{"_id":"59d4c8cc4f1c1b9e538b5a11","slug":"first-information-report-order-against-agra-police-by-allahabad-highcourt","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पुलिस को भारी पड़ गई दबंगई, हाईकोर्ट ने दिया एफआईआर दर्ज करने का आदेश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस को भारी पड़ गई दबंगई, हाईकोर्ट ने दिया एफआईआर दर्ज करने का आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 04 Oct 2017 05:11 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के बाग फरजाना में मेडिकल शॉप को बंद कराकर वहां पुलिस चौकी खोलना हरीपर्वत थाने की पुलिस को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने इस मामले में पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही आगरा विकास प्राधिकरण को चार सप्ताह के अंदर अपने नोटिस का निस्तारण करने का आदेश दिया है।
बता दें कि बाग फरजाना में दवा की दुकान करने वाले गजेंद्र वर्मा और अन्य ने हाईकोर्ट में रिट पिटीशन की थी कि उन्होंने सुरेश चाहर जो खुद को जमीन का मालिक बताते हैं, से 2016- 2017 के लिए करार किया था। इस आधार पर उन्होंने मेडिकल की दुकान खोली थी।
30 मई 2017 को हरीपर्वत पुलिस ने उस स्थान को देखने के बाद वहां पुलिस चौकी खोल दी। दुकान को लाक कर दिया। पुलिस के इस व्यवहार से पीड़ित का कारोबार ठप हो गया। स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की, लेकिन राहत न मिलने पर पीड़ित ने हाईकोर्ट की शरण ली। पीड़ित ने मौके के फोटोग्राफ सबूत के तौर पर प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि बाग फरजाना में दवा की दुकान करने वाले गजेंद्र वर्मा और अन्य ने हाईकोर्ट में रिट पिटीशन की थी कि उन्होंने सुरेश चाहर जो खुद को जमीन का मालिक बताते हैं, से 2016- 2017 के लिए करार किया था। इस आधार पर उन्होंने मेडिकल की दुकान खोली थी।
विज्ञापन
30 मई 2017 को हरीपर्वत पुलिस ने उस स्थान को देखने के बाद वहां पुलिस चौकी खोल दी। दुकान को लाक कर दिया। पुलिस के इस व्यवहार से पीड़ित का कारोबार ठप हो गया। स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की, लेकिन राहत न मिलने पर पीड़ित ने हाईकोर्ट की शरण ली। पीड़ित ने मौके के फोटोग्राफ सबूत के तौर पर प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
काउंटर एफिडेविट में कहा ये
काउंटर शपथपत्र में कहा गया कि यह दुकान बिना विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए बनाई गई थी। इसके संबंध में प्राधिकरण की ओर धारा 27 की कार्रवाई की जा चुकी है। इस पर हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और सिद्धार्थ वर्मा ने सुनवाई करते हुए आगरा एसएसपी को आदेश दिए कि इस मामले में दो सप्ताह के अंदर एफआईआर दर्ज की जाए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर से जांच अधिकारी की नियुक्ति की जाए, जिसका इस मामले से कोई लेना देना नहीं हो।
हाईकोर्ट ने आगरा विकास प्राधिकरण को भी धारा 27 के नोटिस का चार सप्ताह के अंदर निराकरण करने का आदेश दिया है। इस संबंध में थाना प्रभारी हरीपर्वत और विकास प्राधिकरण के ओएसडी योेगेंद्र कुमार का कहना है कि अभी तक हाईकोर्ट के आदेश की प्रति प्राप्त नहीं हुई है। आदेश की प्रति मिलने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट ने आगरा विकास प्राधिकरण को भी धारा 27 के नोटिस का चार सप्ताह के अंदर निराकरण करने का आदेश दिया है। इस संबंध में थाना प्रभारी हरीपर्वत और विकास प्राधिकरण के ओएसडी योेगेंद्र कुमार का कहना है कि अभी तक हाईकोर्ट के आदेश की प्रति प्राप्त नहीं हुई है। आदेश की प्रति मिलने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।