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मरीज से संवेदनहीनता पर डा. श्वेतांक प्रकाश सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Oct 2016 11:37 PM IST
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शासन का कड़ा रुख, जांच अब कमिश्नर को सौंपी गई
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मरीज को मरने के लिए एडमिट कर लो, चाहें मार डालो... बयान से चर्चा मे आए एसएन मेडिकल कालेज के सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डाक्टर श्वेतांक प्रकाश को सस्पेंड कर दिया गया है। शासन ने प्रकरण की जांच भी कमिश्नर चंद्रकांत को सौंप दी है। शासन के रुख से लग रहा है कि उन पर और कड़ी कार्रवाई हो सकती है। उनके खिलाफ तहरीर पहले ही दी जा चुकी है। पुलिस को स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
बता दें कि, सात अक्तूबर को खंदारी निवासी टीकम सिंह अपने 18 साल के बेटे मुकेश को इमरजेंसी भर्ती कराने एसएन लाए थे। यहां भर्ती न किए जाने पर टीकम ने बोर्ड पर दर्ज नंबर पर फोन मिलाया। आरोप है कि ये फोन सर्जरी विभागाध्यक्ष डा. श्वेतांक प्रकाश ने उठाया। उसने टीकम के मोबाइल पर ही जूनियर डाक्टर से फोन पर बात की। कहा ‘मरने के लिए भर्ती कर लो, चाहे मार डालो, दस बोतल खून लिख दो, भाग जाएगा ।’ अगले दिन सुबह 10 बजे मुकेश की मौत हो गई। इसे शासन ने गंभीरता से लिया।
चिकित्सा विभाग के महानिदेशक डा. वीएन त्रिपाठी, महानिदेशक ने बताया कि डाक्टर का यह बयान चिकित्सकीय पेशे के खिलाफ है। मरीज की मौत भी हो जाती है। शासन ने इसे गंभीरता से लिया है। आरोपी विभागाध्यक्ष डा. श्वेतांक प्रकाश को सस्पेंड किया है। मामले की जांच आगरा के कमिश्नर करेंगे। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। बता दें, इस प्रकरण की जांच डीएम ने एडीएम सिटी को सौंपी थी। उधर, पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट देने के लिए कहा है। अगर मुकेश उपचार में लापरवाही साबित होती है तो और भी डाक्टरों की गर्दन फंस सकती है।
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विभागीय जांच कमेटी की मीटिंग आज
- एसएन मेडिकल कालेज की विभागीय कमेटी ऑडियो प्रकरण की जांच गुरुवार से शुरू कर रही है। कमेटी ने प्राचार्य कार्यालय में मीटिंग बुलाई है। संभावना जताई जा रही है कि इसमें ऑडियो की रिकार्डिंग के अलावा आरोपी चिकित्सक के बयान भी दर्ज हो सकते हैं।
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बता दें कि, सात अक्तूबर को खंदारी निवासी टीकम सिंह अपने 18 साल के बेटे मुकेश को इमरजेंसी भर्ती कराने एसएन लाए थे। यहां भर्ती न किए जाने पर टीकम ने बोर्ड पर दर्ज नंबर पर फोन मिलाया। आरोप है कि ये फोन सर्जरी विभागाध्यक्ष डा. श्वेतांक प्रकाश ने उठाया। उसने टीकम के मोबाइल पर ही जूनियर डाक्टर से फोन पर बात की। कहा ‘मरने के लिए भर्ती कर लो, चाहे मार डालो, दस बोतल खून लिख दो, भाग जाएगा ।’ अगले दिन सुबह 10 बजे मुकेश की मौत हो गई। इसे शासन ने गंभीरता से लिया।
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चिकित्सा विभाग के महानिदेशक डा. वीएन त्रिपाठी, महानिदेशक ने बताया कि डाक्टर का यह बयान चिकित्सकीय पेशे के खिलाफ है। मरीज की मौत भी हो जाती है। शासन ने इसे गंभीरता से लिया है। आरोपी विभागाध्यक्ष डा. श्वेतांक प्रकाश को सस्पेंड किया है। मामले की जांच आगरा के कमिश्नर करेंगे। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। बता दें, इस प्रकरण की जांच डीएम ने एडीएम सिटी को सौंपी थी। उधर, पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट देने के लिए कहा है। अगर मुकेश उपचार में लापरवाही साबित होती है तो और भी डाक्टरों की गर्दन फंस सकती है।
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विभागीय जांच कमेटी की मीटिंग आज
- एसएन मेडिकल कालेज की विभागीय कमेटी ऑडियो प्रकरण की जांच गुरुवार से शुरू कर रही है। कमेटी ने प्राचार्य कार्यालय में मीटिंग बुलाई है। संभावना जताई जा रही है कि इसमें ऑडियो की रिकार्डिंग के अलावा आरोपी चिकित्सक के बयान भी दर्ज हो सकते हैं।