फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   four brothers have made a gang of scoundrel in mathura

मथुरा मुठभेड़ः आतंक का पर्याय बन चुके थे रंगा-बिल्ला, चार भाइयों ने खड़ा किया ‘गुंडों का गैंग’

Sun, 21 May 2017 11:56 AM IST
राजेश भाटिया/ अमर उजाला मथुरा
राजेश भाटिया/ अमर उजाला मथुरा Updated Sun, 21 May 2017 11:56 AM IST
विज्ञापन
four brothers have made a gang of scoundrel in mathura
राकेश रंगा - फोटो : अमर उजाला
रंगा, बिल्ला, नीरज और कामेश उर्फ चीनी। इन चारों भाइयों ने जरायम की दुनिया में ऐसे कदम रखा कि पूरा ‘गुंडा गैंग’ बना डाला। इनके गैंग में मौजूदा समय में दस से भी ज्यादा बदमाश जाते हैं। गैंग मकान और जमीनों पर कब्जे करके पैसा वसूलता। रंगा और बिल्ला तो आतंक का पर्याय बन चुके हैं।
विज्ञापन


पहले गैंग की कमान मुकेश उर्फ बिल्ला के हाथ में थी। वर्ष 2015 में तौले बाबा की हत्या में बिल्ला नामजद था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस हत्या में राकेश उर्फ रंगा और नीरज को भी नामजद किया गया था लेकिन पुलिस रंगा और नीरज को गिरफ्तार ही नहीं कर पाई थी। बिल्ला के जेल जाने के बाद गैंग की कमान रंगा के हाथ में आ गई थी। 
विज्ञापन


पुलिस का कहना है कि रंगा का गैंग मथुरा के साथ ही आसपास के जनपदों में भी सक्रिय था। दूसरे जनपदों से भी इस गैंग का क्रिमिनल रिकार्ड मांगा जा रहा है। शहर के व्यापारी रविकांत बंसल से भी इस गैंग ने लाखों की लूट की थी। उस वारदात में राकेश उर्फ रंगा, मुकेश उर्फ बिल्ला समेत पांच नामजद किए गए थे। जेल से छूटने के बाद रंगा-बिल्ला की जोड़ी का आतंक और बढ़ गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


साल 2011 में भोलेश्वर चतुर्वेदी की गोली मारकर हत्या कर रंगा-बिल्ला ने दहशत फैला दी थी। इस हत्याकांड में रंगा-बिल्ला, छोटा भाई नीरज, पिता बालस्वरूप समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गई थी। कई अन्य मुकदमों में भी रंगा-बिल्ला का पिता बालस्वरूप भी नामजद रहा है। लूट और चोरी की मोटरसाइकिलों की बिक्री भी इस गैंग ने की है। सराफा हत्या-लूटकांड में भी चोरी की मोटरसाइकिलों का प्रयोग किया गया।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed