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नाले पर कालेज, बाकी जमीन भी कब्जाई
ब्यूरो अमर उजाला आगरा।
Updated Sun, 19 Jul 2015 02:11 AM IST
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एत्मादपुर के संवाई-मितावली स्थित बरसाती नाले को पाटने का खेल नया नहीं है। तहसील प्रशासन की मिलीभगत से बरसों पुराने नाले का अस्तित्व ही खत्म सा कर दिया है। खेतों से होकर गुजर रहे इस नाले को कई स्थानों पर पाटकर समतल कर दिया गया है। मोहरश्री इंटर कालेज का काफी हिस्सा नाले की जमीन पर बना हुआ है। कई स्थानों पर बनी नाले की पुलिया ही शेष बची हैं। इन्हें भी तोड़कर जमीन में मिलाने की कोशिशें चल रही हैं। उधर, संवाई के दबंगों के नाले की जमीन कब्जाने के मामले में तहसील प्रशासन जांच कर रहा है।
संवाई-मितावली में तेइस साल पहले बनाए गए इस नाले के अब अवशेष ही बचे हैं। नाले का ज्यादातर हिस्सा दिखाई नहीं देता है। लेकिन नाले की पक्की पुलिया आज भी यहां नाला होने की गवाही देती हैं। इन पुलिया को भी तोड़कर खेतों में मिलाने की साजिश चल रही है। बुढ़िया के ताल तक जाने वाले इस नाले पर ताल से कुछ आगे चलने पर मोहरश्री इंटर कालेज की इमारत दिखाई देती है। हालांकि नाला इस कालेज के पीछे से होकर गुजरता था, लेकिन विद्यालय वालों ने नाले की जमीन को भी दबाया जाना प्रतीत होता है। इसी तरह कई स्थानों पर नाले की जमीन अब समतल हो चुकी है। ये पूरा खेल तहसील प्रशासन की मिलीभगत के बगैर नहीं हो सकता। तहसील के अभिलेखों में नाले का रिकार्ड होगा। शनिवार को संवाई गांव में नाले की पुलिया से एक सौ मीटर की दूरी पर नाले की जमीन पर मिट्टी में ट्रैक्टर से जुताई का काम चल रहा था। वहीं शुक्रवार को नाले के जिस हिस्से पर जेसीबी मशीन से काम चल रहा था, वहां शनिवार को काम नहीं हुआ। नाले पर कब्जा करने वाले सत्ता से जुड़े दबंग लोग हैं। तहसीलदार ने शुक्रवार को मौका मुआयना किया था। लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई थी। नायब तहसीलदार का कहना है कि अभी रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। यदि मौके पर नाले की पुलिया हैं तो नाला माना जाएगा। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्यवाही की जाएगी।
सिंचाई विभाग ने कराया था पौधरोपण
नाले के किनारे पर कई साल पहले सिंचाई विभाग ने पौधरोपण भी कराया था। लेकिन वक्त के साथ सब कुछ मिट्टी में मिल गया। अब यहां के ग्रामीण भी नाले पर हो रहे कब्जे को लेकर खामोश हैं।
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धमका रहे हैं दबंग, दे रहे धमकियां
नाले पर कब्जे की शिकायत तहसील प्रशासन के अधिकारियों तक पहुंचने पर नाला कब्जाने वाले सत्ताधारी दल से जुड़े दबंग भड़क गए। उन्होंने लोगों को धमकाया। कहा कि वे देखते हैं कि उन्हें यहां काम करने से कौन रोकता है। लेखपाल ही तो रिपोर्ट देगा। दबंगों ने अपने लोगों को नाले के आसपास भी लगा रखा है। किसी अजनबी व्यक्ति को देखकर वह पूछताछ करने लगते हैं।
फोटो
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संवाई-मितावली में तेइस साल पहले बनाए गए इस नाले के अब अवशेष ही बचे हैं। नाले का ज्यादातर हिस्सा दिखाई नहीं देता है। लेकिन नाले की पक्की पुलिया आज भी यहां नाला होने की गवाही देती हैं। इन पुलिया को भी तोड़कर खेतों में मिलाने की साजिश चल रही है। बुढ़िया के ताल तक जाने वाले इस नाले पर ताल से कुछ आगे चलने पर मोहरश्री इंटर कालेज की इमारत दिखाई देती है। हालांकि नाला इस कालेज के पीछे से होकर गुजरता था, लेकिन विद्यालय वालों ने नाले की जमीन को भी दबाया जाना प्रतीत होता है। इसी तरह कई स्थानों पर नाले की जमीन अब समतल हो चुकी है। ये पूरा खेल तहसील प्रशासन की मिलीभगत के बगैर नहीं हो सकता। तहसील के अभिलेखों में नाले का रिकार्ड होगा। शनिवार को संवाई गांव में नाले की पुलिया से एक सौ मीटर की दूरी पर नाले की जमीन पर मिट्टी में ट्रैक्टर से जुताई का काम चल रहा था। वहीं शुक्रवार को नाले के जिस हिस्से पर जेसीबी मशीन से काम चल रहा था, वहां शनिवार को काम नहीं हुआ। नाले पर कब्जा करने वाले सत्ता से जुड़े दबंग लोग हैं। तहसीलदार ने शुक्रवार को मौका मुआयना किया था। लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई थी। नायब तहसीलदार का कहना है कि अभी रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। यदि मौके पर नाले की पुलिया हैं तो नाला माना जाएगा। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्यवाही की जाएगी।
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सिंचाई विभाग ने कराया था पौधरोपण
नाले के किनारे पर कई साल पहले सिंचाई विभाग ने पौधरोपण भी कराया था। लेकिन वक्त के साथ सब कुछ मिट्टी में मिल गया। अब यहां के ग्रामीण भी नाले पर हो रहे कब्जे को लेकर खामोश हैं।
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धमका रहे हैं दबंग, दे रहे धमकियां
नाले पर कब्जे की शिकायत तहसील प्रशासन के अधिकारियों तक पहुंचने पर नाला कब्जाने वाले सत्ताधारी दल से जुड़े दबंग भड़क गए। उन्होंने लोगों को धमकाया। कहा कि वे देखते हैं कि उन्हें यहां काम करने से कौन रोकता है। लेखपाल ही तो रिपोर्ट देगा। दबंगों ने अपने लोगों को नाले के आसपास भी लगा रखा है। किसी अजनबी व्यक्ति को देखकर वह पूछताछ करने लगते हैं।
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