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चंबल नदी में डूबा युवक, तीन साथियों को बचाया
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 26 Sep 2015 01:35 AM IST
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पिनाहट के गांव पडुआपुरा में एक वृद्धा की अंत्येष्टि में गए चार युवक चंबल नदी में नहाते समय डूब गए। इससे एक की मौत हो गई। जबकि तीन को ग्रामीणों ने बचा लिया। हादसे की जानकारी होने पर परिवार में कोहराम मच गया।
पिनाहट के गांव पडुआपुरा निवासी देवदत्त परिहार की मां सरस्वती देवी (80) शुक्रवार सुबह निधन हो गया था। ग्रामीण शव अंत्येष्टि के लिए चंबल नदी घाट पर ले गए। वहां अंत्येष्टि के बाद सभी लोग नदी में नहाने लगे। इसी दौरान गांव के संतोष (20) पुत्र पूरन सिंह, विश्वजीत पुत्र प्रहलाद, भूरा पुत्र केशव और मांगे पुत्र देवदत्त डूबने लगे। यह देख वहां लोगों में हड़कंप मच गया। तभी गांव के ही तैराक दिनेश, रामकिशोर और रादर सिंह ने नदी में छलांग लगाकर भूरा, विश्वजीत, मांगे सिंह को निकाल लिया। जबकि संतोष उन्हें नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद शव को नदी से ढूंढ निकाला। हादसे की जानकारी होने पर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। संतोष को पिनाहट के दुर्गपाल सिंह महाविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र बताया गया है।
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यमुना में डूबे दो भाइयों के शव 18 घंटे बाद मिले
बाह। चित्राहाट के कचौराघाट गांव में यमुना में डूबे दो भाइयों के शव 18 घंटे बाद बरामद कर लिए गए। दोनों सगे भाइयों की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बता दें कि कचौराघाट निवासी वेदप्रकाश यादव और सुशीला देवी के दो पुत्र और दो पुत्री थीं। पुत्रियों की शादी हो गई है। जबकि अमन (12) कक्षा पांच और शिवमोहन (10) कक्षा तीन की पढ़ाई कर रहे थे। गुरुवार शाम दोनों भाई यमुना में डूब गए थे। 18 घंटे के रेस्क्यू आपरेशन के बाद शुक्रवार पूर्वाह्न लगभग 11 बजे दोनों के शव बरामद हो सके। एक साथ दोनों बेटों के शव देख वेदप्रकाश और सुशीला देवी बेहोश हो गईं। घटना की जानकारी पर पहुंचे सपा जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव, तहसीलदार कुमार संजय ने पीड़ित परिवार को शासन से मदद दिलाने का भरोसा दिलाया।
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पिनाहट के गांव पडुआपुरा निवासी देवदत्त परिहार की मां सरस्वती देवी (80) शुक्रवार सुबह निधन हो गया था। ग्रामीण शव अंत्येष्टि के लिए चंबल नदी घाट पर ले गए। वहां अंत्येष्टि के बाद सभी लोग नदी में नहाने लगे। इसी दौरान गांव के संतोष (20) पुत्र पूरन सिंह, विश्वजीत पुत्र प्रहलाद, भूरा पुत्र केशव और मांगे पुत्र देवदत्त डूबने लगे। यह देख वहां लोगों में हड़कंप मच गया। तभी गांव के ही तैराक दिनेश, रामकिशोर और रादर सिंह ने नदी में छलांग लगाकर भूरा, विश्वजीत, मांगे सिंह को निकाल लिया। जबकि संतोष उन्हें नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद शव को नदी से ढूंढ निकाला। हादसे की जानकारी होने पर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। संतोष को पिनाहट के दुर्गपाल सिंह महाविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र बताया गया है।
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यमुना में डूबे दो भाइयों के शव 18 घंटे बाद मिले
बाह। चित्राहाट के कचौराघाट गांव में यमुना में डूबे दो भाइयों के शव 18 घंटे बाद बरामद कर लिए गए। दोनों सगे भाइयों की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बता दें कि कचौराघाट निवासी वेदप्रकाश यादव और सुशीला देवी के दो पुत्र और दो पुत्री थीं। पुत्रियों की शादी हो गई है। जबकि अमन (12) कक्षा पांच और शिवमोहन (10) कक्षा तीन की पढ़ाई कर रहे थे। गुरुवार शाम दोनों भाई यमुना में डूब गए थे। 18 घंटे के रेस्क्यू आपरेशन के बाद शुक्रवार पूर्वाह्न लगभग 11 बजे दोनों के शव बरामद हो सके। एक साथ दोनों बेटों के शव देख वेदप्रकाश और सुशीला देवी बेहोश हो गईं। घटना की जानकारी पर पहुंचे सपा जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव, तहसीलदार कुमार संजय ने पीड़ित परिवार को शासन से मदद दिलाने का भरोसा दिलाया।
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