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दुआएं कबूल, मुक्त हुआ दिव्य
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Mar 2016 01:22 AM IST
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मुख्यमंत्री के साथ्ा दिव्य
- फोटो : अमर उजाला आगरा
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चार दिन से बेचैन ताजनगरी को बृहस्पतिवार को सुकून मिला। लाखों शहरवासियों की दुआएं कबूल हुईं। सात साल का मासूम दिव्य अपहरणकर्ताओं की कैद से आजाद हो गया। पुलिस का दावा है कि ताजगंज क्षेत्र में गुुरुवार सुबह हुई मुठभेड़ के बाद उसे छुड़ाया गया है।उसका अपहरण दो करोड़ की फिरौती के लिए किया गया था। उसकी कोठी के पिछलेहिस्से में किराए पर रहने वाला जूता कारीगर इजाउल हक उर्फ बब्बू ने वारदात की साजिश रची थी। छह अपहर्ताओं में से चार पकड़ लिए गए हैं। अपहरण में इस्तेमाल बोलेरो कार बरामद कर ली गई है। दिव्य को पहले दिन आगरा शहर और अगले तीन दिन झांसी, जयपुर, धौलपुर, मुरैना, राजाखेड़ा में रखा गया।
दिल्ली पब्लिक स्कूल में कक्षा दो के छात्र दिव्य के पिता प्रतीक वार्ष्णेय स्टार पेपर के डिस्ट्रब्यूटर हैं। सेठ गली में हिंदुस्तानी पेपर के नाम से उनकी फर्म है। मदिया कटरा पर पेट्रोल पंप के पास कोठी है। दिव्य का अपहरण 13 मार्च की देर शाम उसकी दादी शशि वार्ष्णेय की आंखों के सामने सात बजे किया गया। वह उस समय कोठी के अंदर ही साइकिल चला रहा था। पूरी वारदात कोठी के सामने स्थित पिंटू के घर पर लगे चार सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। बाइक सवार दो बदमाश दिव्य को कोठी से उठाकर ले गए थे।
एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने मीडिया को बताया कि फुटेज से बदमाशों की पहचान कर ली गई थी। ताजगंज के दिगनेर नहर से बहटा गांव को जाने वाले रास्ते पर पुल के पास गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे पुलिस ने बदमाशों से मुठभेड़ के बाद दिव्य को मुक्त कराया। आगरा के शमसाबाद के गोपालपुरा का हिस्ट्रीशीटर मुबीन, सैयदपाड़ा लोहामंडी का अज्जो पहलवान, शहीदनगर का इलाउल हक उर्फ बब्बू और बबीना ललितपुर रोड, झांसी का समीर गिरफ्तार किए गए हैं। उनके दो साथी भाग निकले। गिरफ्तार बदमाशों से अपहरण में इस्तेमाल बोलेरो, तमंचा और कारतूस बरामद कर लिए गए हैं। बदमाशों ने पूछताछ में बताया है कि वे दो करोड़ फिरौती वसूलना चाहते थे, लेकिन अभी फोन भी नहीं कर पाए थे।
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सीएम ने ठोंकी पुलिस की पीठ
मुख्यमंत्री अखिलेश ने दिव्य को मुक्त कराने वाली पुलिस टीम की पीठ थपथपाई। सीएम ने दिव्य की बरामदगी के लिए खुद डीजीपी जावीद अहमद को फोन किया था। वे गुुरुवार को ताजनगरी में ही थे। उन्होंने खुलासे में शामिल पुलिस टीम के साथ फोटो भी खिंचवाए।
पूरे शहर ने खुशी मनाई
दिव्य की वापसी के लिए मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, स्कूलों समेत पूरे शहर में दुआ की गई थी। उसके मिलने पर कई जगह मिठाइयां बांटी गईं। उसे देखने उसके घर इतनी भीड़ जुटी कि मदिया कटरा रोड जाम हो गया। दिव्य के परिवार ने पुलिस व पूरे शहर का आभार जताया।
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दिल्ली पब्लिक स्कूल में कक्षा दो के छात्र दिव्य के पिता प्रतीक वार्ष्णेय स्टार पेपर के डिस्ट्रब्यूटर हैं। सेठ गली में हिंदुस्तानी पेपर के नाम से उनकी फर्म है। मदिया कटरा पर पेट्रोल पंप के पास कोठी है। दिव्य का अपहरण 13 मार्च की देर शाम उसकी दादी शशि वार्ष्णेय की आंखों के सामने सात बजे किया गया। वह उस समय कोठी के अंदर ही साइकिल चला रहा था। पूरी वारदात कोठी के सामने स्थित पिंटू के घर पर लगे चार सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। बाइक सवार दो बदमाश दिव्य को कोठी से उठाकर ले गए थे।
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एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने मीडिया को बताया कि फुटेज से बदमाशों की पहचान कर ली गई थी। ताजगंज के दिगनेर नहर से बहटा गांव को जाने वाले रास्ते पर पुल के पास गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे पुलिस ने बदमाशों से मुठभेड़ के बाद दिव्य को मुक्त कराया। आगरा के शमसाबाद के गोपालपुरा का हिस्ट्रीशीटर मुबीन, सैयदपाड़ा लोहामंडी का अज्जो पहलवान, शहीदनगर का इलाउल हक उर्फ बब्बू और बबीना ललितपुर रोड, झांसी का समीर गिरफ्तार किए गए हैं। उनके दो साथी भाग निकले। गिरफ्तार बदमाशों से अपहरण में इस्तेमाल बोलेरो, तमंचा और कारतूस बरामद कर लिए गए हैं। बदमाशों ने पूछताछ में बताया है कि वे दो करोड़ फिरौती वसूलना चाहते थे, लेकिन अभी फोन भी नहीं कर पाए थे।
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सीएम ने ठोंकी पुलिस की पीठ
मुख्यमंत्री अखिलेश ने दिव्य को मुक्त कराने वाली पुलिस टीम की पीठ थपथपाई। सीएम ने दिव्य की बरामदगी के लिए खुद डीजीपी जावीद अहमद को फोन किया था। वे गुुरुवार को ताजनगरी में ही थे। उन्होंने खुलासे में शामिल पुलिस टीम के साथ फोटो भी खिंचवाए।
पूरे शहर ने खुशी मनाई
दिव्य की वापसी के लिए मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, स्कूलों समेत पूरे शहर में दुआ की गई थी। उसके मिलने पर कई जगह मिठाइयां बांटी गईं। उसे देखने उसके घर इतनी भीड़ जुटी कि मदिया कटरा रोड जाम हो गया। दिव्य के परिवार ने पुलिस व पूरे शहर का आभार जताया।