पुलिस से बचने के लिए 'डॉन' का हत्यारा कभी बना 'रावण' तो कभी हलवाई, 13 साल बाद हुआ गिरफ्तार
- पुलिस को बेहोश कर 13 साल से फरार सजायफ्ता अपराधी राजबहादुर गिरफ्तार, दिल्ली, गुजरात और बिहार में गुजारे दिन
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आगरा में 13 साल पहले जिला अस्पताल में सिपाहियों को बेहोश करके फरार हुए सजायफ्ता अपराधी राजबहादुर उर्फ गुड्डू उर्फ अमित कुमार को थाना एत्माद्दौला पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। उसने फरारी के बाद दिल्ली, बिहार और गुजरात में अपना ठिकाना बनाया था। कभी हलवाई की नौकरी करके गुजारा किया तो कभी रामलीला में रावण का किरदार निभाया।
पुलिस के मुताबिक, ट्रांस यमुना कॉलोनी फेज दो निवासी राजबहादुर उर्फ गुड्डू उर्फ अमित कुमार ने वर्ष 1997 में एटा के थाना मलावन स्थित रसूलपुर सौहार गांव में एक व्यक्ति की हत्या की थी। वर्ष 2000 में एत्माद्दौला क्षेत्र में संजय डान की हत्या की थी। इस मुकदमे में राजबहादुर को आजीवन कारावास हुआ था।
वर्ष 2007 में उसने केंद्रीय कारागार से भागने की योजना बनाई। वह अपनी ही बैरक के कैदियों से भिड़ गया। इस दौरान पैर में चोट लग गई। वह गहरी चोट लगने का बहाना बनाता रहा। इस पर उसे जेल प्रशासन ने जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। उसकी अभिरक्षा में सिपाही लगे थे। उसने बहाने से सिपाहियों को नशीला पदार्थ मिली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद फरार हो गया था। मामले में थाना रकाबगंज में मुकदमा दर्ज हुआ था।
25 हजार रुपये का इनाम घोषित था
थाना एत्माद्दौला के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए स्वाट को भी लगाया गया था। तीन महीने पहले वह अपने एक रिश्तेदार से मिलने आया था। इस पर पुलिस ने घेराबंदी की थी। मगर, आरोपी फायरिंग करके भागने में सफल हो गया था।
रविवार को सूचना मिली कि फरार आरोपी शाहदरा की ओर आ रहा है। वह बिना नंबर की बाइक पर है। इस पर घेराबंदी की गई। इसके बाद आरोपी को पकड़ लिया गया। उसके पास से बिना नंबर की अपाचे, एक तमंचा और कारतूस बरामद किया। आरोपी के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला सहित सात मुकदमे दर्ज हैं।
रिश्तेदारों से नहीं करता था संपर्क
थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि आरोपी फरारी के बाद दिल्ली के मालवीय नगर चला गया था। यहां पर हलवाई का काम किया। इससे उसका खर्च चलता था। कुछ साल रुकने के बाद बिहार के समस्तीपुर चला गया। पत्नी को भी लेकर रहा। कई लोगों से जान पहचान बढ़ा ली। इस दौरान स्थानीय रामलीला में पात्रों की भूमिका निभाने लगा।
उससे रावण की भूमिका निभवाई जाती थी। कुछ साल पहले कासगंज के पटियाली में अपनी ससुराल आ गया। उसे पता था कि परिवार वालों और रिश्तेदारों के पास पुलिस जा रही है। इसलिए रिश्तेदारों से भी संपर्क नहीं करता था। उसे गिरफ्तार करने वाले पुलिस टीम में थाना प्रभारी सहित स्वाट प्रभारी राजकुमार गिरी, एसआई विनीत राणा, एसआई राहुल कुमार रहे।