसबुक फ्रेंड बनाया जाता है। महिला साइबर अपराधी पुरुष को और पुरुष महिला को दोस्त बनाते हैं। खुद को विदेश में बताते हैं। फिर लालच देते हैं खूबसूरत और महंगा उपहार भेजने का। आखिर में कहते हैं कि कस्टम ड्यूटी के लिए पैसा देना होगा। खाता संख्या बताते हैं और ठग लेते हैं।

एक मामला है एत्मादपुर का। अली हसन नाम के युवक के पास नियुक्ति पत्र आया। यह आईटीबीपी के नाम से थे। उससे कहा गया कि सीधी भर्ती में वह सलेक्ट हो गया है। जमानत राशि के रूप में 18000 रुपये खाते में जमा करा दे। खाता संख्या भी लिखी थी। अली हसन ने आईटीबीपी के हेड ऑफिस फोन किया तो पता चला कि सीधी भर्ती का कोई प्रावधान ही नहीं है।

नेवी और रेलवे में नौकरी के सबसे ज्यादा फर्जी नियुक्ति पत्र भेजे जा रहे हैं। इनमें खाता संख्या देकर जमानत राशि केरूप में पैसा जमा कराने की बात होती है। बीमे का प्रीमियम नए खाते में जमा कराने पर धनराशि कम जमा कराने का लालच फोन पर दिया जाता है। जिसने पैसा जमा कराया, उसके चूना लगा। घर बैठे मोबाइल के इंटरनेट पैक रिचार्ज कराने के लिए ऑफर दिए जा रहे हैं, खाता संख्या एसएमएस किया जाता है, जिसने पैसा जमा कराया, वो पछताया।

यहां करें शिकायत

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whatsapp
रेंज साइबर सेल  व्हाट्स ऐप नंबर- 9454457732,  945447731

जिला साइबर सेल मोबाइल नंबर- 9634326184, 9720778899
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